Home World News hindi ईरान में निकला अली खामेनेई का जनाजा, कहां और कब दफन किए...

ईरान में निकला अली खामेनेई का जनाजा, कहां और कब दफन किए जाएंगे सुप्रीम लीडर?

5
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, केवल तेहरान में ही अगले तीन दिनों के भीतर 1.5 से 2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व कड़े इंतजाम किए गए हैं।

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे की शुरुआत शनिवार को राजधानी तेहरान में बेहद गमगीन माहौल में शुरू हो चुकी है। इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण के साक्षी बनने और अपने नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान की सड़कों और ग्रैंड मुसल्ला परिसर में लाखों की संख्या में ईरानी नागरिक उमड़ पड़े हैं। आपको बता दें कि 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही पूरे देश में शोक की लहर है।

तेहरान के विशाल ग्रैंड मुसल्ला परिसर में जब अली खामेनेई के ताबूत को लाया गया तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। उनके पार्थिव शरीर को इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया था और ताबूत के ऊपर उनकी पारंपरिक काली पगड़ी रखी गई थी। इसी हवाई हमले में मारे गए उनके परिवार के अन्य सदस्यों के शवों को भी उनके साथ रखा गया है, जिसमें उनकी 14 महीने की पोती का छोटा सा ताबूत भी शामिल था, जिसे देख वहां मौजूद जनसैलाब रो पड़ा।

न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार, जैसे ही शनिवार सुबह परिसर के द्वार आम जनता के लिए खोले गए कि हजारों की संख्या में रोते-बिलखते लोग भीतर दाखिल हुए। देखते ही देखते विशाल परिसर का मुख्य प्रांगण पूरी तरह भर गया। शोक में डूबे लोगों के हाथों में लाल झंडे और बैनर थे, जिन्हें बलूच और इस्लामी परंपरा में प्रतिशोध का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान भीड़ ने अमेरिका मुर्दाबाद और बदला, बदला के नारे भी लगाए। एसोसिएटेड प्रेस से बात करते हुए एक 27 वर्षीय प्रदर्शनकारी ने कहा, “मैं अपने प्रिय नेता को विदा करने आया हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन देखना पड़ेगा। काश इस त्रासदी से पहले मेरी मौत हो गई होती।”

भारत से पहुंचा उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल

इस कार्यक्रम में भारत की ओर से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहा है। भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा तेहरान पहुंचे हैं और उन्होंने भारत की तरफ से दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

छह दिनों तक दो देशों में चलेगा अंतिम सफर

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, केवल तेहरान में ही अगले तीन दिनों के भीतर 1.5 से 2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व कड़े इंतजाम किए गए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, खामेनेई का पार्थिव शरीर सोमवार तक तेहरान में ही अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां एक विशाल शोक जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद मंगलवार को उनके शव को शिया धार्मिक गतिविधियों के मुख्य केंद्र कौम ले जाया जाएगा। बुधवार को उनका अंतिम सफर पड़ोसी देश इराक के पवित्र शिया शहरों से होकर गुजरेगा। अंत में गुरुवार यानी 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी ईरान में स्थित उनके गृह नगर और पवित्र शहर मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN