Source :- LIVE HINDUSTAN

सफेद रिफाइंड चीनी के नुकसानों से बचने और खुद को हेल्दी रखने के लिए  आजकल लोग हेल्दी ऑप्शन को चुन रहे हैं। ऐसे में यहां हम आपको 6 ऐसे नेचुरल स्वीटनर के बारे में बताने वाले हैं अलग-अलग तरह की चीजों में मिठास जोड़ने का काम कर सकते हैं।

सफेद चीनी यानी रिफाइंड शुगर को आज के समय में सफेद जहर कहा जाता है। इसे खाना भले ही स्वादिष्ट बन जाए लेकिन सेहत के लिए ये नुकसानदायक ही होता है। गन्ने से चीनी बनाई जाती है और रिफाइनिंग प्रोसेस के दौरान इसके सारे प्राकृतिक विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर पूरी तरह खत्म हो जाते हैं। पीछे बचता है तो सिर्फ प्योर सुक्रोज, जो शरीर को कोई पोषण नहीं देता। बहुत से लोग चीनी को छोड़कर नेचुरल स्वीटनर्स का इस्तेमाल करन पर रुख कर रहे हैं। ये प्रकृतिक हैं इसलिए ये खाने में मिठास भी घोल देते हैं और सेहत के लिए भी बेहतरीन होते हैं। यहां हम 6 ऐसी नेचुरल चीजों के बारे में बता रहे जो चीनी की जगह पर इस्तेमाल की जा सकती हैं।

चीनी की इन 6 चीजों को करें यूज

1) शहद

शहद एक नेचुरल स्वीटनर है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट और नेचुरल एंजाइम होते हैं। इसका इस्तेमाल चाय, पैनकेक, स्मूदी, मिठाई में किया जा सकता है।

2) गुड़

गुड़ बॉडी के लिए काफी अच्छा होता है। चीनी की तरह इसे बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड तरीके से नहीं बनाया जाता। इसका इस्तेमाल आप मिठाई के अलावा चाय, बेकिंग या फिर अलग-अलग तरह की सॉस में कर सकते हैं।

3) खजूर या खजूर का सिरप

खाने में नेचुरल मिठास जोड़ने के लिए खजूर बेहतरीन है। फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होने की वजह से डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं। इसका इस्तेमाल स्मूदी, लड्डू या फिर किसी भी तरह के डिजर्ट को बनाने के लिए किया जा सकता है।

4) मैपल सिरप

मैपल सिरप काफी स्मूद होता है और इसका टेस्ट कैरामेल या टॉफी की तरह होता है। पैनकेक, वॉफल और योगर्ट में इसे मिलाकर खाने से स्वाद इंहेंस हो जाता है।

5) नारियल शुगर

कोकोनट शुगर इन दिनों ट्रेंड में है। इसका स्वाद हल्का कैरेमल वाला होता है। इसे कुकीज के साथ ही केक, कॉफी या ओट्स में डालकर खा सकते हैं। रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीनी से इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम ही होता है।

6) स्टीविया

स्टीविया के पत्ते मीठे होते हैं। ये पूरी तरह प्राकृतिक और जीरो-कैलोरी स्वीटनर है। इसके इस्तेमाल से ब्लड शुगर लेवल बिल्कुल नहीं बढ़ता और डायबिटीज के अलावा वजन घटाने में मदद मिलती है। इसे चाय, कॉफी या बेकिंग में इस्तेमाल कर सकते हैं।

ये सभी ऑप्शन प्राकृतिक और सेहतमंद हैं, लेकिन इनमें से कई में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इसलिए इनका इस्तेमाल भी सीमित मात्रा में ही करें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN