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नीट की दोबारा हुई परीक्षा, एनटीए ने कहा- रिकॉर्ड 37 दिनों में एग्ज़ाम कराया

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Source :- BBC INDIA

नीट यूजी परीक्षा 2026

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नीट (यूजी) 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार, 21 जून को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित हुई.

परीक्षा शाम क़रीब सवा पांच बजे तक चली, उसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने एक बयान जारी कर कहा कि री-एग्ज़ाम में 20 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया.

बयान के अनुसार, “यह परीक्षा देश भर के 5,440 केंद्र और देश से बाहर 14 केंद्रों पर 13 भाषाओं में आयोजित की गई. इस पूरे आयोजन में पुलिसकर्मी, ऑब्ज़र्वर और परीक्षा स्टाफ़ समेत क़रीब सात लाख कर्मचारियों को तैनात किया गया था.”

“तमाम राज्य सरकारों ने स्टूडेंट्स और उनके परिजनों के लिए केंद्र के बाहर छांव, पेयजल और खाने का इंतजाम किया था. इसके अलावा एंबुलेंस और मेडिकल सुविधाएं भी थीं. कई राज्यों में निःशुल्क यातायात की व्यवस्था की गई थी.”

एनटीए के बयान के अनुसार, “परीक्षा के दौरान, आधार बेस्ड बायोमेट्रिक और फ़ेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, जैमर्स और स्थानीय पुलिस की मदद से दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.”

एनटीए ने रिकॉर्ड 37 दिनों के अंदर दोबारा परीक्षा कराने को अपनी उपलब्धि बताया.

इससे पहले शनिवार को सेंटर अलॉट किए जाने को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया था.

दरअसल एक स्टूडेंट ने दावा किया था कि उसका परीक्षा केंद्र नागपुर की जगह अबू धाबी आवंटित कर दिया. हालांकि एनटीए ने स्पष्टीकरण जारी कर अबू धाबी सेंटर अलॉट किए जाने की ज़िम्मेदारी कैंडिडेट पर ही डाल दी.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को आयोजित हुई नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की शिकायत के बाद रद्द कर दिया था.

इस बीच नीट पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू कर दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की.

सीजेपी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े तक जंतर-मंतर छोड़ कर न जाने का एलान किया है.

राहुल गांधी का कोट

उधर, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को होने वाली परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दी थीं.

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर स्टूडेंट्स से कहा, “पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दीजिए. कुछ भी हो, मैं हमेशा आपके साथ हूं और आपकी रक्षा करता रहूंगा.”

इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा अच्छे से हो और कोई गड़बड़ी न हो पाए.

अबू धाबी विवाद पर एनटीए ने क्या कहा?

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एनटीए ने शनिवार को उठे विवाद पर अपना पक्ष रखने के लिए एक बयान जारी किया.

बयान के अनुसार, “एनटीए के वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड बताते हैं कि इस मामले में परीक्षा शहर में बदलाव कैंडिडेट के अपने पंजीकृत लॉग-इन के माध्यम से, करेक्शन विंडो खुले होने के दौरान किया गया था. रिकॉर्ड में एक ही यूज़र के लगातार एक्सेस का पैटर्न दिखाई देता है.”

अंतिम समय में किए गए अनुरोध के तत्काल समाधान के बारे में कहा गया है, “हालांकि अबू धाबी केंद्र का चयन कैंडिडेट ने खुद किया था, लेकिन एनटीए को 19 जून की शाम (परीक्षा से केवल 48 घंटे पहले) केंद्र को नागपुर में बदलने के लिए एक अनौपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ. एनटीए कर्मियों ने तुरंत केंद्र बदलने की प्रक्रिया शुरू की और 19 जून की शाम को ही अभ्यर्थी के पिता से संपर्क किया, ताकि वे औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर सकें.”

“एनटीए ने पाया है कि तीन मौकों पर कैंडिडेट के क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल किया गया. इनमें एक बार केंद्र को अबू धाबी बदला गया और दो बार यह प्रिव्यू देखा गया कि केंद्र अबू धाबी है. इसके बावजूद एनटीए ने अभ्यर्थी के अनुरोध को स्वीकार किया और परीक्षा केंद्र बदलने की कार्यवाही की गई.”

नीट कैंडिडेट के पिता का दावा

मोहम्मद तालिब

नीट कैंडिडेट का दावा है कि उसने रविवार को होने वाली परीक्षा के लिए नागपुर को अपने पसंदीदा परीक्षा केंद्र के रूप में चुना था.

हालांकि, उसके पिता ने कहा कि उसे विदेश में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया.

परिवार ने कहा कि कैंडिडेट के पास पासपोर्ट नहीं है और उनके पास उसे बनवाने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं था.

छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने एएनआई से कहा, “हम अपने बच्चे को परीक्षा देने के लिए विदेश भेजने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं. उसके पास पासपोर्ट तक नहीं है और यात्रा की व्यवस्था करने के लिए भी अब समय नहीं बचा है.”

उन्होंने कहा, “नीट की परीक्षा पहले कैंसिल हुई थी और 21 जून को फिर से परीक्षा की घोषणा की गई थी. 14 जून को एडमिट कार्ड जारी करने की तारीख़ दी गई थी. लेकिन एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं हो रहा था. कल (शुक्रवार) चार बजे वह डाउनलोड हुआ. जब सेंटर देखा तो उसमें अबू धाबी के स्कूल का नाम लिखा था. हम लोग बहुत हैरान हुए. क्योंकि हमने ऐसा कुछ तो लिखा नहीं था.”

“इसके बाद हेल्पलाइन पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि एक मेल करिए, इसके बाद हम शनिवार चार बजे तक नया एडमिट कार्ड जारी करते हैं.”

इस घटना पर नाराज़गी भी देखने को मिली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट की आलोचना करते हुए कहा कि एजेंसी “देश के धैर्य की परीक्षा ले रही है.”

नीट परीक्षा

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यह मामला सामने आने पर राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है. वह (छात्र) रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है. क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?”

उन्होंने लिखा, “आख़िर ऐसा किस तरह हुआ? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए. एनटीए असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता के सिर्फ़ धीरज की जांच कर रही है. जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकता, उल्टा विदेश भेज सकता है, उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं.”

हालांकि शनिवार को सुबह क़रीब 10 बजे ही एनटीए ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि इस मामले में कार्रवाई हो रही है और वेरिफ़िकेशन के बाद कैंडिडेट को नागपुर में परीक्षा केंद्र दे दिया जाएगा.

परीक्षा से पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

नीट यूजी परीक्षा 2026

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रविवार को 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी.

एनटीए ने कहा था कि परीक्षा के दिन कैंडिडेट अपने एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फ़ोटो आईडी और दो पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो अपने साथ ज़रूर ले जाएं.

एनडीटीवी के अनुसार, शनिवार को प्रश्नपत्रों को इंडियन एयर फ़ोर्स के हेलीकॉप्टर से जयपुर के परीक्षा केंद्र पर पहुंचाया गया.

कर्नाटक के कलबुर्गी में एक परीक्षा केंद्र के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने एएनआई को बताया कि कमरों में सीसीटीवी लगाए गए हैं और केंद्र पर स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपीएफ़ के सुरक्षाकर्मी भी तैनात होंगे.

अहमदाबाद में परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और वहां पुलिस ने शनिवार को मॉक ड्रिल भी की.

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

जंतर मंतर

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इस साल तीन मई को नीट यूजी परीक्षा 2026 एनटीए की देखरेख में कराई गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा इसे कराने का एलान किया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक़, “12 मई को परीक्षा रद्द किए जाने और कथित पेपर लीक के बाद 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा के बीच 37 दिनों में कम से कम 12 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या कर ली.”

“ये सभी 12 छात्र दोबारा होने वाली परीक्षा में शामिल होने वाले थे. मामले राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गोवा और दिल्ली से सामने आए हैं.”

परिवारों और पुलिस की जानकारी के अनुसार, परीक्षा रद्द होने, भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता और दोबारा परीक्षा के दबाव ने छात्रों पर गहरा मानसिक असर डाला.

कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को जंतर मंतर पर इन छात्रों को श्रद्धांजलि दी.

(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की ‘जीवन आस्था’ हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS