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ईरानी सलाहकार मोहसेन रेजाई ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप ईरान का भरोसा जीतने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं, जिसके कारण बातचीत पूरी तरह ठप हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता के बीच संभावित मुलाकात की उम्मीदों पर ईरान ने पानी फेर दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता के बेहद करीबी और वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई भी मुलाकात संभव नहीं है। रेजाई ने डोनाल्ड ट्रंप पर बातचीत को गतिरोध में धकेलने का आरोप लगाया है। यह प्रतिक्रिया डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने 3 जून को वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता से मिलने की इच्छा जताई थी।
ट्रंप ने कहा था कि हालांकि वह सर्वोच्च नेता के पसंदीदा व्यक्ति नहीं हो सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें मिलने का मौका मिला तो वह सम्मानित महसूस करेंगे और आदर के साथ मिलेंगे।
ट्रंप के प्रस्ताव पर ईरान का दोटूक जवाब
ईरानी सलाहकार मोहसेन रेजाई ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप ईरान का भरोसा जीतने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं, जिसके कारण बातचीत पूरी तरह ठप हो गई है। उन्होंने गतिरोध को तोड़ने के लिए अमेरिका के सामने दो बड़ी शर्तें रखी हैं। ईरान ने मांग की है कि अमेरिका उसकी फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को तुरंत बहाल करे।
रेजाई ने कहा, “यह पैसा हमारा अपना है, अमेरिका का नहीं। ईरान के साथ समझौता करने के लिए यह 24 अरब डॉलर अमेरिका के लिए भरोसे की परीक्षा है। अमेरिका को इस परीक्षा में पास होना होगा, तभी आगे का रास्ता खुलेगा।” इसके अलावा ईरान ने मांग की है कि अमेरिका सद्भावना और विश्वास बहाली के संकेत के रूप में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत रोके।
रेजाई ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकियों के साथ कोई समझौता नहीं होता है तो ईरान संघर्ष के लंबा खिंचने से बिल्कुल भी चिंतित नहीं है। उन्होंने तेहरान की अगली सैन्य रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि ईरान इस युद्ध का दायरा हिंद महासागर तक बढ़ा देगा और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा।
ईरानी सैन्य सलाहकार ने कहा, “अगर युद्ध जारी रहता है और नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाई जाती है तो हम इस युद्ध को हिंद महासागर, बाब अल-मंडेब, लाल सागर और भूमध्य सागर तक खींच ले जाएंगे। हम इन क्षेत्रों में अन्य अमेरिकी ठिकानों पर हमला करके युद्ध को एक नया और खतरनाक आयाम देंगे।”
मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अमेरिकी जनता के हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए और अपने फैसले इजरायल से स्वतंत्र होकर लेने चाहिए। उन्होंने कहा, “ट्रंप को इजरायल से स्वतंत्र होकर फैसले लेने होंगे। उन्हें ईरानी लोगों का हक वापस देना चाहिए, नाकेबंदी रोकनी चाहिए और हमारी जब्त संपत्ति को छोड़ना चाहिए। यह कदम ईरान और अमेरिका के भविष्य के लिए एक नया क्षितिज खोल सकता है। ट्रंप को अपने व्यक्तिगत हितों को छोड़कर अमेरिकी लोगों के हित में सोचना चाहिए। अगर उनमें ऐसा करने का साहस है, तो भविष्य में कई मुद्दे हल हो जाएंगे।”
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