Source :- LIVE HINDUSTAN
इंग्लैंड स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे आरएएफ फेयरफोर्ड को निशाना बनाकर कथित आतंकवादी हमले की साजिश की जांच के बीच अमेरिकी वायुसेना ने वहां तैनात अपने सभी बमवर्षक विमानों को वापस अमेरिका बुला लिया है।
इंग्लैंड स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे आरएएफ फेयरफोर्ड को निशाना बनाकर कथित आतंकवादी हमले की साजिश की जांच के बीच अमेरिकी वायुसेना ने वहां तैनात अपने सभी बमवर्षक विमानों को वापस अमेरिका बुला लिया है। इन विमानों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया गया था। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन के एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर रविवार को बताया कि इन बमवर्षक विमानों को अमेरिका में उनके मूल ठिकानों पर वापस भेज दिया गया है। इससे यह भी सवाल उठने लगा है कि ईरान को लेकर ट्रंप के मन में अब क्या चल रहा है।
ईरान से युद्ध को लेकर विकल्पों पर विचार
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिनमें नए हमले करना भी शामिल है। ट्रंप ने शनिवार को ओहायो में एक रैली में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय वाइट हाउस से रवाना होते समय पत्रकारों से कहा कि ईरान को लेकर मुझे कुछ फैसले करने हैं। ईरान तबाह हो चुका है और अब सवाल यह है कि आगे कड़े कदम उठाने हैं या आसान।
आतंकी हमले की साजिश
पिछले हफ्ते मध्य लंदन में ब्रिटेन-ईरानी नागरिकता वाले एक व्यक्ति को आतंकवादी हमले की साजिश रचने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी सितंबर के अंत में आरएएफ फेयरफोर्ड में हुई एक घटना के बाद की गई। ब्रिटेन के अधिकारियों ने इस घटना को तेहरान से जोड़ा है। ईरान ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है, लेकिन वह पहले कह चुका है कि उसके क्षेत्र पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी सैन्य अड्डे को वह वैध लक्ष्य मानता है।
ईरान से जुड़े संगठनों पर शक
ब्रिटेन के अधिकारियों का कहना है कि ईरान से जुड़े उसके समर्थक संगठनों ने ब्रिटेन और अन्य देशों में आगजनी तथा अन्य हमलों की कई घटनाओं को अंजाम दिया है। इनमें से कई हमले यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए और उनका उद्देश्य लोगों में डर पैदा करना था। लंदन से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड का इस्तेमाल पश्चिम एशिया में दशकों से चले आ रहे विभिन्न संघर्षों के दौरान अमेरिकी बमवर्षक विमानों के लिए किया जाता रहा है।
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