Source :- LIVE HINDUSTAN
पिछले महीने ली गईं तस्वीरों में एक ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर दिखाई दे रहा है, जिसे सैटेलाइट तस्वीरों के कमर्शियल सप्लायर के एक एक्सपर्ट ने संभवतः एक तैरता हुआ राफ्ट या बोया बताया है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर एटोल के मुहाने पर स्थित है, और 27 तथा 29 मई की तस्वीरों में इसके आर-पार फैली हुआ बैरियर दिखाई दे रहा।
पिछले हफ्ते साउथ चाइना सी स सामने आईं तस्वीरों ने चीन की विस्तारवादी नीति की एक बार फिर से पोल खोल दी। रॉयटर्स को मिली सैटेलाइट इमेजेस में दक्षिण चीन सागर में स्कारबारो शोल के एंट्री प्वाइंट पर एक इंफ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी देखी गई। हालांकि, बाद में ली गईं तस्वीरों से पता चलता है कि वह इंफ्रास्ट्रक्चर अब वहां नहीं है और हटा लिया गया है। फिलीपींस ने कहा कि वह स्कारबोरो शोल पर एक नए इंफ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी से जुड़ी रिपोर्टों की जांच कर रहा है। चीन ने 2012 में इसपर अपना असल नियंत्रण स्थापित करने के बाद से, कई बार यहां पहुंचने के रास्तों को रोकने की कोशिश की है।
रक्षा सचिव गिलबर्टो टियोडोरो को इस इंफ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिली थी। उन्होंने शनिवार को सिंगापुर में आयोजित क्षेत्रीय रक्षा मंच शांगरी-ला डायलॉग के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। 27, 29 और 30 मई को ली गई तस्वीरों में एक ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर दिखाई दे रहा है, जिसे सैटेलाइट तस्वीरों के कमर्शियल सप्लायर ‘वंटोर’ के एक एक्सपर्ट ने संभवतः एक तैरता हुआ राफ्ट या बोया बताया है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर एटोल के मुहाने पर स्थित है, और 27 तथा 29 मई की तस्वीरों में इसके आर-पार फैली हुई एक रुकावट (बैरियर) भी दिखाई देती है।
पुरानी तस्वीर में दिख रहा था इंफ्रास्ट्रक्चर
इससे पहले, मंगलवार को अमेरिका स्थित समुद्री निगरानी समूह ‘सीलाइट’ ने एक्स पर स्कारबोरो शोल की 28 मई को ली गई सैटेलाइट तस्वीरें पोस्ट कीं। इन तस्वीरों में एक छोटा, चमकीला ऑब्जेक्ट दिखाई देता है, जिसे समूह ने लैगून के प्रवेश द्वार के पास रीफ के समतल हिस्से पर साफ तौर पर पहचाना जा सकने वाला ऑब्जेक्ट बताया है। सीलाइट ने और सैटेलाइट इमेज के अपने रिव्यू का हवाला देते हुए कहा, “सबूत बताते हैं कि यह कोई कुछ समय के लिए दिखने वाला ऑप्टिकल आर्टिफैक्ट नहीं, बल्कि एक लगातार रहने वाला फीचर है।” लेकिन एक जून को वैंटोर की ली गई इमेज में यह अब नहीं दिख रहा था, जबकि पहले तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा था।
‘झगड़े और टकराव हथियारबंद लड़ाई में बदल सकते हैं’
बता दें कि स्कारबोरो को चीन हुआंगयान दाओ भी कहता है। यह एशिया की सबसे विवादित समुद्री जगहों में से एक है, और कुछ डिप्लोमैट और एनालिस्ट को डर है कि एटोल पर लंबे समय से चल रहे झगड़े और टकराव हथियारबंद लड़ाई में बदल सकते हैं। हाल के सालों में, चीनी तटरक्षक पोतों और फिलीपीन के मछुआरों के बीच इसके आसपास अक्सर झड़पें होती रही हैं। यह जलस्तंभ प्रमुख समुद्री मार्गों के नजदीक स्थित है और अपने मछली भंडार और नीले रंग के लैगून के लिए प्रसिद्ध है, जो तूफानों के दौरान पोतों को आश्रय प्रदान करता है। फिलीपीन और अमेरिकी सेनाओं द्वारा इसी जलक्षेत्र में पांच दिवसीय समुद्री अभ्यास आयोजित करने के तुरंत बाद, चीन की सेना और तटरक्षक बल ने रविवार को इस क्षेत्र में गश्त की। यह इस साल का तीसरा ऐसा अभ्यास था जिसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना था।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN







