Source :- LIVE HINDUSTAN

इस समझौते पर शुरुआती तौर पर बीते रविवार को ही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बकर कलीबाफ द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए गए थे।

Iran-America Deal: अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चले आ रहे युद्ध और तनाव को समाप्त करने की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक और युगांतकारी सफलता मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बुधवार को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को पूरी तरह समाप्त करना है। एक अमेरिकी अधिकारी ने समाचार एजेंसी ‘यटर्स को इस बात की पुष्टि की है। यह हस्ताक्षर महीनों के खूनी संघर्ष और गहन कूटनीतिक वार्ताओं का नतीजा है।

अधिकारी द्वारा साझा की गई विशेष जानकारी के अनुसार, इस शांति समझौते की रूपरेखा को अंतिम रूप पहले ही दे दिया गया था। इस समझौते पर शुरुआती तौर पर बीते रविवार को ही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बकर कलीबाफ द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए गए थे। इस पूरी इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की प्रक्रिया के दौरान खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके गवाह बने थे।

रविवार को कूटनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हुए इस समझौते के बाद अब बुधवार को दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खुद इस पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कदम ने अब इस शांति समझौते को दुनिया के सबसे सर्वोच्च राजनीतिक स्तर पर औपचारिक और कानूनी रूप से सुदृढ़ कर दिया है।

हस्ताक्षर से पहले बुधवार शाम अमेरिका ने शांति समझौते का मसौदा पेश किया गया था। एक अमेरिकी अधिकारी ने इसके अहम बिंदुओं को पत्रकारों के समक्ष पेश किया। समूहों ने कहा, उनके पास प्रस्तावित समझौते की प्रतियां हैं, जिसमें साफ दिख रहा है कि ईरान को बड़ी रियायतें मिल सकती है। उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि अमेरिका के साथ डील पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेशकियन हस्ताक्षर कर सकते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी इसपर विचार-विमर्श किया जा रहा है। बता दें कि 19 जून को स्विजरलैंड में दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।

समझौते की बड़ी बातें

लेबनान सहित अन्य सभी टकराव वाले मोर्चों पर स्थायी युद्धविराम

एक-दूसरे की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे

60 दिनों में अंतिम समझौते पर सहमति। सहमति से इस समय सीमा को बढ़ाया जा सकता है

अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह हटेगी और ईरान मामलों में उसका दखल नहीं होगा

30 दिनों में होर्मुज से पोतों की आवाजाही बहाल करना

अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा ईरान को 300 अरब डॉलर की विकास योजना की पेशकश

अमेरिका, ईरान पर लागू सभी तरह के प्रतिबंधों हटाएगा

ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। संवर्धित यूरेनियम पर अंतिम समझौते से पहले बात होगी

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