Home LIFESTYLE NEWS HINDI बच्चे के स्कूल से आते ही ये 5 काम ना करें पैरेंट्स,...

बच्चे के स्कूल से आते ही ये 5 काम ना करें पैरेंट्स, डॉक्टर हनीश ने बताई जरूरी वजह!

6
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

बच्चे के स्कूल से घर आते ही पैरेंट्स कई बार ऐसी चीजें कर बैठते हैं, जिनसे बच्चों का स्ट्रेस लेवल काफी बढ़ जाता है। इससे उनका बाकी का दिन खराब हो जाता है और पढ़ाई में मन भी नहीं लगता। ऐसे में ये 5 बातें ध्यान में रखकर आप बच्चे को शांत भरी शुरुआत दे सकते हैं।

स्कूल में 6 से 8 घंटे का समय बिताने के बाद जब बच्चा घर वापस आता है जो जाहिर है उसे काफी थकावट रहती है। साथ ही स्कूल में उसका पूरा दिन कैसा रहा, इसका असर भी बच्चे के मूड पर रहता है। ऐसे में घर का माहौल और पैरेंट्स का बिहेवियर बच्चे के लिए काफी मायने रखता है। कई बार माता पिता बच्चे के घर आते ही अनजाने में काफी प्रेशर डाल देते हैं, जो उसकी मेंटल और फिजिकल हेल्थ के लिए सही नहीं है। एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ हनीश बजाज बताते हैं कि स्कूल से घर आने के बाद बच्चे के साथ कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि वह खुद को सहज महसूस कर सके। बच्चे का स्ट्रेस बढ़ाने के बजाए पैरेंट्स को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

घर आने के बाद बच्चे को दें शांत माहौल

स्कूल से घर आने के तुरंत बाद बच्चे से बहुत सारे सवाल करने या उससे कोई काम करवाने की जल्दी ना करें। उसे कुछ समय बिल्कुल शांति भरा माहौल दें। डॉ हनीश के अनुसार, बच्चे को करीब आधा-एक घंटे का शांति भरा समय देना चाहिए। इस दौरान उससे ज्यादा कुछ ना बोलें और उसे अपने हिसाब से समय बिताने दें। बच्चा स्कूल में कई घंटे बिताकर आया है, इसलिए घर पहुंचने के बाद उसे थोड़ा आराम मिलना जरूरी है।

कपड़े और सामान को ले कर ना करें चिक-चिक

बच्चे के घर आते ही कपड़ों और सामान को लेकर उसे बार-बार टोकने से बचें। जूते कहां रखे हैं, बैग यहां क्यों रखा है या कपड़े अभी तक क्यों नहीं बदले जैसे सवालों को लेकर तुरंत किच-किच शुरू ना करें। स्कूल से आने के बाद बच्चे को छोटी-छोटी बातों पर परेशान करने के बजाय पहले उसे थोड़ा समय देना चाहिए। हर चीज तुरंत करवाने की कोशिश ना करें। बच्चे को थोड़ा रिलैक्स होने दें और फिर आराम से बाकी चीजों के बारे में बात करें।

आते ही पढ़ाई और होमवर्क का प्रेशर ना दें

स्कूल से घर पहुंचते ही बच्चे को पढ़ाई या होमवर्क की याद दिलाने से बचें। उससे बार-बार यह पूछना कि होमवर्क कब करोगे या पढ़ने कब बैठोगे, उसके लिए स्ट्रेस बढ़ाने वाला हो सकता है। डॉक्टर की सलाह है कि स्कूल से आने के बाद बच्चे पर स्टडी और होमवर्क का तुरंत प्रेशर ना डालें। पहले उसे थोड़ा फ्री होने दें। जब वह स्कूल के बाद खुद को थोड़ा बेहतर महसूस करे, तब पढ़ाई से जुड़ी बातें की जा सकती हैं।

खाने-पीने को ले कर ना करें ज्यादा चिकचिक

स्कूल से आने के बाद बच्चे के खाने-पीने को ले कर भी बहुत ज्यादा टोका-टोकी करने से बचें। कई बार पैरेंट्स खाने को लेकर बार-बार पूछना या जोर देना शुरू कर देते हैं। ऐसे में छोटी-सी बात भी बहस का कारण बन सकती है। खाने-पीने को ले कर चिकचिक करने के बजाय बच्चे के साथ सहज रहें। हर बात को लेकर उसे तुरंत टोकने से बचें और घर का माहौल शांत रखने की कोशिश करें।

बच्चे को दें फ्री प्ले टाइम

स्कूल के बाद बच्चे को कुछ समय मस्ती और खेलने के लिए भी दें। फ्री प्ले टाइम में उसे अपनी पसंद से खेलने और अपने तरीके से समय बिताने दें। इस दौरान हर समय उसे किसी काम में लगाए रखना जरूरी नहीं है। डॉ हनीश बजाज के अनुसार, बच्चे को स्कूल के बाद थोड़ा फ्री रहने देना चाहिए। वह खेलना चाहता है, मस्ती करना चाहता है या कुछ देर अपने तरीके से समय बिताना चाहता है, तो उसे ऐसा करने दें। हर समय पढ़ाई या किसी दूसरे काम का दबाव बनाने के बजाय उसे कुछ समय खुलकर रहने का मौका मिलना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN