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मिडिल ईस्ट पर ट्रंप और सऊदी प्रिंस की बातचीत, क्या बदलने वाला है पूरा समीकरण?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए रविवार को अहम बातचीत की। सऊदी आधिकारिक एजेंसी एसपीए के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने तनाव घटाने और राजनयिक समाधान वाले युद्धविराम के लिए हरसंभव प्रयास करने पर जोर दिया।

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने को लेकर रविवार को अहम बातचीत की। सऊदी अरब की न्यूज एजेंसी एसपीए ने इस बातचीत की पुष्टि करते हुए इस बात की जानकारी दी है। एसपीए की रिपोर्ट के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए बातचीत को प्राथमिकता देने की जरूरत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने एक ऐसे युद्धविराम को हासिल करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे राजनयिक समाधान का रास्ता खुल सके।

यह बातचीत उस समय हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि उन्होंने खाड़ी देशों के अनुरोध के बाद ईरान पर नए हमले रोकने का फैसला लिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि दुनिया के भविष्य के फायदे और एक सफल एवं समृद्ध ईरान के लिए, मैंने हमला रद्द करने पर सहमति व्यक्त की है, बशर्ते कि जल्द ही कोई समझौता हो सके। इजरायल भी इस प्रतिबद्धता में मेरे साथ है।

इससे पहले शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की थी। जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस ने बताया कि सऊदी नेता ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले करने की अमेरिका की योजनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। एक अन्य सूत्र ने एक्सियोस को बताया कि क्राउन प्रिंस ने ट्रंप से क्षेत्र में तनाव कम करने और ईरान पर किसी भी तरह के हमले से बचने का स्पष्ट आग्रह किया था।

इसी बीच होर्मुज स्ट्रेटको फिर से खोलने पर सहमति बनाने की कोशिशों में भी तेजी देखी गई। कतर के प्रतिनिधियों ने शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची, अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ओमान के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बातचीत की। खबरों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच कुछ प्रगति हुई है, हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इन चर्चाओं से क्षेत्रीय तनाव कम करने में कितनी मदद मिलेगी।

इससे पहले ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी प्रेस टीवी ने बताया था कि विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से फोन पर बात की थी। अरागची ने पश्चिम एशिया के देशों को चेतावनी दी थी कि अगर वे ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों में किसी भी तरह की मदद करते हैं, तो इसके लिए वे खुद जिम्मेदार होंगे। अमेरिकी मीडिया सीबीएस ने इससे पहले सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि अमेरिका और इजरायल ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी कर रहे थे, जो इसी सप्ताह हो सकता था।

गौरतलब है कि 8 जुलाई को ट्रंप ने घोषणा की थी कि 18 जून की रात ईरान के साथ हुआ युद्धविराम अब लागू नहीं है। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर कई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि ये कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेटसे गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर तेहरान के हमलों के जवाब में की गई। ईरानी सेना ने मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर जवाब दिया और वाशिंगटन पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN