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अश्लील AI कंटेंट के खिलाफ कंगना रनौत पहुंचीं हाई कोर्ट; अदालत ने नोटिस जारी किया, पूछा एक सवाल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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अभिनेत्री और भाजपा सांसद के वकील ने कहा कि तथ्यों की जांच से साबित होता है कि यह सभी आपत्तिजनक सामग्री एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाई गई हैं।

रिपोर्ट- हेमलता कौशिक

बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने अपने व्यक्तित्व के अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। यह याचिका कंगना की तरफ से बुधवार को हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी। जिसके बाद सुनवाई करते हुए जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया और उनसे पूछा कि वह कौन लोग हैं, जिनके खिलाफ सामग्री हटाने का आदेश जारी करने को कहा जा रहा है। इसके अलावा पीठ ने अभिनेत्री की तरफ से दायर अंतरिम रोक की याचिका पर भी नोटिस जारी किया है।

कंगना रनौत के वकील ने पीठ को बताया कि वह सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार पोस्ट की जाने वाली पोर्नोग्राफिक और अश्लील सामग्री (कंटेंट) से परेशान हैं। उन्होंने अभिनेत्री के खिलाफ एआई से बनी कुछ खास सामग्रियों का भी जिक्र किया। अभिनेत्री के वकील ने कहा कि तथ्यों की जांच से साबित होता है कि यह सभी आपत्तिजनक सामग्री एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाई गई हैं।

कंगना के वकील ने कहा- ऐसी कोई तस्वीर ही नहीं

वकील ने आगे कहा कि तथ्यों की जांच में पाया गया है कि ऐसी कोई असली तस्वीर नहीं है। पीठ ने अभिनेत्री के वकील से उन प्रतिवादियों के नाम बताने को कहा जिनके खिलाफ सामग्री हटाने का आदेश मांगा जा रहा है। अब अभिनेत्री की अंतरिम रोक की याचिका पर आदेश पारित किया जा सकता है। पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी 2027 तय की है।

कंगना के वकील बोले- फिलहाल राहत का अनुरोध नहीं कर रहे

रनौत के वकील ने उनके बारे में यौन और अश्लील ग्राफिक सामग्री, फर्जी खबरों के साथ-साथ भाजपा नेता ने जो बातें वास्तव में नहीं कही हैं, उन्हें एआई से तैयार सामग्री में उनके नाम से गलत तरीके से पेश किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ‘मीम’ और अन्य आपत्तिजनक व्यंग्यात्मक सामग्री भी मौजूद है, लेकिन अंतरिम राहत के स्तर पर वह इनके खिलाफ राहत का अनुरोध नहीं कर रहे हैं।

विजय देवरकोंडा की याचिका पर भी समन जारी किया

उधर अदालत ने तेलुगु अभिनेता विजय देवरकोंडा की व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़ी एक अलग याचिका पर भी समन जारी किए और कहा कि वह इस मामले में भी अंतरिम आदेश पारित करेगी। देवरकोंडा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि विभिन्न माध्यमों से तीसरे पक्ष द्वारा अभिनेता के व्यक्तित्व का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें उनके व्यक्तित्व से जुड़ी विशेषताओं वाले सामान की बिक्री भी शामिल है।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि एआई से तैयार सोशल मीडिया पोस्ट, अभिनेता का रूप धारण करने, झूठे प्रचार और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के मामले भी सामने आए हैं।

बता दें कि इससे पहले बॉलीवुड कलाकार ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और सलमान खान, ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और क्रिकेटर अभिषेक शर्मा समेत कई सार्वजनिक हस्तियां अपने व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों की सुरक्षा के अनुरोध को लेकर उच्च न्यायालय का रूख कर चुके हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN