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बच्च े क ो दूध वाल ी चाय पिलात े हैं? डॉक्टर स े जान ले ं सेहत क ो होन े वाल े नुकसान!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

कई पैरेंट्स बच्च े क ो रेगुलर बेसिस पर चाय पिलात े हैं । उन्हे ं लगत ा ह ै क ि थोड़ ी स ी दूध वाल ी चाय स े कोई नुकसान नही ं होगा । लेकिन य े केवल मिथ है । डॉक्टर कहत े है ं क ि दूध वाल ी चाय ह ो य ा थोड़ ी सी, बच्च े क ी सेहत पर काफ ी खराब असर डाल सकत ी है।

सुबह क ी शुरुआत ह ो य ा शाम क ा समय, कई घरो ं मे ं चाय बनन ा आम है । ऐस े मे ं कई बार बच्च े भ ी पैरेंट्स क ो देखकर चाय पीन े क ी जिद करन े लगत े हैं । कुछ पैरेंट्स बच्चो ं क ो चाय द े भ ी देत े है ं क्योंक ि उन्हे ं य े नॉर्मल लगत ा है । लेकिन क्य ा वाकई बच्च े क ो चाय देन ा सह ी है? इस बार े मे ं ड ॉ दीपक कुमार एक वीडिय ो पोस्ट क े जरिए बतात े है ं क ि बच्चो ं क ो चाय देन े स े पहल े पैरेंट्स क ो एक बार उसक े नुकसान भ ी जरूर जान लेन े चाहिए । कई पैरेंट्स सोचत े है ं क ि थोड़ ी स ी चाय देन े स े क्य ा ह ी ह ो जाएगा, अर े हम न े त ो ज्याद ा दूध वाल ी चाय ह ी बच्च े क ो पिलाई थी, लेकिन यहा ं य े जानन ा जरूर ी ह ै क ि थोड़ ी स ी चाय भ ी धीर े धीर े आदत बन सकत ी है ं और बच्च े क ी सेहत पर बुर ा असर डाल सकत ी हैं । आइए जानत े है ं डॉक्टर क े मुताबिक बच्चो ं क ो चाय देन े क े क्य ा नुकसान हैं।

बच्चो ं क ो थोड़ ी स ी भ ी नही ं देन ी चाहिए चाय

ड ॉ दीपक गुप्त ा क े अनुसार, चाय पीन े क ा किस ी भ ी उम्र मे ं कोई फायद ा नही ं है । खासतौर पर बच्चो ं क ो चाय देन े स े बचन ा चाहिए । कई बार पैरेंट्स यह सोचकर बच्च े क ो चाय द े देत े है ं क ि थोड़ ी स ी चाय स े कोई नुकसान नही ं होगा । लेकिन अगर बच्च ा बार-बार चाय पीन े लग े त ो यह उसक ी रोज क ी आदत बन सकत ी है । इसलिए कोशिश करे ं क ि बच्च े क ो छोट ी उम्र स े ह ी चाय क ी आदत न लगन े दें।

चाय स े बच्चो ं मे ं ह ो सकत ी ह ै आयरन क ी कमी

डॉक्टर क े अनुसार, चाय मे ं कुछ ऐस े तत्व मौजूद होत े हैं, जिनक ी वजह स े शरीर मे ं खून बनन े मे ं परेशान ी ह ो सकत ी है । इसस े आयरन क ी कम ी यान ी आयरन डेफिशिएंस ी और एनीमिय ा तक क ि शिकायत ह ो सकत ी है । शरीर मे ं आयरन क ी कम ी होन े पर बच्च े क ो थकावट और चक्कर आन े जैस ी परेशान ी ह ो सकत ी है । इसक े अलाव ा नाखून कमजोर और आसान ी स े टूटन े वाल े ह ो सकत े हैं । साथ ह ी इसस े बाल झड़न े क ी समस्य ा भ ी ह ो सकत ी है । इसलिए अगर बच्च ा चाय पीन े क ी जिद करत ा है, त ो उस े इसक ी आदत डालन े क े बजाय चाय स े दूर रखन ा बेहतर है।

