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जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स ने खत्म की भूख हड़ताल, मानी गईं ये मांगें

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Source :- INDIATV NEWS

जामिया यूनिवर्सिटी में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है। VC और रजिस्ट्रार छात्रों से मिलने पहुंचे थे और उन्होंने छात्रों को लिखित भरोसा दिया कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन संविधान को मंजूरी और लागू करने का काम 15 मई, 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। संविधान को मंजूरी मिलने के बाद, यूनिवर्सिटी लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों और गाइडलाइंस के मुताबिक, चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी करेगी। साथ ही, विरोध के समय में हिस्सा लेने के संबंध में जारी सभी कारण बताओ नोटिस, डिसिप्लिनरी एक्शन, सस्पेंशन और कैंपस बैन ऑर्डर रद्द कर दिए जाएंगे।

जामिया में छात्रों की इन 3 मांगों पर बनी बात

  1. जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ के संविधान का अनुमोदन और कार्यान्वयन 15 मई, 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
  2. संविधान के अनुमोदन के बाद, विश्वविद्यालय लिंगदोह समिति की सिफारिशों और दिशानिर्देशों के अनुसार चुनावों के लिए अधिसूचना जारी करेगा। यह तारीख लिंगदोह समिति के नियमों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप होगी। चुनाव शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 6 सप्ताह के भीतर, यानी लगभग 16 जुलाई 2027 से 6 सप्ताह के भीतर कराए जाएंगे।
  3. विरोध-प्रदर्शन की अवधि में भाग लेने के संबंध में जारी किए गए सभी मौजूदा कारण बताओ नोटिस, अनुशासनात्मक कार्रवाई, निष्कासन, निलंबन और कैंपस में प्रवेश पर रोक के आदेश रद्द कर दिए जाएंगे।

जामिया में 18 दिनों से चल रहा था विरोध-प्रदर्शन

गौरतलब है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्रसंघ को बहाल करने और चुनाव कार्यक्रम के ऐलान करने की स्टूडेंट्स की मांगों को लेकर, यूनिवर्सिटी में पिछले 18 दिनों से विरोध-प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार को यूनिवर्सिटी की तरफ से आदेश जारी किए जाने के बावजूद आंदोलन जारी रहा। इस ऑर्डर में कहा गया था कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के अंदर छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे।

हिंसा के चलते 2006 में भंग हुआ था छात्रसंघ

जान लें कि यहां छात्रसंघ को 2006 में हिंसा के चलते भंग कर दिया गया था। इससे पहले, बीते 26 अक्टूबर को यह खबर सामने आई थी कि प्रशासन की तरफ से छात्रों की मुख्य मांगें मान ली गई थीं, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म हो गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। कैंपस में आज भी विरोध-प्रदर्शन जारी रहा था।

(इनपुट- भाषा)

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SOURCE : INDIATV NEWS