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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/10/07/1200x900/drishyamc_1791354823176_tlwI_1791354834061_6JGx_443cafb2-a1a1-4109-8977-14f2898aeec7_fnFQ.jpgदृश्यम 3 यानी दृश्यम द कन्क्लूजन की एंडिंग क्या आपको समझ आई? एक बार फिर विजय सालगांवकर ने सबको चकमा दे दिया, लेकिन हुआ कैसे आपको बताते हैं।
दृश्यम द फाइनल कन्क्लूजन हाल ही में रिलीज हुई है और फिल्म को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। विजय सालगांवकर कई सालों से एक मर्डर को छिपा रहा है। अब एक बार फिर विजय और उसका परिवार इस मर्डर मिस्ट्री से बच निकलता है। लेकिन ये सब हुआ कैसे और विजय ने कैसे खुद को एक बार फिर सेफ किया, ये आपको बताते हैं।
विजय की मुश्किल टक्कर
इस बार विजय की काफी खतरनाक लड़ाई थी क्योंकि हर बार की तरह विजय को चंट पुलिस ऑफिसर गायटोंडे या इनोशनल मीरा देशमुश को हैंडल नहीं करना है। इस बार विजय को राजवीर सिंह(जयदीप अहलावत) का सामना करना है। राजवीर खुद को शनि बोलता है ये कहते हुए कि जिसकी लाइफ में वह जाता है तो सालों तक हटता नहीं है।
फिल्म में जबरदस्त ट्विस्ट और टर्न्स हैं। ऐसे ट्विस्ट अचानक आते हैं कि अगर आपकी एक पल भी नजर हटी तो आप एक महत्वपूर्ण पार्ट को मिस कर सकते हैं।
अब तक आपको पता था कि पहले विजय ने पुलिस की अंडर कस्ट्रक्शन स्टेशन बिल्डिंग में समीर की बॉडी को दफनाया था। वहीं दूसरे पार्ट में पता चला कि विजय ने समीर की बॉडी नहीं बल्कि किसी और की बॉडी वहां रखी थी।
अब तीसरे पार्ट में इन दोनों सवालों का जवाब मिल जाएगा कि किसके कंकाल को विजय ने यूज किया था और कैसे उसने समीर की बॉडी को छिपाकर रखा अब तक।
कैसे हुई तीसरे पार्ट की शुरुआत
तीसरे पार्ट में केस की शुरुआत होती है कि तोमर सक्सेसफुली प्रूव कर लेता है कि समीर का डीएनए पुलिस स्टेशन की मिट्टी में मिला है। विजय और उसका परिवार एक बार फिर तैयार हो जाता है बड़ी मुश्किल के लिए। वहीं इस बार तो उनका सामना एक तेज दिमाग वाले पुलिस वाले से होता है।
इसके अलावा इंद्रजित शेट्टी(प्रकाश राज) भी आते हैं जो कॉन्फिडेंट है कि विजय की स्टोरी का सच वह निकाल लेगा। शेट्टी फिर विजय के धर्म, पास्ट, फ्यूचर सब को उखाड़ लेता है। लेकिन हर बार जब शेट्टी कोई बात रखता है, तो विजय के पास उसे काटने के लिए कोई न कोई तर्क तैयार होता है। आखिर में, सारी बात दो सवालों पर आकर टिक जाती है।
क्या हैं 2 बड़े सवाल
सवाल है कि क्या क्रिस्टोफर पिंटो का कंकाल अभी भी कब्रिस्तान में पड़ा है? और विजय 23 जुलाई को कहां था?
कौन है पिंटो
पिंटो वो लड़का है जिसका डीएनए पुलिस स्टेश में मिला है उस कंकाल में। तोमर उस डीएनए का मैच पूरे गोवा में ढूंढता है।
एक बार जब यह साबित हो जाता है कि कंकाल पिंटो का है, तो अगला लॉजिकल यह साबित करना है कि पिंटो के ताबूत के अंदर कोई कंकाल नहीं बचा है। अब यहीं से फिल्म अपने सबसे बड़े पैरेलल ट्रैक शुरू होता है।
अब जब तोमर और गायटोंडे कब्र को खोदते हैं तो उन्हें एक कंकाल मिलता है कॉफिन में। वहीं उसी सेम टाइम पर शेट्टी कोर्ट में 23 जुलाई की रिकॉर्डिंग चलाता है और उसे क्या सुनने को मिलता है? विजय की आवाज घर पर तो अपनी पत्नी से खाना गर्म करने को बोलता है। बस इसके बाद सब कुछ बदल जाता है।
कैसे कहानी में आया ट्विस्ट
अब ये सब हुआ कैसे? खैर इसका जवाब है बस विजय सालगांवकर। वह इसके लिए तैयार था। उसने ना सिर्फ खतरे पर रिएक्ट किया बल्कि उसे इसके बारे में पहले से अंदाजा था।
उसे पहले से ही पता था कि पुलिस ने उन पड़ोसियों के जरिए उसके घर में जासूस लगाए हुए हैं जो आम लोगों बनकर उनके घर के पास में रह रहे थे। तो सबसे पहले उसने पता लगाया कि उनकी कितनी प्रॉपर्टी पर नजर रखी जा रही थी। फिर उन्होंने अपने परिवार के साथ मिलकर प्लान किया और अपनी आवाज रिकॉर्ड की। शेट्टी कोर्ट में वही रिकॉर्डिंग बजाता है।
ये सब नॉर्मल लगता है कि विजय आता है घर और पत्नी से डिनर मांगता है। वह बेटियों को चेक करता है। लेकिन असल में विजय वहां था ही नहीं। वह तो फाइनल पार्ट के प्लान को पूरा कर रहा है और ऐसे ही विजय का केस मुश्किल हो जाता है सॉल्व करना।
अब एक सवाल फिर आता है कि पिंटो का कंकाल क्या?
जाहिर सी बात है वो भी फेक है। DNA सबूतों से यह साबित होता है कि पिंटो का असली कंकाल अभी भी एविडेंस रूम में है- वही कंकाल जिसका इस्तेमाल विजय ने समीर की लाश की जगह पर किया था।
तो तोमर को कैसे वो कंकाल पिंटो की ग्रेव पर मिला? इसका जवाब फिर पिंटो है। विजय अपने कॉन्टैक्ट्स के जरिए वैसा ही कंकाल बनवाता है। वह एक पुराना कॉफिन भी बनवाता है।
अब विजय ये सब कैसे करता है और सैम की बॉडी का क्या होता है? इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
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