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एआई ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में किस तरह की ‘घुसपैठ’

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Source :- BBC INDIA

ऑस्ट्रेलिया की सरकारी सेवाओं की मंत्री कैटी गैलागर 24 सितंबर, 2026 को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में मीडिया से बात करती हुईं. यह जानकारी सामने आने के बाद वह मीडिया से बात कर रही थीं कि ओपनएआई द्वारा विकसित एक एआई एजेंट ने जून में ऑस्ट्रेलियाई सरकार की एक वेबसाइट में सेंध लगाई थी

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विशेषज्ञों का कहना है कि जून में ओपनएआई के एक अनधिकृत एजेंट ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार की एक वेबसाइट को हैक कर लिया था. एआई ने पर्सनल डेटा तक पहुंच हासिल कर ली थी.

ये दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला है.

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने बुधवार को न्यूयॉर्क में कहा कि ओपनएआई एजेंट ने ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सल हेल्थ सर्विस स्कीम मेडिकेयर से जुड़े “गैर-संवेदनशील” डेटा वाले एक पोर्टल में “घुसपैठ” की थी.

उन्होंने ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के साथ डेटा लीक को सार्वजनिक करने में “बहुत अधिक देरी” करने को लेकर खुलकर चर्चा की और कहा कि इसके “कानूनी परिणाम” होंगे.

ओपनएआई ने कहा कि उसे इस सेंध की जानकारी अगस्त में तब हुई, जब वह “ग़लत दिशा में काम कर रहे मॉडल की गतिविधि” की समीक्षा कर रहा था. इसके बाद 10 सितंबर को उसने ऑस्ट्रेलियाई सरकार की एक एजेंसी के सामान्य ईमेल इनबॉक्स पर इसकी जानकारी भेजी.

पाँच दिन बाद, उस सरकारी एजेंसी सर्विसेज़ ऑस्ट्रेलिया ने इस ईमेल को ऑस्ट्रेलिया के साइबर सुरक्षा केंद्र के पास भेज दिया. इसके बाद एक सरकारी मंत्री को इसकी जानकारी दी गई और फिर प्रधानमंत्री को बताया गया.

अल्बनीज़ ने कहा कि उन्होंने ऑल्टमैन से बात की और इस घटना को लेकर ‘ऑस्ट्रेलिया की बेहद गंभीर चिंता’ और कंपनी की ओर से इस सेंध की जानकारी देने में महीनों की देरी पर अपनी ‘निराशा’ जताई. उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह कंपनी ने इसकी जानकारी दी, उससे भी वह निराश हैं.

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑल्टमैन ने माना है कि ओपनएआई में ‘प्रोटोकॉल से जुड़ी कुछ समस्याएं’ थीं.

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ कई झंडों के सामने एक संवाददाता सम्मेलन में भाषण दे रहे हैं. उन्होंने गहरे रंग का सूट, लाल धारीदार टाई और काले रंग का चश्मा पहना हुआ है.

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पीएम ने ‘फॉरेंसिक जाँच’ की कही बात

अल्बनीज़ ने कहा कि देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी की अगुआई में ‘फॉरेंसिक जाँच’ की जाएगी, ताकि पता लगाया जा सके कि सरकार के दूसरे सिस्टम भी प्रभावित हुए हैं या नहीं.

उन्होंने कहा कि इस जाँच में यह भी देखा जाएगा कि क्या इस मामले को पुलिस के पास भेजने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि इसमें ‘ज़ाहिर तौर पर क़ानूनी परिणाम होंगे.’

अल्बनीज़ ने सेंध के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इसमें मेडिकेयर स्टैटिस्टिक्स रिपोर्टिंग सर्विस पोर्टल की ‘सार्वजनिक और गैर-सार्वजनिक फ़ाइलें’ शामिल थीं. इस पोर्टल पर “गैर-संवेदनशील” डेटा और आँकड़े मौजूद हैं.

सरकार के तीन अन्य सिस्टम भी ‘प्रभावित हो सकते हैं.’ इनमें ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ एंड वेलफ़ेयर और दो राज्यों की एजेंसियाँ, न्यू साउथ वेल्स ब्यूरो ऑफ़ क्राइम स्टैटिस्टिक्स एंड रिसर्च और विक्टोरिया का स्वास्थ्य विभाग शामिल हैं.

अल्बनीज़ ने कहा, “इस समय ऐसा नहीं माना जा रहा है कि किसी की निजी जानकारी तक पहुँच बनाई गई है, लेकिन जाँच जारी है.”

उन्होंने कहा, “इसके बावजूद यह स्थिति साफ़ तौर पर नामंज़ूर है.”

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SOURCE : BBC NEWS