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नेपाल की बाढ़ विश्व के लिए चेतावनी थी, क्या आपने सुनी? UN में बोले पीएम बालेन शाह

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने UNGA को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगस्त की त्रासदी कोई स्थानीय त्रासदी नहीं थी। वह दुनिया के लिए एक चेतावनी थी। सवाल यह है कि क्या आपने वह चेतावनी सुनी?

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने मजबूती के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी बात को रखा है। हाल में भयंकर बाढ़ से पीड़ित रहे नेपाल ने दुनियाभर के देशों से कहा कि आज नेपाल और हिमालयी देश ऐसे मौसम की मार झेल रहे हैं, जिसे उन्होंने गर्म भी नहीं किया। इसके अलावा वह ऐसे युद्धों के असर का भी सामना कर रहे हैं, जिसे उन्होंने शुरू नहीं किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक ऐसी दुनिया बनाई गई है, जहां पर हथियारों की सप्लाई चैन मजबूती के साथ चल रही है, लेकिन खाने-पीने की सप्लाई चैन टूटी हुई है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधन करने वाले इस साल के सबसे युवा नेता बने नेपाली प्रधानमंत्री ने हाल में आई बाढ़ की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह तबाही एक स्थानीय त्रासदी नहीं थी। यह पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी थी और आज वह पूछना चाहते हैं कि क्या सचमुच दुनिया ने वह चेतावनी सुनी है? इसके साथ ही नेपाली पीएम ने भारत, चीन और नेपाल के नेतृत्व में हिमालयी जलवायु लचीलेपन सिस्टम को बनाने की अपील की। दुनियाभर के देशों को जलवायु परिवर्तन के खतरे से अवगत करवाते हुए बालेन शाह ने इस बात पर जोर दिया कि इसके खतरे के कम करने के लिए सभी देशों को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “एक तरफ ग्लेशियर पिघल रहे हैं, फसलें बर्बाद हो रही हैं और बिना चेतावनी के बाढ़ आ रही है। दूसरी तरफ, ग्लोबल सप्लाई चेन गरीब लोगों को ऐसी वजहों के लिए सजE देती है जो समझ से परे हैं।” इसके बाद बालेन ने जरूरी सामानों की धीमी आवाजाही की तुलना उस तेजी से की, जिससे मिलिट्री का सामान बॉर्डर पार कर सकता है।

नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा, “इंटर-कॉन्टिनेंटल मिसाइलें समय पर पहुँचती हैं। राइफल और गोला-बारूद बॉर्डर पार करते हैं, हर रुकावट को पार करते हैं और हर डेडलाइन पूरी करते हैं। लेकिन नेपाल का किसान जरूरत के समय बाजार भाव पर खाद या ईंधन नहीं खरीद पाता। हमने युद्ध के लिए तो बेहतरीन लॉजिस्टिक्स वाली दुनिया बनाई है, लेकिन खाने-पीने की चीजों के लिए लॉजिस्टिक्स का सिस्टम खराब है”

नेपाल ही नहीं बांग्लादेश, भूटान मालदीव की कर रहे सामना- नेपाल पीएम

नेपाल पीएम बालेन शाह ने कहा इस मौसम की खराबी का सामना केवल नेपाल ही नहीं कर रहा है। बल्कि उसके आसपास के देश भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह नेपाल की अपनी बदकिस्मती नहीं है। भूटान, भारत, मालदीव, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देश भी उस मौसम की मार झेल रहे हैं जिसे हमने गर्म नहीं किया, और उन युद्धों की मार भी झेल रहे हैं जिन्हें हमने शुरू नहीं किया।”

देशों को जरूरत पड़ने पर जरूरी चीजें मिलनी चाहिए- नेपाल पीएम

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने जोर देकर कहा कि इससे फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि देश अमीर है या फिर गरीब। जरूरत के समय सभी को जरूरत का सामान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “जो देश कीमत चुकाने को तैयार हो, उसे सामान खरीदने की सुविधा मिलनी चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जो दुनिया “बहत्तर घंटों” में कहीं भी हथियार पहुँचा सकती है, उसके पास किसी किसान को “अच्छी जिंदगी” कमाने के साधन से वंचित रखने का कोई जायज कारण नहीं हो सकता।

बता दें, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को आम तौर पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा बात करते हुए नहीं देखा जाता। हालांकि, इस बार जब वह अंतर्राष्ट्रीय मंच से बोल रहे थे, तो नेपाल के लोगों के मन में भी एक सुखद आश्चर्य दिखाई दिया। उनके कई समर्थकों ने सोशल मीडिया साइट पर अपनी खुशी जाहिर की।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN