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अफगानिस्तान में एक बार फिर हिली धरती, आया 5.5 तीव्रता का भूंकप; नुकसान की खबर नहीं

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, बुधवार को पूर्वोत्तर अफगानिस्तान के जुर्म क्षेत्र के निकट 5.5 तीव्रता का भूकंप आया।

अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप ने दहशत फैला दी है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, बुधवार को जुर्म क्षेत्र के निकट 5.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र भूमि से 216.7 किलोमीटर (लगभग 135 मील) की काफी अधिक गहराई पर था। गहराई अधिक होने के कारण सतह पर कंपन अपेक्षाकृत कम महसूस किया गया। अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या हताहत की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

पहाड़ी इलाकों में अक्सर आते हैं भूकंप

बता दें कि अफगानिस्तान भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट की सीमा पर स्थित है, जो इसे दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंप क्षेत्रों में से एक बनाता है। हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला इस क्षेत्र को और भी संवेदनशील बनाती है। उत्तर-पूर्वी बदख्शां प्रांत समेत पहाड़ी इलाकों में नियमित रूप से भूकंप आते रहते हैं, जिनके झटके अक्सर पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और भारत के उत्तरी हिस्सों तक महसूस किए जाते हैं।

27 जून को आया था 6.2 तीव्रता का भूकंप

इससे पहले शनिवार 27 जून को भी उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। USGS के मुताबिक, इसका केंद्र बदख्शां प्रांत के जुर्म के पास 208 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप के झटके अफगानिस्तान के अलावा पाकिस्तान, उत्तरी भारत, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिस्तान तक महसूस किए गए थे।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने इसे 215 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया और बताया कि भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 7:04 बजे आया था। अफगानिस्तान के बदख्शां, बल्ख, नंगरहार और खोस्त समेत कई प्रांतों में तेज कंपन महसूस किया गया। काबुल में लोगों ने बताया था कि इमारतें हिलीं और कुछ इमारतों में दरारें भी पड़ गईं थीं।

पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफ़गानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र था। इसके झटके इस्लामाबाद के साथ-साथ पूर्वी पंजाब प्रांत और उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में भी महसूस किए गए, जो अफगानिस्तान की सीमा से लगा हुआ है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भी इसके झटके महसूस किए गए।

यह ताजा यह घटना पिछले वर्षों में आए सबसे घातक भूकंप के करीब एक साल बाद हुई है। सितंबर 2025 में पूर्वी अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें शुरुआती जानकारी के अनुसार 800 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि जब बचाव दल दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचे तो मृतकों की संख्या बढ़कर 2,200 से अधिक हो गई, जबकि कम से कम 2,800 लोग घायल हुए थे।

अफगानिस्तान पिछले कुछ वर्षों से लगातार विनाशकारी भूकंपों की मार झेल रहा है। अक्टूबर 2023 में पश्चिमी प्रांत हेरात के पास आए शक्तिशाली भूकंपों की श्रृंखला में 2000 से ज्यादा लोग मारे गए थे और हजारों घायल हुए थे। वह तबाही दशकों में देश की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदाओं में शामिल हो गई थी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN