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पितृ पक्ष में बनारस जाने का बना रहे हैं प्लान? दिल्ली से ऐसे पहुंचें काशी, इन जगहों पर करें पिंडदान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पितृ पक्ष में पिंडदान करने के लिए बनारस जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो हम आपको दिल्ली से काशी जाने के लिए बेस्ट रूट और पिंडदान कहां कर सकते हैं, इसकी जानकारी देने जा रहे हैं। 

पितरों को खुश करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लोग पितृ पक्ष में काशी, गया और हरिद्वार जाकर पिंडदान करते हैं। इसमें पितरों का श्राद्ध और ब्राह्मणों को भोज कराकर उन्हें खुश करने की परंपरा चल रही है। अगर आप भी दिल्ली से बनारस जाकर पिंडदान करने का प्लान बना रहे हैं, तो सफर पर निकलने से पहले रूट और पिंडदान के प्रमुख स्थानों के बारे में जान लेना जरूरी है। आइए जानते हैं दिल्ली से काशी पहुंचने का आसान तरीका और किन जगहों पर पिंडदान किया जा सकता है।

दिल्ली से बनारस कैसे जाएं?

दिल्ली से बनारस जाना ज्यादा मुश्किल नहीं है। काशी के लिए बस, ट्रेन और फ्लाइट सभी रूट मौजूद हैं। आप तीनों में से कोई भी रूट ले सकते हैं लेकिन हम आपके सभी रूटों के बारे में जानकारी देते हैं।

दिल्ली से बनारस के लिए ट्रेन- दिल्ली से बनारस के लिए कई सीधी ट्रेनें मिलती हैं। ट्रेन से यात्रा में करीब 8 से 12 घंटे या उससे ज्यादा का समय लग सकता है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से वाराणसी जंक्शन (BSB) के लिए सीधी ट्रेनें आपको मिल जाएंगी। कई ट्रेनें ऐसी हैं, जो शाम-रात में चलती हैं और सुबह काशी में उतार देती हैं।

दिल्ली से बनारस के लिए फ्लाइट- दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक के लिए सीधी फ्लाइट मिलती हैं। फ्लाइट से आपको करीब 1.5 घंटे का समय लग सकता है। हालांकि, इसमें एयरपोर्ट पहुंचने, चेक-इन और शहर तक आने-जाने का समय अलग से लगेगा।

बस से जाने का प्लान- दिल्ली से बनारस तक जाने के लिए बसें भी चलती हैं लेकिन ये 12-14 घंटे का समय लेती हैं। अगर आप कम बजट में सफर करना चाहते हैं, तो बस वाला ऑप्शन ले सकते हैं। लेकिन इसमें समय लगेगा। अगर आप शाम वाली कोई बस लेते हैं, तो वह अगले दिन दोपहर तक पहुंचाएगी।

ट्रैवल टिप्स- अगर आप कम बजट और समय में बनारस पहुंचना चाहते हैं, तो ट्रेन वाला ऑप्शन सबसे सही है। आप जनरल बोगी में बैठकर भी काशी पहुंच सकते हैं और स्लीपर में टिकट बुक करके भी जा सकते हैं। ट्रेन का किराया ज्यादा नहीं होगा और रातभर में सोते हुए आसानी से सुबह पहुंच जाएंगे। दिन में पिंडदान करके रात वाली वापसी की ट्रेन से दिल्ली आ सकते हैं।

बनारस में पिंडदान कहां करें?

पिशाच मोचन कुंड- अकाल मृत्यु, दुर्घटना या असाधारण मृत्यु वाले परिजनों की शांति, त्रिपिंडी श्राद्ध और प्रेत योनि से मुक्ति के लिए आप पिशाच मोचन कुंड पर पिंडदान करवा सकते हैं। इस कुंड को ऐसे दान के लिए खास माना जाता है।

मणिकर्णिका घाट- बनारस के मणिकर्णिका घाट पर आपको कई शरीर जलते हुए दिखेंगे। महाश्मशान कहे जाने वाले इस स्थान पर सामान्य पिंडदान, तर्पण और मोक्ष प्राप्ति की कामना से जुड़े सभी कार्य किए जाते हैं।

पंचगंगा घाट और दशाश्वमेध घाट- सभी घाटों के अलावा आप बनारस के पंचगंगा घाट और दशाश्वमेध घाट पर भी पिंडदान का कार्य करवा सकते हैं। इन सभी जगहों पर मौजूद पंडित श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का काम करवाते हैं।

सावधानी रखें- पिंडदान करने के लिए ज्यादा पैसे देने की जरूरत नहीं है। घाट पर कई ढोंगी बाबा भी रहते हैं, तो पूजा पाठ के नाम पर लोगों को ठग लेते हैं। साथ ही अपना सामान जैसे पर्स, मोबाइल, पैसे तो संभालकर रखें, भीड़ में यहां पर लूटपाट की घटना हो सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN