Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के लिए बाहर से आने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों से देश की सीमाएं तुरंत बंद करने की अपील की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के लिए बाहर से आने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से कहा है कि देश अपनी सीमाएं बंद कर ले, वरना बहुत देर हो जाएगी। बता दें कि शनिवार को हुए प्रदर्शनों के बाद रविवार को फ्रांस में कई जगहों पर नुकसान हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 1800 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सैकड़ों पुलिसकर्मी और इमरजेंसी कर्मचारी घायल हुए। लिमोजेस शहर में 143 साल पुराना ऐतिहासिक सिटी हॉल आग में कुछ हद तक जल गया।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर क्या लिखा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर कहा कि फ्रांस जल रहा है! एक बिल्कुल अलग दुनिया से ऐसे लोगों के आने से, जिनके दिल में नफरत है, इस महान देश को तोड़ दिया है। उन्होंने आगे लिखा कि बहुत देर हो जाए उससे पहले अपनी सीमाएं बंद करो और नियंत्रण करो। इससे पहले ट्रंप ने मजाक में कहा था कि फ्रांस क्रांति के लिए प्रसिद्ध है और लोग वहां जाकर क्रांति में शामिल हो सकते हैं।
जेडी वेंस ने क्या कहा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी हिंसा के लिए बाहर से लोगों के आने और विविधता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पश्चिमी लिबरल सरकारों ने दया और विविधता के नाम पर तीसरी दुनिया के लोगों को फ्रांस और दूसरे देशों में लाया, लेकिन घुल-मिलने और अनुकूलता के बुनियादी सवालों को नजरअंदाज किया।
वैंस ने कहा कि सरकारों को पहले से चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। लिमोजेस सिटी हॉल में लगी आग पर उन्होंने कहा कि वे प्रार्थना करते हैं कि फ्रांस, जो अद्भुत लोगों का सुंदर देश है, अपने और ऐतिहासिक इमारतों के जलने से पहले इस पागलपन को रोक दे। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों से भी फ्रांस की घटनाओं पर ध्यान देने को कहा।
फ्रांस में क्यों हो रहा विरोध-प्रदर्शन
फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, 17 अक्टूबर के प्रदर्शनों में करीब 5 लाख 50 हजार लोग शामिल हुए। वहीं, CGT लेबर यूनियन समेत आयोजकों ने यह संख्या लगभग 8 लाख बताई। इनमें छात्र, ट्रेड यूनियन और दूसरे समूह शामिल थे, जो महंगाई, शिक्षा की समस्याएं और सरकारी सेवाओं की खराब हालत का विरोध कर रहे थे। आगे बताया गया कि प्रदर्शन शुरू में महंगाई और सुविधाओं की शिकायत के लिए निकले थे, बाद में हिंसक हो गए। कुछ समूहों ने पुलिस से झड़प की, दुकानें लूटीं और कई शहरों में इमारतों में आग लगा दी। फिलहाल हालात तनावपूर्ण है।
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