Source :- BBC INDIA
इमेज स्रोत, Reginald Mathalone/NurPhoto via Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं. ट्रंप का यह फ़ैसला कनाडा के साथ एक नया विवाद बन गया है.
यह क़दम पिछले सप्ताह अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता के असफल होने के बाद उठाया गया है, जिसके बाद अमेरिका ने 20 अरब डॉलर मूल्य के कनाडाई सामान पर नया 50 फ़ीसदी शुल्क लगाया है.
कनाडा अगले महीने “डॉलर के बदले डॉलर” के हिसाब से जवाबी शुल्क लागू करेगा.
इस बीच ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच स्थित झील का नाम बदलने का फैसला तुरंत प्रभावी हो गया है.
अमेरिका में जगहों को किस नाम से मान्यता दी जाए, इस पर उनके पास (अमेरिकी राष्ट्रपति) व्यापक अधिकार हैं, लेकिन दूसरे देशों के लिए इसका पालन करना ज़रूरी नहीं है.
जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, “चीज़ों को उनके नाम से ही बुलाया जाना चाहिए, और इस झील का नाम ‘लेक ओंटारियो’ है, आज भी और हमेशा के लिए.”
कनाडा ने जताया विरोध
इमेज स्रोत, Andrew Harnik/Getty Images
राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि यह आदेश अमेरिकी गृह विभाग को ज्योग्राफिक नेम्स इन्फॉर्मेशन सर्विस में नाम बदलने के लिए 30 दिन का समय देता है.
अमेरिका में घरेलू भौगोलिक नामों का आधिकारिक रिकॉर्ड इसी विभाग के अधीन आता है.
कार्नी ने कहा कि लेक ओंटारियो नाम का इतिहास चार सौ साल से भी अधिक पुराना है. उन्होंने कहा कि यह नाम कनाडाई कॉनफ़ेडरेशन के गठन और अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा से भी पहले का है.
उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि अमेरिका बदल रहा है. उनके व्यापारिक संबंध, उनकी विदेश नीति, उनके राष्ट्रीय स्मारक, उनके जल भंडारों के नाम.
“कनाडा की महिलाएं और पुरुष भी जानते हैं कि चीज़ों को उनके नाम से ही बुलाया जाना चाहिए, और इस झील का नाम लेक ओंटारियो है, आज भी और हमेशा के लिए.”
अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्रों के नाम तय करने वाली कोई सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय संस्था नहीं है.
ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने लिखा, “कनाडाई लोगों और बाकी दुनिया के लिए यह लेक ओंटारियो है. अब भी और हमेशा के लिए.”
कनाडा के अन्य प्रीमियर और मंत्रियों ने भी इसी तरह के बयान दिए.
ग्रेट लेक्स में से चार झीलों के नाम, ओंटारियो, ह्यूरॉन, मिशिगन और एरी, मूल निवासियों की भाषाओं के शब्दों से लिए गए हैं.
लेक सुपीरियर का नाम फ्रेंच के अंग्रेज़ी रूप वाले एक शब्द के आधार पर रखा गया था.
ग्रेट लेक्स में सबसे छोटी लेक ‘ओंटारियो’ की सीमा कनाडा के एक प्रांत और अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य, दोनों से लगती है.
मेक्सिको के साथ हो चुका है विवाद
इमेज स्रोत, ANDREJ IVANOV / AFP via Getty Images
जब ट्रंप 2025 में दोबारा राष्ट्रपति बने थे, तब उन्होंने इसी तरह के एक आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘गल्फ़ ऑफ अमेरिका’ कर दिया गया था. मेक्सिको ने नाम बदलने को ख़ारिज कर दिया था और कहा था कि कोई एक देश अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र के साझा हिस्से का नाम नहीं बदल सकता.
इसके बाद मेक्सिको और टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल के बीच भी क़ानूनी विवाद हुआ, क्योंकि गूगल ने अपने मैप्स ऐप में खाड़ी का नाम बदल दिया था.
उस मामले में अमेरिका में गूगल मैप्स के उपयोगकर्ताओं को “गल्फ़ ऑफ़ अमेरिका” दिखाई देता है, जबकि मेक्सिको में उपयोगकर्ताओं को “गल्फ़ ऑफ़ मेक्सिको” दिखाई देता है.
दूसरे देशों में उपयोगकर्ताओं को ‘गल्फ़ ऑफ़ मेक्सिको (गल्फ़ ऑफ़ अमेरिका)’ दिखाई देता है.
उस समय व्हाइट हाउस ने एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों को राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में शामिल होने से भी रोक दिया था, क्योंकि समाचार एजेंसी ने अपनी ख़बरों में ‘गल्फ़ ऑफ़ अमेरिका’ नाम अपनाने से इनकार कर दिया था.
इसके जवाब में एपी ने ट्रंप प्रशासन पर मुक़दमा किया था और यह क़ानूनी लड़ाई अभी जारी है.
ट्रंप के फ़ैसले का अमेरिका में भी विरोध
इमेज स्रोत, ANDREJ IVANOV / AFP via Getty Images
अमेरिकी राजनेताओं की इस क़दम पर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही.
ट्रंप के गृह मंत्री डग बर्गम ने इस क़दम की सराहना करते हुए लिखा, “हम इस पर काम कर रहे हैं, राष्ट्रपति महोदय.”
उन्होंने कहा, “हमारे देश की सीमाओं से लगने वाली और हमारी अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाली जगहों और जल क्षेत्रों में अमेरिका की महानता झलकनी चाहिए.”
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण “दुनिया को दिखाने के लिए हमारे देश का नक्शा तैयार करता है और हमें लेक अमेरिका का नाम बदलने के आपके कार्यकारी आदेश को लागू करने पर गर्व है.”
लेकिन मिशिगन की डेमोक्रेटिक सांसद डेबी डिंगेल ने कहा कि वह नाम बदलने के फैसले को रद्द करने के लिए कांग्रेस में एक विधेयक पेश करेंगी. उन्होंने ट्रंप के आदेश को “बेवकूफी भरा” बताया.
अमेरिकी राज्य मिशिगन पांच में से चार ग्रेट लेक्स की सीमा से लगता है,
उन्होंने लिखा, “ग्रेट लेक्स एक साझा धरोहर हैं, जिसकी रक्षा के लिए अमेरिकी और कनाडाई लोगों की कई पीढ़ियों ने मिलकर काम किया है.”
डेमोक्रेटिक पार्टी की न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल ने कहा कि उनका राज्य, जो लेक ओंटारियो की सीमा से लगने वाला एकमात्र अमेरिकी राज्य है, इसे लेक अमेरिका नहीं कहेगा.
अमेरिका और कनाडा का कारोबारी विवाद
इमेज स्रोत, Reuters
गुरुवार को ओवल ऑफिस में आदेश पर हस्ताक्षर करते समय ट्रंप ने कहा कि यह कनाडा को सीधा संदेश नहीं है, लेकिन अमेरिका का उत्तरी पड़ोसी “काफी लंबे समय से व्यापार के मामले में हमारा नुक़सान कर रहा है.”
पिछले एक सप्ताह से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच अमेरिका और कनाडा के संबंध नए निचले स्तर पर पहुंच गए हैं.
हालांकि, गुरुवार को ऐसे संकेत मिले कि बातचीत की मेज़ पर फिर लौटने की गुंजाइश है.
कनाडा के अमेरिकी व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने कहा कि अमेरिका ने फ्रेंच भाषा में लेबलिंग की आवश्यकताओं को लेकर अपनी कुछ मांगें वापस ले ली हैं.
यह उन मुद्दों में से एक था, जिन पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद थे. अमेरिका का कहना है कि उसने भाषा को लेकर कभी कोई मांग नहीं की.
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आखिरी समय में बदलाव की मांग करने का आरोप लगाया है, जिसके कारण व्यापार वार्ता टूट गई.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
SOURCE : BBC NEWS




