Home rss world hindi चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अमेरिका में हुआ लेट-लेट कर स्वागत!...

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अमेरिका में हुआ लेट-लेट कर स्वागत! देखें वीडियो

6
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

चीन के राष्ट्रपति के स्वागत के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप खुद रनवे पर मौजूद रहे और प्लेन के सीढ़ियों के पास जाकर चीनी राष्ट्रपति की अगवानी की।

अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापारिक और कूटनीतिक तनातनी के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी पत्नी और प्रथम महिला पेंग लियुआन के साथ वॉशिंगटन डी.सी. के बाहर स्थित ‘जॉइंट बेस एंड्रयूज’ पहुंचे। 2025 के ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) के बाद अमेरिकी सरजमीं पर शी जिनपिंग का यह पहला दौरा है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल से परे हटकर उनका ऐसा भव्य और दुर्लभ स्वागत किया जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है।

सोशल मीडिया पर इस ग्रैंड वेलकम का एक 12-सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि अमेरिकी सेना के वर्दीधारी जवान शी जिनपिंग के विमान से उतरने से ठीक पहले अपने घुटनों के बल बैठकर रेड कारपेट की सिलवटें ठीक करते और उसकी सफाई करते नजर आ रहे हैं।

30 मीटर लंबा रेड कारपेट और 21 जवानों का ‘गार्ड ऑफ ऑनर’

चीन के राष्ट्रपति के स्वागत के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप खुद रनवे पर मौजूद रहे और प्लेन के सीढ़ियों के पास जाकर चीनी राष्ट्रपति की अगवानी की।

चीन के राष्ट्रपति के विमान के ठीक नीचे 30 मीटर लंबा भव्य रेड कारपेट बिछाया गया था।कारपेट के दोनों ओर 21 अमेरिकी सैनिकों का ऑनर गार्ड तैनात था।

शी जिनपिंग की यह यात्रा आज से शुरू होकर शुक्रवार (25 सितंबर) तक चलेगी। ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय शिखर वार्ता के बाद उनके सम्मान में स्टेट बैंकवेट (राजकीय भोज) का आयोजन किया जाएगा।

पश्चिम एशिया महायुद्ध के बीच अति-संवेदनशील दौरा

शी जिनपिंग का यह अमेरिकी दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में भयंकर युद्ध छिड़ा हुआ है और वैश्विक अर्थव्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है।

28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल गठबंधन ने ईरान भर में कई ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी।

इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और ऊर्जा ढांचों (तेल रिफाइनरियों) को निशाना बनाया। साथ ही ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति ठप हो गई और दुनिया भर के बाजारों में आर्थिक उथल-पुथल मच गई।

इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों अमेरिका और चीन के राष्ट्राध्यक्षों की इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN