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कमजोर लिस्टिंग के बाद इस IPO में आई तूफानी तेजी, लगा 5% का अपर सर्किट; अब खरीदें या बेच दें?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

शेयर बाजार में सोमवार को लिस्ट हुई आस्था स्पिनटेक्स (Aastha Spintex) ने पहले निवेशकों को निराश किया, लेकिन कुछ ही मिनटों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कंपनी का शेयर अपने आईपीओ प्राइस से नीचे लिस्ट हुआ, लेकिन उसके बाद खरीदारी इतनी तेज हुई कि शेयर सीधे 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। ऐसे में अब निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि इस शेयर में आगे क्या करना चाहिए, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

शेयर में लगा 5% का अपर सर्किट

आस्था स्पिनटेक्स (Aastha Spintex) का शेयर ₹136 के आईपीओ प्राइस के मुकाबले ₹130 पर लिस्ट हुआ, यानी निवेशकों को पहले दिन करीब 4.41% का डिस्काउंट देखने को मिला। हालांकि, कमजोर शुरुआत के बावजूद बाजार खुलते ही शेयर में खरीदारी बढ़ गई और यह अपने 5% अपर सर्किट तक पहुंच गया। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹598 करोड़ हो गया।

₹170 करोड़ का आईपीओ

कंपनी का ₹170 करोड़ का आईपीओ निवेशकों के बीच अच्छा रिस्पॉन्स पाने में सफल रहा था। यह इश्यू अंतिम दिन 4.64 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस वजह से बाजार को उम्मीद थी कि शेयर बेहतर लिस्टिंग देगा, लेकिन शुरुआती प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। हालांकि बाद में निवेशकों का भरोसा लौटता दिखाई दिया।

आस्था स्पिनटेक्स (Aastha Spintex) गुजरात के मोरबी जिले के हलवद में स्थित अपनी यूनिट से कॉटन यार्न, कॉटन बेल्स और अन्य संबंधित उत्पादों का निर्माण और कारोबार करती है। कंपनी कार्डेड, कॉम्ब्ड और कॉम्पैक्ट कॉम्ब्ड कॉटन यार्न बनाने के क्षेत्र में काम करती है। इसके पास स्पिनिंग और जिनिंग की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सुविधा भी मौजूद है।

मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि कंपनी के फंडामेंटल पहले के मुकाबले काफी मजबूत हुए हैं। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की वेल्थ हेड शिवानी न्याती के अनुसार, कंपनी ने पिछले दो सालों में शानदार वित्तीय सुधार दिखाया है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी की आय ₹239 करोड़ थी, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में ₹351 करोड़ हो गई। वहीं, नेट प्रॉफिट सिर्फ ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ तक पहुंच गया, जो कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है।

कंपनी आईपीओ से जुटाई गई राशि का सबसे बड़ा हिस्सा फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड (Falcon Yarns Private Limited) के अधिग्रहण में लगाएगी। इस अधिग्रहण पर करीब ₹111.51 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा ₹10 करोड़ वर्किंग कैपिटल (Working Capital) के लिए और बाकी राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों में इस्तेमाल होगी। एक्सपर्ट का मानना है कि फाल्कन यार्न्स (Falcon Yarns) के अधिग्रहण से कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में ग्रोथ को गति मिल सकती है।

हालांकि, निवेशकों को एक जोखिम भी ध्यान में रखना चाहिए। कंपनी का कारोबार काफी हद तक कपास (Cotton) की कीमतों पर निर्भर है। अगर कॉटन की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, तो कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

अब क्या करें?

एक्सपर्ट की राय है कि जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर मिले हैं, वे फिलहाल होल्ड कर सकते हैं। कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है और भविष्य में ग्रोथ की संभावना भी दिखाई दे रही है। हालांकि, सुरक्षा के लिए ₹120 का स्टॉप लॉस रखना बेहतर माना जा रहा है। वहीं, नए निवेशकों को जल्दबाजी करने के बजाय कुछ दिनों तक शेयर की चाल और कारोबार पर नजर रखने के बाद ही निवेश का फैसला लेना चाहिए। फिलहाल, यह शेयर शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव दिखा सकता है, लेकिन मीडियम और लॉन्ग टर्म में इसके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN