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नई रिपोर्ट ने उठाए ChatGPT की प्राइवेसी पर सवाल, इंसान पढ़ रहे हैं यूजर्स की बात?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ChatGPT की कुछ बातचीत को इंसानी रिव्यूअर्स की ओर से पढ़कर जांच किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोसेस का इस्तेमाल AI के जवाबों की क्वॉलिटी सुधारने के लिए किया जा रहा है।

ChatGPT का इस्तेमाल आज लाखों लोग पर्सनल सवालों से लेकर काम, पढ़ाई और प्रोफेशनल जरूरतों तक के लिए कर रहे हैं। ऐसे में इसकी प्राइवेसी को लेकर एक नई रिपोर्ट ने सवाल खड़े कर दिए हैं। नई रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI के कुछ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स असली ChatGPT बातचीत को पढ़कर उनको रिव्यू कर रहे हैं। यह जानकारी 404 Media की एक रिपोर्ट में सामने आई है, जिसमें लीक हुए इंटरनल डॉक्यूमेंट्स, इंस्ट्रक्शन गाइड्स और असली यूजर प्रॉम्प्ट्स का हवाला दिया गया है।

404 Media की रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI इस प्रक्रिया को इंटरनली ‘Project Lily’ नाम से चला रहा है। इसमें ह्यूमन रिव्यूअर्स को ChatGPT के जवाबों का मूल्यांकन करने का काम दिया जाता है। इसका मकसद यह देखना है कि AI का जवाब कितना काम का है, उसमें गलतियां या फालतू बातें तो नहीं हैं और मॉडल के जवाबों को किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है।

कैसे किया जाता है बातचीत का रिव्यू?

रिपोर्ट के अनुसार, रिव्यूअर्स को यूजर की बातचीत और ChatGPT के जवाबों को देखकर उनकी क्वालिटी का आकलन करना होता है। इसमें जवाब को अलग-अलग मानकों पर जांचा जा सकता है, जैसे जवाब कितना उपयोगी है, उसमें गलत जानकारी तो नहीं है और क्या वह जरूरत से ज्यादा रोबोटिक या बनावटी भाषा में लिखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रक्रिया का मकसद AI मॉडल को बेहतर बनाना और उसके जवाबों को ज्यादा काम का बनाना है।

हालांकि, सबसे बड़ी चिंता निजी जानकारी को लेकर है। 404 Media की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत में कई बार यूजर्स की संवेदनशील या निजी जानकारी भी शामिल हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रिव्यूअर्स को यूजरनेम नहीं दिखाए जाते, लेकिन कुछ मामलों में उनके सामने यूजर की पिछली गतिविधियों से जुड़ी ‘memory summary’ दिखाई दे सकती है।

यूजर्स के लिए इसका क्या मतलब है?

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ChatGPT यूजर्स के लिए यह समझना जरूरी हो जाता है कि AI चैट को पूरी तरह निजी डायरी की तरह इस्तेमाल करना सही नहीं है। पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स, पहचान से जुड़ी सेंसिटिव जानकारी या ऐसी निजी बातें जिन्हें आप किसी इंसान के साथ शेयर नहीं करना चाहते, उन्हें AI चैट में डालने से बचना बेहतर है।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ह्यूमन रिव्यू प्रोसेस का इस्तेमाल AI कंपनियां मॉडल को बेहतर बनाने के लिए करती रही हैं। रिपोर्ट में OpenAI के अलावा दूसरी AI कंपनियों में भी इस तरह की रिव्यू का जिक्र किया गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN