Home BUSINESS NEWS HINDI भारत के ब्रह्मोस और आकाशतीर पर UAE फिदा, खबर से ही रॉकेट...

भारत के ब्रह्मोस और आकाशतीर पर UAE फिदा, खबर से ही रॉकेट बन गए ये 2 डिफेंस शेयर

5
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

डिफेंस सेक्टर की कुछ कंपनियों के शेयर सोमवार को डिमांड में रहे। शेयरों में यह तेजी एक मीडिया रिपोर्ट की वजह से आई। दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारत के अत्याधुनिक रक्षा सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहा है। इसी खबर की वजह से निवेशकों का रुझान BDL और BEL जैसी डिफेंस कंपनियों के शेयरों पर पड़ा।

किन शेयरों में उछाल?

इस खबर के बाद इंट्रा-डे में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के शेयर 3 प्रतिशत उछलकर 1,410 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गए। वहीं, शेयर की क्लोजिंग 2 पर्सेंट से ज्यादा की बढ़त के बाद 1406.80 रुपये पर हुई। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का शेयर भी लगभग 2 प्रतिशत चढ़कर 432.50 रुपये तक पहुंच गया। शेयर की क्लोजिंग भी 430 रुपये के पार ही हुई।

क्या है मीडिया रिपोर्ट में?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारत के साथ उसके कुछ खास डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है। इनमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और आकाशतीर एयर डिफेंस नेटवर्क शामिल हैं। बता दें कि रक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाली BDL, ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की मुख्य निर्माता और इंटीग्रेटर है। वहीं, BEL ने भारतीय सेना के साथ मिलकर आकाशतीर को विकसित किया है।

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार भारत और UAE के बीच बातचीत अभी शुरुआती दौर में है लेकिन तेजी से आगे बढ़ रही है। सूत्रों ने समाचार एजेंसी को बताया कि खाड़ी देश ने ब्रह्मोस और आकाशतीर सहित कई भारतीय हथियार प्रणालियों में रुचि दिखाई है। जानकारी के मुताबिक UAE मध्य पूर्व में हालिया संघर्ष के बाद अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना चाहता है।

ब्रह्मोस और आकाशतीर की खूबियां

भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक है। इसे जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किया जा सकता है। वहीं, आकाशतीर एक पूरी तरह से ऑटोमेटेड एयर डिफेंस कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम है, जिसे हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए कई सेंसर और हथियारों से जानकारी को एक साथ लाने के लिए डिजाइन किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के साथ पिछले वर्ष हुए संघर्ष के दौरान भारत द्वारा ब्रह्मोस समेत कई स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के सफल उपयोग ने वैश्विक स्तर पर भारतीय हथियारों की मांग बढ़ा दी है। भारत पहले ही फिलीपींस, वियतनाम और इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस निर्यात समझौते कर चुका है जबकि कई अन्य देशों ने भी इसमें रुचि दिखाई है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN