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बिना इस्तेमाल वाले ऐप्स पर पैसे देना बंद, Gen z का ये ट्रेंड क्यों हो रहा पॉपुलर?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

हर महीने बिना सोचे आपके खाते से कई छोटी-छोटी रकम कट रही हैं? जेन जी अब ऐसे खर्चों पर नजर डाल रही है और गैर-जरूरी मेंबरशिप बंद कर रही है। आखिर क्या है ये नया ‘सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स’ ट्रेंड?

आजकल फोन में ऐप्स की कमी नहीं है और लगभग हर सुविधा के लिए अलग मेंबरशिप भी मिल जाती है। फिल्में देखने के लिए अलग ओटीटी, गाने सुनने के लिए अलग ऐप, खाने के लिए मेंबरशिप और यहां तक कि पढ़ाई, फिटनेस और काम के लिए भी कई ऐप पैसे लेते हैं। हर महीने कटने वाली रकम अलग-अलग देखें तो छोटी लगती है, लेकिन कई ऐसी कटौतियां मिलकर बजट पर असर डाल सकती हैं। अब Gen Z इस तरह के खर्चों को दोबारा देख रही है। जो मेंबरशिप काम की नहीं हैं या जिनका इस्तेमाल बहुत कम होता है, उन्हें बंद किया जा रहा है। इसी तरीके को इन दिनों ‘सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स’ कहा जा रहा है। आखिर इसका मतलब क्या है और लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं?

क्या है सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स?

सीधी भाषा में समझें तो सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स का मतलब है अपनी सभी चालू मेंबरशिप को एक बार चेक करना और जो जरूरी नहीं हैं, उन्हें बंद कर देना। इसमें ओटीटी, म्यूजिक ऐप, फिटनेस ऐप, गेमिंग, खरीदारी या दूसरी डिजिटल सेवाएं शामिल हो सकती हैं। यानी हर महीने अपने आप पैसे कटते रहें और आपको पता भी न हो, इस आदत को रोकना। इसका मकसद यह देखना है कि आप जिस चीज के लिए पैसे दे रहे हैं, क्या उसका सच में इस्तेमाल भी कर रहे हैं।

छोटी रकम का बड़ा हिसाब

मान लीजिए किसी ऐप के लिए हर महीने 99 रुपये और दूसरे के लिए 149 रुपये जा रहे हैं। अलग-अलग देखें तो ये रकम बहुत बड़ी नहीं लगती। लेकिन ऐसी कई मेंबरशिप एक साथ हों तो महीने का खर्च काफी बढ़ सकता है। यही वजह है कि अब कुछ युवा बैंक खाते से होने वाली ऐसी कटौतियों को ध्यान से देख रहे हैं और गैर-जरूरी खर्च कम करने की कोशिश कर रहे हैं।

हर ओटीटी की मेंबरशिप क्यों?

पहले किसी नई फिल्म या सीरीज के लिए लोग एक और ओटीटी की मेंबरशिप ले लेते थे। फिर दूसरी पसंदीदा सीरीज किसी और मंच पर आ जाती थी। धीरे-धीरे कई मेंबरशिप एक साथ चलने लगती हैं। अब तरीका थोड़ा बदल रहा है। कुछ लोग एक समय में सिर्फ एक ओटीटी की मेंबरशिप लेते हैं। वहां अपनी पसंद की सीरीज या फिल्म देखने के बाद उसे बंद करके दूसरी सेवा लेते हैं। इससे हर महीने कई जगह पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ती।

डिजिटल ओवरलोड से भी ब्रेक

यह ट्रेंड सिर्फ पैसों से जुड़ा नहीं है। फोन में बहुत सारे ऐप और हर जगह अलग-अलग कंटेंट होने से डिजिटल जिंदगी भी काफी भरी हुई लग सकती है। जब आप गैर-जरूरी ऐप और मेंबरशिप कम करते हैं, तो फोन भी थोड़ा साफ-सुथरा लगता है। यानी सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स में एक तरफ पैसे बचाने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ यह तय करना भी है कि आपको सच में किन डिजिटल सेवाओं की जरूरत है।

आप भी कैसे कर सकते हैं सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स?

सबसे पहले अपने बैंक खाते और भुगतान वाले ऐप में पिछले कुछ महीनों की कटौतियां देखें। फिर सभी चालू मेंबरशिप की एक लिस्ट बनाएं। हर सेवा के सामने खुद से पूछें- मैं इसे कितनी बार इस्तेमाल करता हूं? अगर किसी ऐप को महीनों से नहीं खोला है या उसका काम किसी दूसरी सेवा से हो रहा है, तो उसे बंद करने पर विचार करें। एक साथ सब कुछ बंद करना जरूरी नहीं है। पहले उन मेंबरशिप से शुरुआत करें जिनका इस्तेमाल सबसे कम होता है। इसके बाद महीने में एक बार अपनी चालू मेंबरशिप जरूर चेक करें।

क्या इसका मतलब हर मेंबरशिप बंद करना है?

बिल्कुल नहीं। अगर कोई सेवा आपके काम आती है और आप उसका नियमित इस्तेमाल करते हैं, तो उसे जारी रखना ठीक है। सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स का मतलब खुद को हर सुविधा से दूर करना नहीं, बल्कि बिना सोचे हर महीने पैसे कटने की आदत को रोकना है। Gen Z के बीच यह सोच इसलिए चर्चा में है क्योंकि छोटी-छोटी रकम को इग्नोर करने के बजाय अब लोग यह देख रहे हैं कि उनका पैसा आखिर जा कहां रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN