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दुबई को भारत ने छोड़ा पीछे, ‘सस्ता’ के मामले में निकला आगे; पहली बार बड़ा उलटफेर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

भारत के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी दुबई से कम हैं। आम तौर पर खाड़ी देशों में ईंधन सस्ता माना जाता है, लेकिन इस बार उलटा हो गया है। यह तुलना UAE में अक्टूबर के लिए फ्यूल के दाम बढ़ाने के फैसले के बाद की गई है।

आपको पता है भारत में पेट्रोल और डीजल दुबई से भी सस्ता है। जी हैं… यह सौ फीसदी सही खबर है। भारत के कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी दुबई से कम हैं। दरअसल, आम धारणा यह रही है कि खाड़ी देशों, खासकर दुबई में फ्यूल काफी सस्ता मिलता है, लेकिन अक्टूबर 2026 में यह सोच बदल गई है। यह तुलना ऐसे समय में की जा रही है, जब यूएई ने अक्टूबर के लिए पेट्रोल और डीजल के रेट में बड़ी बढ़ोतरी की है और नए दाम 1 अक्टूबर से लागू हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, 22 अक्टूबर तक भारतीय शहरों और दुबई के बीच कीमतों में साफ अंतर दिख रहा है। खासकर डीजल में यह फर्क सबसे अधिक है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में वाहन चालकों को दुबई के मुकाबले काफी कम पैसे देने पड़ रहे हैं।

पेट्रोल की कीमतों का पूरा हिसाब

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और नोएडा में 101.96 रुपये प्रति लीटर है। इसकी तुलना में दुबई का स्पेशल 95 पेट्रोल 4.28 दिरहम प्रति लीटर है। मौजूदा एक्सचेंज रेट (लगभग 25.71 रुपये प्रति दिरहम) पर यह रकम करीब 110.04 रुपये के बराबर बनती है। इस हिसाब से दिल्ली में पेट्रोल दुबई के स्पेशल 95 ग्रेड से करीब 8 रुपये प्रति लीटर या लगभग 7 प्रतिशत सस्ता है। दुबई का सबसे सस्ता पेट्रोल ग्रेड ई-प्लस 91 भी 4.21 दिरहम प्रति लीटर है, जो लगभग 108.24 रुपये बनता है। वहीं, प्रीमियम सुपर 98 पेट्रोल की कीमत 4.40 दिरहम यानी करीब 113.12 रुपये प्रति लीटर है।

हालांकि पूरे भारत में पेट्रोल सस्ता नहीं है। राज्य के अलग-अलग टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन खर्च की वजह से शहरों के बीच कीमतों में बड़ा अंतर रहता है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 113.51 रुपये, चेन्नई में 107.76 रुपये और हैदराबाद में 116.15 रुपये प्रति लीटर है। चेन्नई का पेट्रोल दुबई के ई-प्लस 91 से सस्ता है, जबकि मुंबई और कोलकाता में दुबई के स्पेशल 95 से ज्यादा रेट हैं।

डीजल में और भी बड़ा अंतर

डीजल के मामले में कीमत का फर्क सबसे अधिक है। दुबई में डीजल की कीमत 4.80 दिरहम प्रति लीटर है, जो 22 अक्टूबर के एक्सचेंज रेट पर लगभग 123.41 रुपये के बराबर है। इसकी तुलना में दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर और नोएडा में 95.44 रुपये प्रति लीटर है। यानी दिल्ली में दुबई से करीब 28.21 रुपये और नोएडा में 27.97 रुपये सस्ता है। दिल्ली के वाहन चालक दुबई के मुकाबले डीजल के लिए लगभग 23 प्रतिशत कम पैसे देते हैं। वहीं, दूसरे बड़े शहरों में भी यही स्थिति है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 99.82 रुपये, चेन्नई में 99.55 रुपये और हैदराबाद में 104.23 रुपये प्रति लीटर है। इनमें सबसे महंगा शहर हैदराबाद भी दुबई से करीब 19.18 रुपये प्रति लीटर सस्ता है।

दुबई में कीमतें क्यों बढ़ गईं?

दरअसल, यह अंतर यूएई में अक्टूबर 2026 के लिए की गई बड़ी कीमत बढ़ोतरी के कारण आया है। 30 सितंबर को यूएई की गैसोलीन और डीजल प्राइस फॉलो-अप कमिटी ने अक्टूबर के बदले हुए रेट को मंजूरी दे दी। सितंबर के मुकाबले तीनों ग्रेड के पेट्रोल के दाम करीब 16 प्रतिशत बढ़ गए। स्पेशल 95 पेट्रोल सितंबर में 3.69 दिरहम प्रति लीटर से बढ़कर अक्टूबर में 4.28 दिरहम हो गया। सुपर 98 की कीमत 3.80 दिरहम से 4.40 दिरहम हो गई (करीब 15.8 प्रतिशत बढ़ोतरी)। ई-प्लस 91 की कीमत 3.61 दिरहम से बढ़कर 4.21 दिरहम हो गई (करीब 16.6 प्रतिशत बढ़ोतरी)। डीजल की कीमतें 4.30 दिरहम से बढ़कर 4.80 दिरहम प्रति लीटर हो गईं, जो लगभग 11.6 प्रतिशत की वृद्धि है।

आधिकारिक एमिरेट्स न्यूज एजेंसी (WAM) के मुताबिक, ये कीमतें देश के मासिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत मंजूर की गई हैं। इस सिस्टम में ग्लोबल एनर्जी प्राइस मूवमेंट और घरेलू मार्केट की जरूरतों दोनों को ध्यान में रखा जाता है। बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच हुई है, जिससे तेल सप्लाई में रुकावट की चिंता बढ़ गई है।

दुबई में कीमतें कौन तय करता है?

यूएई में हर महीने पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा और मंजूरी के लिए एक अलग कमिटी काम करती है। गैसोलीन और डीजल प्राइस फॉलो-अप कमिटी 2015 में शुरू किए गए फ्यूल-प्राइसिंग सिस्टम के तहत काम करती है। उस समय यूएई सरकार ने सब्सिडी वाले पेट्रोल प्राइस से हटकर इंटरनेशनल मार्केट से जुड़े सिस्टम की ओर कदम बढ़ाया था। कमिटी में एनर्जी और फाइनेंस मिनिस्ट्री के प्रतिनिधि के साथ-साथ ADNOC डिस्ट्रीब्यूशन और एमिरेट्स नेशनल ऑयल कंपनी (ENOC) के सीनियर अधिकारी भी शामिल होते हैं। यह हर महीने के अंत में फ्यूल की कीमतों की समीक्षा करती है और इंटरनेशनल पेट्रोलियम मार्केट के बदलावों तथा घरेलू ऑपरेटिंग जरूरतों को ध्यान में रखती है। मंजूर रेट दुबई और अबू धाबी समेत पूरे यूएई में लागू होते हैं और पूरे महीने तक रहते हैं।

भारत में कीमतें कैसे तय होती हैं?

भारत में प्राइसिंग का तरीका अलग है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय करती हैं। देश ने जून 2017 में रोजाना फ्यूल प्राइस रिवीजन सिस्टम शुरू किया था, जिससे कंपनियों को इंटरनेशनल फ्यूल प्राइस और अन्य फैक्टर्स में बदलाव के हिसाब से रिटेल रेट्स को एडजस्ट करने की इजाजत मिल गई।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कीमतें हर दिन बदलती हैं। ग्लोबल क्रूड ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिटेल रेट लंबे समय तक बिना बदले रह सकते हैं। एक और बड़ा अंतर टैक्सेशन का है। भारत में फाइनल रिटेल प्राइस में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, राज्य-स्तरीय वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT), डीलर कमीशन और अन्य खर्च शामिल होते हैं। क्योंकि VAT रेट अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होते हैं, इसलिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक शहर से दूसरे शहर में काफी अलग हो सकती हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN