Home LIFESTYLE NEWS HINDI खांसी-खराश से परेशान हैं? गर्मागरम वाली ये देसी रेमेडी ट्राई करें

खांसी-खराश से परेशान हैं? गर्मागरम वाली ये देसी रेमेडी ट्राई करें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

गले में खराश और खांसी ने परेशान कर रखा है? दवा के साथ घर की रसोई में मौजूद एक आसान देसी नुस्खा भी गले को गर्माहट और कुछ देर के लिए राहत देने में मदद कर सकता है।

गले में खराश, खांसी या हल्की जलन हो तो हर बार कुछ ठंडा-गर्म खाते समय परेशानी होने लगती है। ऐसे में अक्सर मन करता है कि कुछ ऐसा मिले जो गले को गर्माहट दे और खाने में भी अच्छा लगे। घर की रसोई में मौजूद कुछ आम चीजों से ऐसा देसी नुस्खा तैयार किया जा सकता है, जिसे ठंड के मौसम या गला खराब होने पर आसानी से बना सकते हैं। इसे तैयार करने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और इसका स्वाद भी ऐसा है कि इसे खाने के लिए किसी खास वजह की जरूरत नहीं। ये देसी नुस्खा कुछ और नहीं बल्कि बेसन का हलवा है। तो आखिर कौन-सी चीजें मिलाकर आप यह आसान देसी रेमेडी बना सकते हैं और इसे बनाने का सही तरीका क्या है?

बेसन का हलवा बनाने के लिए सामान

1 कप बेसन

2 बड़े चम्मच घी

1 चम्मच हल्दी

2 से 3 इलायची

स्वाद के हिसाब से चीनी

करीब 2-3 कप पानी

थोड़े से कटे हुए बादाम या काजू, अगर पसंद हों

  • सबसे पहले बेसन भूनें

एक कड़ाही में घी गर्म करें। अब इसमें बेसन डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। बेसन को जल्दबाजी में तेज आंच पर न पकाएं, वरना नीचे से जल सकता है और उसका स्वाद भी खराब हो जाएगा। धीरे-धीरे बेसन का रंग बदलने लगेगा और अच्छी खुशबू आने लगेगी। जब बेसन अच्छी तरह भुन जाए, तो गैस धीमी कर दें।

  • अब डालें हल्दी और इलायची

भुने हुए बेसन में हल्दी डालें और अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद इलायची कूटकर डाल दें। इलायची की खुशबू हलवे का स्वाद और बढ़ा देती है। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके गर्म पानी डालें और लगातार चलाते रहें। ध्यान रखें कि पानी एक साथ डालने पर गांठें बन सकती हैं। इसलिए धीरे-धीरे पानी डालना बेहतर रहेगा।

  • आखिर में डालें चीनी

जब बेसन पानी के साथ अच्छी तरह मिल जाए और हलवा गाढ़ा होने लगे, तो इसमें स्वाद के हिसाब से चीनी डाल दें। चीनी डालने के बाद हलवे को कुछ मिनट और पकाएं। हलवा जब कड़ाही छोड़ने लगे और मनचाही गाढ़ी बनावट में आ जाए, तो गैस बंद कर दें। चाहें तो ऊपर से थोड़े कटे हुए बादाम या काजू डाल सकते हैं।

गले के लिए क्यों अच्छा है?

  1. गर्माहट: गर्म बेसन का हलवा गले को गर्माहट देता है, जिससे खराश में थोड़ी देर के लिए सुकून मिल सकता है।
  2. नरम बनावट: हलवा मुलायम होता है, इसलिए गले में जलन या खराश होने पर इसे निगलना आसान रहता है।
  3. ऊर्जा देता है: बेसन चने से बनता है और इसमें प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट होते हैं, इसलिए यह शरीर को थोड़ी एनर्जी भी देता है।
  4. घी के साथ: घी हलवे को नरम और चिकना बनाता है, जिससे गले में सूखापन होने पर आराम महसूस हो सकता है।
  • कितना और कब खाएं?

गला खराब होने पर हलवा बहुत ज्यादा खाने के बजाय थोड़ी मात्रा में खाएं। इसे बहुत गर्म न खाएं, बल्कि हल्का गुनगुना रहने दें। बहुत ज्यादा घी और चीनी डालने से हलवा भारी हो सकता है, इसलिए मात्रा अपने स्वाद और जरूरत के हिसाब से रखें।

नोट: अगर खांसी या गले की खराश कई दिनों तक बनी रहे, तेज बुखार हो, सांस लेने में परेशानी हो या हालत बिगड़ रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN