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कल्पना नहीं असली है मैं वापस आऊंगा का ये सीन, इम्तियाज ने बताया कैसे बनाई फिल्म?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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इम्तियाज अली ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में बताया कि उन्हें मैं वापस आऊंगा की कहानी बनाने का आइडिया उन्हें कहां से आया। उन्होंने दो भाइयों की कहानी बताई जो अटारी बॉर्डर चले गए थे और दूसरी तरफ जाने की जिद्द करने लगे थे। 

इम्तियाज अली की मैं वापस आऊंगा सिनेमाघरों में कमाल कर रही है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म की हर कोई तारीफ कर रहा है। इम्तियाज अली भी लगातार अलग-अलग पॉडकास्ट में अपनी फिल्म के बारे में बता रहे हैं। अब एक पॉडकास्ट में इम्तियाज अली ने बताया कि उन्हें कैसे मैं वापस आऊंगा का आइडिया आया। उन्होंने दो ऐसे भाइयों की कहानी सुनाई जो अटारी बॉर्डर जाकर उस पार जाने की जिद्द करने लगे थे।

इम्तियाज ने बताया मैं वापस आऊंगा का प्रोसेस

इंडियन एक्सप्रेस हिंदी के साथ खास बातचीत में इम्तियाज से पूछा गया कि उनका फिल्म बनाने का प्रोसेस क्या होता है? क्या वो किसी घटना या किसी किरदार को पहले सोचते हैं और फिर फिल्म की कहानी बनाते हैं? इम्तियाज ने इसी सवाल के जवाब में बताया कि मैं वापस आऊंगा एक घटना से निकली फिल्म है।

इम्तियाज ने सुनाई दो भाइयों की कहानी

इम्तियाज ने बताया, “मिस्टर इंद्रजीत जे जी जो आज भी चंडीगढ़ में रहते हैं, 11 सेक्टर में। आज 95 साल के। उन्होंने अपने बड़े भाई के साथ, दोनों 90s में थे। एक सफर तय किया था। वो लोग अटारी बॉर्डर पर गए थे। उन लोगों को वहां जाकर अचानक लगा कि ये गेट क्यों बन गया है यहां पर। हमें तो वहां जाना है जहां हम पढ़ाई किया करते हैं, जहां हमारी यादें हैं। कुछ काम था। अब वो बहस कर रहे हैं बीएसएफ वालों से कि हमें वहां जाने दो, आप क्यों हमें जाने नहीं दे रहे हैं।”

इम्तियाज ने आगे बताया कि वो अपने अल्जाइमर और डिमेंशिया की वजह से कि बंटवारे जैसी कोई चीज हुई थी। बहुत सारी चीजें उनके जहन से उतर चुकी थीं। इम्तियाज ने बताया कि उन्हें किसी मनोचिकित्सक ने बताया था कि जब आपकी याददाश्त जाती है, तो पुरानी यादें आखिरी तक आपके साथ रहती हैं।

घटना से शुरू होता है फिल्म का सफर

इम्तियाज ने बताया कि जब उन्होंने इन दो भाइयों की कहानी सुनी तो वो बहुत दिलचस्पी लेने लगे उस कहानी। उन्होंने इंद्रजीत से बातें करनी शुरू कीं। उनके साथ वक्त बिताया और यहां से ही फिल्म मैं वापस आऊंगा का सफर शुरू हुआ। इम्तियाज ने कहा कि ऐसा ही होता है कि किसी घटना से सफर शुरू होता है फिर उस पर कल्पना का जाल बिछता चला जाता है।

फिल्म का ये सीन है असली लाइफ से प्रेरित हैं

अगर आपने मैं वापस आऊंगा देख ली है, तो आप समझ गए होंगे कि फिल्म का कौन सा हिस्सा इन भाइयों की कहानी से प्रेरित है। फिल्म जब शुरू होती है तब नसीरुद्दीन शाह के किरदार को बीएसएफ के जवानों से बहस करते देखा जाता है। फिल्म में नसीरुद्दीन भी बॉर्डर पार करके उस पार जाना चाहते हैं क्योंकि वो भूल चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हो चुका है।

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