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इजरायली लड़ाकू विमानों ने पश्चिमी गाजा सिटी के रिमल इलाके में एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत को निशाना बनाया। इस सटीक हमले में इमारत की ऊपरी मंजिल पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई।

गाजा पट्टी में जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायली वायुसेना ने एक बेहद सटीक और खुफिया सूचना पर आधारित हवाई हमला कर हमास के नए सैन्य कमांडर मोहम्मद ओदेह को मार गिराया है। हमास के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के खिलाफ इजरायल की यह दो हफ्ते से भी कम समय में दूसरी सबसे बड़ी कामयाबी है। इस हाई-प्रोफाइल सैन्य अभियान की पुष्टि खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक संयुक्त बयान जारी कर की है। इजरायल ने ओदेह को हमास की सैन्य शाखा का प्रमुख और 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए घातक सीमा पार हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक बताया है।

इजरायली लड़ाकू विमानों ने पश्चिमी गाजा सिटी के रिमल इलाके में एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत को निशाना बनाया। इस सटीक हमले में इमारत की ऊपरी मंजिल पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। इस हमले में तीन लोगों की मौत और 20 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। जहां एक तरफ इजरायली शीर्ष नेतृत्व ने मोहम्मद ओदेह की मौत का दावा किया है और शुरुआती खुफिया आकलन भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं, वहीं हमास की ओर से अपने कमांडर को निशाना बनाए जाने पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

कौन था मोहम्मद ओदेह? महज एक हफ्ता रहा कमांडर

मोहम्मद ओदेह का हमास की सैन्य शाखा इज्ज अद-दीन अल-कस्साम ब्रिगेड के सर्वोच्च कमांडर के रूप में कार्यकाल बेहद छोटा और उथल-पुथल भरा रहा। उसने 18 मई 2026 को ही इस पद की कमान संभाली थी और महज एक हफ्ते बाद ही वह मारा गया।

ओदेह से पहले इस पद पर काबिज इज्ज अल-दीन अल-हदाद को इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने 15 मई को गाजा में उसके परिवार समेत एक हमले में ढेर कर दिया था। अल-हदाद की मौत के तीन दिन बाद ओदेह को नया चीफ नियुक्त किया गया था। अल-कस्साम ब्रिगेड की कमान संभालने से पहले ओदेह लंबे समय तक हमास के सैन्य खुफिया विभाग का प्रमुख था। उसे हमास के सबसे अनुभवी और शातिर सुरक्षा ऑपरेटरों में गिना जाता था।

रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कई महीनों से हमास के कमांड स्ट्रक्चर को निशाना बना रहे इजरायली हमलों के बाद ओदेह हमास की उच्च सैन्य परिषद के जीवित बचे आखिरी शीर्ष नेताओं में से एक था।

इजरायली खुफिया इनपुट के अनुसार, ओदेह ने 7 अक्टूबर 2023 के हमलों की रूपरेखा तैयार करने में बेहद अहम भूमिका निभाई थी। खुफिया प्रमुख के तौर पर उसने गाजा सीमा के पास स्थित इजरायली सैन्य ठिकानों की संवेदनशील जानकारियां जुटाई थीं और आईडीएफ की गाजा डिवीजन की कमजोरियों की पहचान की थी, जिसके दम पर हमास के लड़ाके इजरायल के भीतर घुसने में कामयाब रहे थे।

अपने शुरुआती करियर में ओदेह हमास के आंतरिक सुरक्षा तंत्र में काम करता था, जहां उसका मुख्य काम गाजा के भीतर सक्रिय इजरायली मुखबिरों को ढूंढकर उन्हें खत्म करना था। इस नेटवर्क में लगातार कामयाबी के बाद वह खुफिया विंग का चीफ बना था।

पहले भी हुए थे जानलेवा हमले

इजरायल लंबे समय से ओदेह की तलाश में था और उसे मारने के कई प्रयास किए जा चुके थे। साल 2025 में गाजा में उसके पैतृक घर पर हुए एक इजरायली हमले में उसका बड़ा बेटा अम्र मारा गया था, लेकिन ओदेह उस वक्त बच निकलने में कामयाब रहा था।

हमास के शीर्ष नेतृत्व का लगभग सफाया

7 अक्टूबर 2023 को इजरायल के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें लगभग 1,221 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में गाजा में जारी इजरायल के सैन्य अभियान में अब तक 72,800 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस युद्ध के दौरान इजरायल की खुफिया एजेंसी शिन बेत और सेना ने चुन-चुनकर हमास के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाया है।

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