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नोएडा के पास जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा किया जाएगा

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जेवर स्थित Noida International Airport का आधिकारिक नाम बदलकर “Narendra Modi International Airport, Noida-Jewar” कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। Adityanath ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपहार बताया।

## मंत्रिमंडल का प्रस्ताव और नाम परिवर्तन

लखनऊ में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CM Adityanath ने बताया कि उत्तर प्रदेश की Council of Ministers ने प्रधानमंत्री Modi के सम्मान में एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया है। पहले Jewar Airport या Noida International Airport के नाम से जाना जाने वाला यह एयरपोर्ट अब “Narendra Modi International Airport, Noida-Jewar” के नाम से जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय सरकार के प्रमुख के रूप में Modi की “सार्वजनिक सेवा की लगातार 25 साल की यात्रा” को सम्मानित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस उपलब्धि को आधिकारिक रूप से 7 अक्टूबर को चिह्नित किया गया। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और एक प्रमुख विमानन केंद्र बनने जा रहा है तथा राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

## पृष्ठभूमि: उद्घाटन से संचालन तक

प्रधानमंत्री Modi ने 28 मार्च, 2026 को जेवर स्थित Noida International Airport के Phase-I का उद्घाटन किया था। 15 जून को वाणिज्यिक उड़ान संचालन शुरू हुआ, जब Lucknow से आई IndiGo की एक उड़ान इस एयरपोर्ट पर उतरने वाली पहली एयरलाइन बनी।

Yamuna Expressway के किनारे Gautam Buddha Nagar जिले में स्थित इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को public-private partnership के तहत विकसित किया गया है। Zurich Airport International AG की भारतीय सहायक कंपनी Yamuna International Airport Pvt Ltd संचालन की देखरेख करने वाली concessionaire है। Phase-I के लिए कुल निवेश लगभग ₹11,200-11,282 करोड़ रहा।

Phase-I में शुरुआती तौर पर हर वर्ष 12 million यात्रियों को संभालने की क्षमता है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 70 million किया जाएगा। एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबा रनवे है, जो wide-body aircraft को संभालने में सक्षम है।

## रणनीतिक महत्व: बुनियादी ढांचा और क्षेत्रीय विकास

क्षेत्र को उम्मीद है कि नाम बदला गया यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और भारत के सबसे महत्वपूर्ण विमानन केंद्रों में से एक बनेगा। हवाई संपर्क के अलावा, इसे road और अन्य transit systems से जुड़े multimodal transport links के साथ विकसित किया गया है, ताकि इसे मौजूदा बुनियादी ढांचे के साथ एकीकृत किया जा सके।

एयरपोर्ट की प्रमुख तकनीकी विशेषताओं में से एक इसका रनवे है, जिसके दोनों सिरों पर Instrument Landing System (ILS) लगाया गया है। इससे हवा की दिशा के आधार पर विमानों के approach में लचीलापन मिलता है। ये प्रणालियां सुरक्षा बढ़ाती हैं और अलग-अलग मौसम की परिस्थितियों में संचालन को सक्षम बनाती हैं।

यह नया एयरपोर्ट दिल्ली के Indira Gandhi International Airport का पूरक बनने के लिए भी तैयार है और National Capital Region (NCR) में बढ़ते हवाई यातायात को राहत प्रदान कर सकता है।

## राजनीतिक प्रतीकवाद और जनता की प्रतिक्रिया

किसी मौजूदा प्रधानमंत्री के नाम पर Jewar का नाम रखना भारत में दुर्लभ है और इस कदम ने राजनीतिक ध्यान आकर्षित किया है। Adityanath ने Modi के नेतृत्व की सराहना की, एयरपोर्ट को राज्य के लिए एक “उपहार” बताया और नाम परिवर्तन को सरकार में Modi के 25 वर्ष पूरे होने से जोड़ा।

आलोचकों ने जीवित राजनेताओं के नाम पर सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का नाम रखने की परंपरा को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह Modi की व्यापक सार्वजनिक सेवा और एयरपोर्ट के निर्माण में उनकी भूमिका को मान्यता देता है। लखनऊ में हुई घोषणा के दौरान UP के deputy chief ministers और BJP के alliance partners मौजूद थे।

## आगे क्या?

हालांकि राज्य मंत्रिमंडल का प्रस्ताव आधिकारिक है, लेकिन नाम बदलने की प्रक्रिया में आमतौर पर सरकारी प्रोटोकॉल के तहत आगे के कदम शामिल होते हैं। CM Adityanath ने कहा कि इस मंजूरी के बाद बदलाव को औपचारिक रूप देने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।

जैसे-जैसे एयरपोर्ट का संचालन बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा, वाणिज्य, पर्यटन और परिवहन से जुड़े stakeholders इस बात पर करीबी नजर रखेंगे कि इस बदलाव का क्षेत्रीय आवागमन, निवेश के रुझानों और शहरी विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है। अपने नए नाम और बढ़ती क्षमता के साथ यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ने में परिवर्तनकारी भूमिका निभाने की स्थिति में है।

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