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केंद्रीय कर्मचारियों को पसंद नहीं आई यह स्कीम! मोदी सरकार ने दी थी हरी झंडी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने साल 2024 में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत ना सिर्फ पेंशन की गारंटी मिलती है बल्कि ग्रेच्युटी के अतिरिक्त रिटायरमेंट पर एकमुश्त भुगतान भी किया जाता है। इसे 2025 में लागू किया गया लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों का इस योजना को लेकर उत्साह कम है। सरकारी आंकड़े भी इसकी गवाही दे रहे हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े?

सोमवार को संसद में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों से पता चला कि 19 जुलाई तक 1,18,195 कर्मचारियों ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम में एनरोल किया था, जिसमें हाल ही में भर्ती हुए कर्मचारी भी शामिल हैं। यह जून के आखिर तक नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत केंद्र सरकार के 27.6 लाख सब्सक्राइबर्स का 4.3% है।

बता दें कि विपक्ष शासित कई राज्यों ने NPS में योगदान देना बंद कर दिया और इससे बाहर निकलना चाहते थे, जिसके कारण केंद्र सरकार को अप्रैल 2025 से UPS लागू करना पड़ा। इसके तहत एनपीएस से यूपीएस में शिफ्ट होने का विकल्प भी मिला लेकिन इस पर लोगों की प्रतिक्रिया ठंडी रही और सरकार को इसकी तारीख कई बार बढ़ानी पड़ी।

क्या है यूनिफाइड पेंशन स्कीम की खासियत

सुनिश्चित पेंशन: 25 वर्ष की न्यूनतम अर्हक सेवा के लिए रिटायरमेंट से पहले अंतिम 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत। यह वेतन न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि के लिए आनुपातिक होगा।

सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन: कर्मचारी की मृत्यु से ठीक पहले उसकी पेंशन का 60 प्रतिशत।

सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन: न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपये प्रति माह।

ग्रेच्युटी के अतिरिक्त सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त भुगतान

इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यह स्पष्ट किया है कि यूपीएस में कोई परिवर्तन करने या उसे बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वित्त मंत्रीने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 19 जुलाई, 2026 तक यूपीएस चुनने वाले कुल कर्मचारियों की संख्या 1,18,195 जिसमें नए भर्ती कर्मी, वर्तमान कर्मचारी और रिटायर हो चुके कर्मचारी शामिल हैं।

बता दें कि यूपीएस एक पेंशन योजना है जिसे भारत सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत एक विकल्प के तौर पर एक अप्रैल, 2025 से शुरू किया है। उन्होंने कहा, ”यूपीएस को एनपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक विकल्प के तौर पर शुरू किया गया है। आज की तारीख तक, यूपीएस में कोई परिवर्तल करने या उसे बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।”

SOURCE : LIVE HINDUSTAN