चाय मे ं मौजूद कैफीन क ा बच्चो ं पर असर

डॉक्टर बतात े है ं क ि चाय मे ं कैफीन नाम क ा तत्व पाय ा जात ा है । इस े पीन े क े बाद बच्च े क ो नींद आन े मे ं परेशान ी ह ो सकत ी है । कुछ बच्च े सामान्य स े ज्याद ा एक्टिव भ ी ह ो सकत े हैं । अच्छ ी नींद बच्चो ं क े लिए जरूर ी होत ी है, इसलिए उनक ी आदतो ं मे ं चाय क ो शामिल न ा करन ा बेहतर है । इसक े अलाव ा चाय पीन े स े बच्चो ं क ो ध्यान लगान े मे ं भ ी परेशान ी ह ो सकत ी है । ऐस े मे ं बच्च े क ो चाय देन े क ी आदत बनान े क े बजाय उस े इसस े दूर रखन ा ह ी बेहतर मान ा गय ा है।

दूध वाल ी चाय भ ी बच्चो ं क े लिए सह ी विकल्प नही ं

कई माता-पित ा क ो लगत ा ह ै क ि अगर बच्च े क ो दूध वाल ी चाय द ी जाए त ो उस े दूध क ा पोषण भ ी मिल जाएगा । लेकिन डॉक्टर अनुसार, दूध वाल ी चाय पीन े स े बच्च े क ा पेट भर सकत ा है, जबक ि इसस े उस े जरूर ी पोषण नही ं मिल पात ा है । यह ी वजह ह ै क ि बच्च े क ा पेट सिर्फ चाय स े भरन े देन े क े बजाय उसक ी डाइट पर ध्यान देन ा जरूर ी है । खासतौर पर जब बच्च ा चाय क ो बार-बार मांगन े लगे, त ो माता-पित ा क ो उसक ी इस आदत क ो बढ़ाव ा नही ं देन ा चाहिए।

बच्चो ं क ो ग्रीन ट ी भ ी न दे ं

कुछ पैरेंट्स य े भ ी सोचत े है ं क ि नॉर्मल चाय क ी जगह बच्च े क ो ग्रीन ट ी द े द ी जाए, क्योंक ि इस े चाय स े अलग मान ा जात ा है । लेकिन डॉक्टर क े अनुसार, बच्चो ं क े लिए ग्रीन ट ी भ ी नुकसान कर सकत ी है । इसलिए सिर्फ चाय क ा प्रकार बदल देन े स े समस्य ा खत्म नही ं होती । अगर बच्च ा चाय पीन े क ी जिद करत ा है, त ो ग्रीन ट ी क ो भ ी उसक ा विकल्प न ा बनाएं । बच्चो ं क ो चाय स े दूर रखन ा ह ी बेहतर है।

10 साल स े छोट े बच्चो ं क ो चाय देन े स े बचे ं

डॉक्टर दीपक गुप्त ा खासतौर पर 10 साल स े छोट े बच्चो ं क ो चाय बिल्कुल न ा देन े क ी सलाह देत े हैं । इसलिए माता-पित ा क ो इस उम्र मे ं बच्चो ं क ो चाय क ी आदत लगान े स े बचन ा चाहिए । बच्च ा अगर घर मे ं बड़ो ं क ो चाय पीत े हुए देखकर चाय मांगत ा है, त ो उस े प्यार स े समझाए ं और चाय देन े स े बचें।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकार ी क े उद्देश्य स े लिख ा गय ा है । इस े किस ी भ ी तरह स े पेशेवर मेडिकल सलाह क ा विकल्प न मानें । किस ी भ ी स्वास्थ्य समस्य ा य ा मेडिकल कंडीशन स े जुड़ े सवालो ं क े लिए हमेश ा अपन े डॉक्टर क ी सलाह जरूर लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN