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सिंगापुर के प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सैलरी में बहुत बड़ा इजाफा हुआ है। खास बात है कि इससे पहले ही यहां के मंत्री सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले सरकारी अधिकारियों की सूची में शामिल थे। जानिए अब उन्हें हर महीने कितने रुपये मिलेंगे।
सिंगापुर के मंत्रियों के वेतन में 15 साल बाद बढ़ोतरी की गई है। वे पहले ही दुनिया में सबसे अधिक वेतन पाने वाले अधिकारियों में शामिल हैं। प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने मंगलवार को कहा कि अगर वेतन में बदलाव नहीं किया गया तो राजनीति में शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित करना मुश्किल होगा। इसके अलावा पीएम की सैलरी में भी इजाफा हुआ है।
वोंग ने संसद में कहा कि संशोधित वेतन ढांचे के तहत सबसे निचले स्तर के मंत्री का वार्षिक वेतन 11 लाख सिंगापुर डॉलर (करीब 8.68 लाख अमेरिकी डॉलर) से बढ़ाकर 18 लाख सिंगापुर डॉलर (करीब 14.2 लाख अमेरिकी डॉलर) किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए निर्धारित वेतन 22 लाख सिंगापुर डॉलर (करीब 17 लाख अमेरिकी डॉलर) से बढ़कर 36 लाख सिंगापुर डॉलर (करीब 28 लाख अमेरिकी डॉलर) हो जाएगा। इसके अलावा अन्य सांसदों के भत्तों में भी वृद्धि की जाएगी।
कितना वेतन मिलेगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सबसे निचले स्तर के अधिकतर मंत्री मौजूदा कार्यकाल के अंत तक करीब 13.5 लाख सिंगापुर डॉलर अर्जित कर सकेंगे। इसके बाद वेतन 18 लाख सिंगापुर डॉलर के मानक तक नहीं पहुंचेगा, बल्कि प्रदर्शन और जिम्मेदारियों के आधार पर तय किया जाएगा। वोंग ने यह नहीं बताया कि उनका नया वेतन कितना होगा। हालांकि, नौ प्रतिशत समायोजन के बाद उनका वेतन करीब 24 लाख सिंगापुर डॉलर (करीब 18.9 लाख अमेरिकी डॉलर) हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह अगले पांच वर्षों तक वेतन वृद्धि की पूरी राशि दान कर देंगे।
सिंगापुर में राजनीतिक पदों पर मिलने वाला वेतन एक संवेदनशील मुद्दा है, क्योंकि मंत्रियों का वेतन आम नागरिकों की तुलना में काफी अधिक है। सरकार ने इस व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि यह निजी क्षेत्र और सार्वजनिक सेवाओं से सक्षम लोगों को राजनीति में लाने तथा भ्रष्टाचार मुक्त शासन बनाए रखने के लिए जरूरी है।
देंगे दान
वोंग ने कहा है कि वह बढ़ी हुई पूरी सैलरी को ‘अच्छे कामों’ के लिए दान दे देंगे। उन्होंने कहा, ‘राजनीति में सैलरी मुश्किल और भावनात्मक मुद्दा है।’ वोंग की पीपुल्स एक्शन पार्टी का सिंगापुर संसद में दबदबा है। खास बात है कि इस इजाफे के पहले भी वह कई नेताओं से ज्यादा वेतन हासिल कर रहे थे। इसमें अमेरिका और G7 देशों के अन्य नेता भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘इसमें शामिल रकम ज्यादातर नागरिकों की कमाई से कहीं ज्यादा है, इसलिए मैं समझता हूं कि सिंगापुर के लोग इसकी बारीकी से जांच पड़ताल क्यों करते हैं और क्यों बहुत से लोग इस मामले को लेकर इतनी मजबूत राय रखते हैं।’ खास बात है कि इससे पहले 15 साल पहले मंत्रियों की सैलरी में बदलाव हुआ था। सिंगापुर को दुनिया के सबसे कम भ्रष्ट देशों में गिना जाता है।
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