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मक्का में पहली बार बजी खतरे की घंटी! मुसलमानों के सबसे पवित्र शहर में किसने भेजा ड्रोन?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मक्का में पहली बार खतरे का अलर्ट बजा। सऊदी अरब ने दावा किया कि मक्का की ओर बढ़ रहे हूतियों के ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश से पहले रोककर नष्ट कर दिया गया। ताजा अपडेट।

मुसलमानों के सबसे पवित्र शहर मक्का में मंगलवार को पहली बार हवाई खतरे का अलर्ट जारी किया गया। सऊदी अरब के मुताबिक, हूतियों की ओर से मक्का की तरफ भेजे गए एक ड्रोन को पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही रोककर नष्ट कर दिया गया। हालांकि, हूती संगठन ने मक्का को निशाना बनाने की बात से साफ इनकार किया है।

सऊदी सिविल डिफेंस ने मंगलवार को देश के पश्चिमी तट के कई इलाकों में हवाई खतरे के अलर्ट जारी किए। इनमें मक्का के साथ जेद्दा और ताइफ भी शामिल थे। मक्का में जारी किया गया अलर्ट कुछ ही मिनट बाद हटा लिया गया। सऊदी सिविल डिफेंस ने लोगों से निर्देशों का पालन करने और भीड़ लगाने तथा घटना की तस्वीरें या वीडियो बनाने से बचने को कहा।

सऊदी ने क्या कहा?

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार शाम एक ‘दुश्मन ड्रोन’ को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक लिया।

सऊदी पक्ष ने इस घटना को लोगों को डराने और आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया। अल-मलिकी ने कहा कि दोनों पवित्र मस्जिदों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा ‘रेड लाइन’ है।

हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार

दूसरी ओर, हूती संगठन ने मक्का पर हमले के सऊदी दावे को खारिज किया है। हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हाजेम अल-असद ने कहा कि मक्का को निशाना बनाने के दावे पहले भी किए जा चुके हैं और ये ‘पुराना झूठ’ हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हूतियों ने पहले भी कहा है कि वे पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाते।

मक्का में अलर्ट क्यों अहम है?

मक्का में इस तरह का हवाई खतरे का अलर्ट पहली बार जारी किया गया। अल-जजीरा के मुताबिक, इससे पहले 2017 में पवित्र इलाके को निशाना बनाने की कोशिश के दौरान भी सुरक्षा को लेकर चिंता सामने आई थी।

मक्का में इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल काबा स्थित है। दुनिया भर के करीब दो अरब मुसलमान रोजाना की नमाज के दौरान काबा की ओर मुंह करते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु हज और उमरा के लिए मक्का पहुंचते हैं।

सऊदी अरब पर हूतियों के हमले तेज

मक्का में अलर्ट ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब पर हूतियों के मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हुए हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह हूतियों ने सऊदी अरब पर वर्षों में सबसे बड़े मिसाइल और ड्रोन हमलों में से एक किया। इन हमलों में तेल प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने और 73 लोगों के घायल होने की बात कही गई है।

इससे एक दिन पहले यमन से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से किए गए हमले में सऊदी अरब में 13 लोग घायल हुए थे। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि वह शहरी इलाकों पर हूती हमलों का ‘दृढ़ता से’ जवाब देगा।

हूतियों ने इस सप्ताह दक्षिणी सऊदी अरब के खमिस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से बड़े हमले का दावा भी किया है। वहीं, पश्चिमी यमन में हूती हमले में आठ सरकारी सैनिकों के मारे जाने की बात दो सैन्य सूत्रों ने कही है।

संघर्ष फिर क्यों बढ़ा?

सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष 2015 से चला आ रहा है। अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम के बाद सऊदी क्षेत्र में हूती हमले काफी हद तक रुक गए थे।

हाल के दिनों में तनाव फिर बढ़ा है। हूतियों ने जुलाई में सऊदी शिपिंग के खिलाफ नाकाबंदी की घोषणा की और लाल सागर में उसके जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया। इसके बाद सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमलों में तेजी आई।

मक्का में जारी किया गया हवाई खतरे का अलर्ट अब हटा लिया गया है, लेकिन सऊदी अरब पर लगातार हो रहे हमलों के बीच पवित्र शहर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN