पिछले पांच दिनों से उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर मानसून की गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं, जिससे इन क्षेत्रों में वर्षा की कमी बनी हुई है। इस बीच, हरियाणा में ओलावृष्टि और आंधी के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जबकि राजस्थान में भी भारी बारिश से फसलों को क्षति पहुंची है।
**हरियाणा में ओलावृष्टि और आंधी से फसलों को नुकसान**
हरियाणा के हिसार, सिरसा, जींद, झज्जर, भिवानी, रोहतक, पानीपत, फतेहाबाद, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और यमुनानगर जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। हिसार के बरवाला में बारिश के साथ ओले भी गिरे। कुरुक्षेत्र के पिहोवा में खेत में लगी आग तूफान की वजह से भड़क गई, जिससे आग की लपटें घरों तक पहुंच गईं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों में ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया है।
रेवाड़ी जिले के 60 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि के कारण गेहूं और सरसों की फसलों को 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। कृषि विभाग की ओर से फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिस पर किसान अपने नुकसान की जानकारी दे सकते हैं।
सिरसा जिले के डबवाली, रानियां, ओढ़ां क्षेत्र के करीब 25 गांवों में ओलावृष्टि हुई, जिससे गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के अधिकारी नुकसान का जायजा ले रहे हैं।
महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी और सतनाली में ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने गिरदावरी की मांग की है।
**राजस्थान में भारी बारिश से फसलों को नुकसान**
राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। विशेषकर, गेहूं और सरसों की फसलें प्रभावित हुई हैं। कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित किसानों को राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
**उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून की स्थिति**
उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर पिछले पांच दिनों से मानसून की गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं, जिससे इन क्षेत्रों में वर्षा की कमी बनी हुई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मानसून की प्रगति पर निगरानी बढ़ा दी है और किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों से अपडेट रहें।
**किसानों के लिए सलाह**
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। ओलावृष्टि और आंधी के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग की सलाह लें और फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण करें।
मौसम की अनिश्चितताओं के बीच किसानों को सतर्क रहकर अपनी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
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