Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- सरकार के मुताबिक, नए नियम से करीब 96 फीसदी मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा
- यानी रोजमर्रा की खरीदारी और छोटे-मोटे पेमेंट पहले की तरह किए जा सकेंगे
- सरकार ने यह भी साफ किया है कि दुकानदार MDR चार्ज को अलग से UPI शुल्क बताकर ग्राहकों से नहीं वसूल सकते
UPI MDR Charge New Date: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है। 13 अक्टूबर को हुई UPI स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। पहले इस नए नियम को 15 अक्टूबर 2026 से लागू करने की तैयारी थी। अब NPCI इसकी नई तारीख का ऐलान अलग से करेगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि यह चार्ज पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इस बीच, UPI पेमेंट पर MDR चार्ज लगाने का फैसला दिवाली तक टाल दिया गया है। अब सवाल है कि नया चार्ज कब से लागू होगा। आइए जानते हैं डिटेल में..
कब तक लागू होगा नया चार्ज?
UPI पर MDR चार्ज दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा। हालांकि, NPCI ने अभी तक इसकी पक्की तारीख का ऐलान नहीं किया है। नई तारीख की जानकारी अलग से दी जाएगी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में नवंबर के दूसरे हफ्ते में इसे लागू किए जाने की संभावना जताई गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब UPI पेमेंट करने पर पैसे देने होंगे?
नहीं, आम ग्राहकों को हर UPI पेमेंट पर अलग से चार्ज नहीं देना होगा। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने पर ट्रांसफर की रकम चाहे जितनी हो, वह मुफ्त रहेगा। इसी तरह, दुकानदार को 2,000 रुपये तक का UPI पेमेंट करने पर भी MDR चार्ज नहीं लगेगा। इसके अलावा, तय नियमों के तहत QR कोड से महीने में 1 लाख रुपये तक का UPI पेमेंट पाने वाले छोटे दुकानदारों को भी इस चार्ज से छूट मिलेगी।
करीब 96% UPI पेमेंट पर नहीं पड़ेगा असर
सरकार के मुताबिक, नए नियम से करीब 96 फीसदी मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी रोजमर्रा की खरीदारी और छोटे-मोटे पेमेंट पहले की तरह किए जा सकेंगे। सरकार ने यह भी साफ किया है कि दुकानदार MDR चार्ज को अलग से UPI शुल्क बताकर ग्राहकों से नहीं वसूल सकते। हालांकि, नए नियम लागू होने के बाद कारोबारियों पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह उनकी पेमेंट कैटेगरी और लागू चार्ज पर निर्भर करेगा।
MDR चार्ज लगाने की जरूरत क्यों पड़ी?
UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कई साल से इस पर MDR चार्ज नहीं लिया जा रहा था। लेकिन अब UPI ट्रांजैक्शन की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ बैंकों और पेमेंट कंपनियों के सामने इस पूरे सिस्टम को चलाने और बनाए रखने की लागत का सवाल भी उठ रहा है। इसी वजह से चुनिंदा व्यापारी पेमेंट पर चार्ज लगाने की व्यवस्था लाने की तैयारी की गई। सितंबर में नए MDR ढांचे का ऐलान हुआ था, लेकिन त्योहारों के सीजन को देखते हुए इसे लागू करने की तारीख आगे बढ़ा दी गई।
दुकानदारों और ग्राहकों के लिए क्या मायने हैं?
फिलहाल आम ग्राहकों के रोजमर्रा के UPI पेमेंट पर किसी बड़े बदलाव की बात नहीं है। वहीं, दुकानदारों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि उनकी कैटेगरी पर नया चार्ज लागू होता है या नहीं। NPCI ने फिलहाल फैसला सिर्फ टाला है, वापस नहीं लिया है। अब सभी की नजर दिवाली के बाद होने वाली आधिकारिक घोषणा पर है, जिससे साफ होगा कि नया MDR चार्ज कब से और किन पेमेंट पर लागू होगा।
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