Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर फिर भड़क उठे हैं। ऐसा तब हुआ जब समझौते के बावजूद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया। ट्रंप के मुताबिक उन्होंने ईरानी अधिकारियों से शनिवार रात बात की और उन्हें चेतावनी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर फिर भड़क उठे हैं। ऐसा तब हुआ जब समझौते के बावजूद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया। ट्रंप के मुताबिक उन्होंने ईरानी अधिकारियों से शनिवार रात बात की और उन्हें चेतावनी दी। उन्होंने कहाकि अगर ईरान ने फिर से ऐसा कुछ किया तो अमेरिका होर्मुज का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगा और टोल भी वसूलेगा। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहाकि उन्होंने ईरान के अधिकारियों से दो-टूक कह दिया अगर तुमने होर्मुज को बंद किया तो फिर अपने देश से हाथ धो बैठोगे।
मैं उन्हें गायब कर दूंगा
ट्रंप ने यह भी कहाकि अमेरिका होर्मुज समझौते का रक्षक बन सकता है। हम वहां से गुजरने वाले तेल के 20 फीसदी तेल निर्यात को ले सकते हैं। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर मैं उन्हें यहां से गायब भी कर दूंगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहाकि अगर वे कोई सौदा नहीं करते हैं, तो हम टोल एकत्र करेंगे। इससे पहले, ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान के साथ कोई अंतिम शांति समझौता 60 दिनों के भीतर नहीं होता है, तो अमेरिका होर्मुज पर खुद समुद्री शुल्क लगाएगा। उन्होंने कहाकि यह शुल्क अमेरिकी सेना द्वारा दी गई सेवाओं के बदले लिया जाएगा।
पेजेश्कियान पर भी भड़के
इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहाकि तेहरान यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा। अमेरिका के पास इस अधिकार को मानने के अलावा कोई चारा नहीं होगा। पेजेश्कियन के दावों का जवाब देते हुए, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा कि उन्हें अपने बोलने पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें सुधरना चाहिए, वरना हम उनके बाकी देश पर काबू कर लेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहाकि अगर ईरान अंतिम समझौते को लेकर गंभीर नहीं होता है तो उनके पास कई विकल्प मौजूद हैं।
शुरू हो चुकी है बातचीत
इस बीच रविवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्विट्जरलैंड में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ और दोनों पक्षों के अन्य वरिष्ठ वार्ताकारों से मुलाकात की। यह मुलाकात पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के मकसद से हो रही तकनीकी-स्तर की बातचीत के दौरान हुई। शरीफ दिन में स्विट्जरलैंड पहुंचे, उनके साथ सेना प्रमुख आसिम मुनीर और एक प्रतिनिधिमंडल भी था। उन्होंने सबसे पहले वेंस और अमेरिकी वार्ताकारों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाक़ात की।
वेंस दिन में पहले स्विट्ज़रलैंड पहुंचे, जबकि विटकॉफ और कुशनर पहले से ही वहां मौजूद थे। शरीफ ने मुनीर के साथ बाद में गालिबाफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अलग-अलग मुलाकात की। उनके कार्यालय ने एक बयान में कहाकि यह स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन की अगली कड़ी थी। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने पिछले हफ़्ते एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिससे पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए 60 दिन की बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई।
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