Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Petrol Diesel Rate 1 October: डीजल के निर्यात पर अब ₹16 प्रति लीटर निर्यात शुल्क लगेगा, जो पहले ₹20 प्रति लीटर था
- दिल्ली में पेट्रोल के दाम आज 1 अक्टूबर को भी 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये लीटर है
- आज ब्रेंट क्रूड 0.37 डॉलर प्रति बैरल गिरकर 97.66 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था
Petrol Diesel Rate 1 October: केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले अगले पखवाड़े के लिए डीजल निर्यात पर टैक्स ₹4 प्रति लीटर घटाया गया है। जबकि, पेट्रोल पर टैक्स में बदलाव नहीं किया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद आज 1 अक्टूबर पेट्रोल-डीजल के रेट अपडेट हो गए हैं। सरकारी ऑयल कंपनियों HPCL, IOCL और भारत पेट्रोलियम द्वारा जारी आज के रेट के मुताबिक पेट्रोल-डीजल न तो सस्ते हुए हैं और न ही महंगे। अलबत्ता कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम जरूर बढ़ाए गए हैं। 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम 71.50 रुपये तक बढ़े हैं।
दिल्ली में पेट्रोल के दाम आज 1 अक्टूबर को भी 102.12 और डीजल 95.20 रुपये लीटर है। भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल पोर्ट ब्लेयर में 88.66 रुपये लीटर है, जबकि यहां 1 लीटर डीजल की कीमत 84.56 रुपये है। जबकि, महंगा पेट्रोल आंध्र प्रदेश के चित्तूर में 118.34 रुपये लीटर है। चित्तूर में डीजल 106.06 रुपये लीटर है।
100 डॉलर के नीचे आया कच्चा तेल
आज गुरुवार सुबह 5.46 बजे के करीब ब्रेंट क्रूड 0.37 डॉलर प्रति बैरल गिरकर 97.66 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। जबकि, WTI 49 सेंट टूटकर 89.93 डॉलर प्रति बैरल पर था। इससे पहले बुधवार को ब्रेंट 1.87 डॉलर प्रति बैरल चढ़कर 98.03 डॉलर पर बंद हुआ। जबकि, अमेरिकी कच्चे तेल का बेंचमार्क WTI 0.48 डॉलर टूटकर 89.94 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था।
किस पर कितना विंडफॉल टैक्स
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, डीजल के निर्यात पर SAED और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस मिलाकर अब ₹16 प्रति लीटर शुल्क लगेगा, जो पहले ₹20 प्रति लीटर था। ATF के निर्यात पर शुल्क ₹15 से घटाकर ₹10.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। इसमें ₹4.5 प्रति लीटर की कमी हुई है। पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क ₹0.50 प्रति लीटर ही रहेगा। यह दर अगले पखवाड़े के लिए भी लागू रहेगी।
घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए इस फैसले का सीधा मतलब घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती नहीं है।
क्यों लगाया गया था विंडफॉल टैक्स?
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच सरकार ने 27 मार्च से डीजल और ATF के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाया था। बाद में इसकी दरों की हर पखवाड़े समीक्षा की जाती रही। 16 मई से पेट्रोल के निर्यात को भी इसके दायरे में लाया गया।
इस टैक्स का मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और वैश्विक कीमतों में उछाल के कारण निर्यातकों को मिलने वाले असाधारण लाभ को सीमित करना था।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




