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ओहायो के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी का चुनाव प्रचार विवादों में घिर गया है.
उनके अभियान ने 40 लाख डॉलर का एक हमला करने वाला विज्ञापन प्रसारित किया, जिसमें उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एमी एक्टन की अलग रह रही माँ ने अपनी बेटी को झूठा बताया.
दोनों पार्टियों के सदस्यों ने एक्टन की माँ के इस विज्ञापन को प्रसारित करने के लिए रामास्वामी की आलोचना की है.
एक्टन 12 साल की उम्र से ही अपनी माँ से अलग रह रही हैं. उस समय उन्होंने अपने सौतेले पिता पर यौन शोषण का आरोप लगाया था.
यह विवाद अमेरिका में बढ़ते राजनीतिक तनाव को रेखांकित करता है. अहम मिटडर्म इलेक्शन होने में अब दो सप्ताह से भी कम समय बचा है.
इन चुनावों से तय होगा कि कांग्रेस पर किस पार्टी का नियंत्रण होगा. ओहायो समेत 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी चुनाव हो रहे हैं.
डेमोक्रेटिक पार्टी के अलावा, रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेताओं ने भी इस विज्ञापन के लिए रामास्वामी की आलोचना की है. रिपब्लिकन नेता निकी हेली ने रामास्वामी को ‘एक बुरा इंसान’ बताते हुए अफ़सोस जताया कि वो हमेशा इससे ‘बच निकलते’ हैं.
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ताज़ा सर्वे बताते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता सबसे निचले स्तर पर पहुँचने के कारण रिपब्लिकन पार्टी को नुक़सान उठाना पड़ सकता है और डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेट में बहुमत की स्थिति में आ सकती है.
ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव रामास्वामी और एक्टन के बीच है. यह चुनाव तीन नवंबर को होने जा रहा है और सर्वे में एमी एक्टन, रामास्वामी से तीन प्रतिशत की बढ़त बनाती दिख रही हैं.
रामास्वामी भारतीय मूल के अमेरिकी अरबपति बायोटेक उद्यमी हैं, जिन्होंने अभी तक कोई निर्वाचित पद नहीं संभाला है, जबकि एक्टन पेशे से डॉक्टर हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में काम कर चुकी हैं.
एक्टन और रामास्वामी, दोनों ओहायो के अपने-अपने क्षेत्र में अलग पहचान रखने वाले लोग हैं. दोनों की पृष्ठभूमि बहुत अलग है.
एक्टन ग़रीबी और बचपन में यौन शोषण का सामना करने के बावजूद नॉर्थईस्टर्न ओहायो यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन से मेडिकल डिग्री और ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी से पब्लिक हेल्थ में मास्टर डिग्री हासिल की.
रामास्वामी का जन्म सिनसिनाटी में हुआ था. वह भारतीय प्रवासियों के बेटे हैं. उनके पिता जनरल इलेक्ट्रिक में इंजीनियर थे और उनकी मां मनोचिकित्सक थीं. सेंट जेवियर हाई स्कूल से पढ़ाई करने और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ येल लॉ स्कूल से डिग्रियां हासिल करने के बाद उन्होंने बायोटेक सेक्टर में अरबों डॉलर की संपत्ति अर्जित की.
ओहायो ने अब तक गवर्नर पद पर केवल गोरे ईसाई पुरुषों को ही चुना है. ऐसे में एक्टन या रामास्वामी में से किसी के भी चुने जाने पर इतिहास बनेगा. एक्टन राज्य की पहली महिला और पहली यहूदी गवर्नर होंगी. वहीं, रामास्वामी ओहायो के पहले भारतीय-अमेरिकी गवर्नर होंगे. वह खुद को हिंदू-अमेरिकी बताते हैं.
भारतीय मूल के इससे पहले के गवर्नरों में निक्की हेली शामिल हैं, जिन्होंने 2011 से 2017 तक साउथ कैरोलाइना का नेतृत्व किया था. वह सिख थीं और बाद में ईसाई धर्म अपना लिया था. दूसरे बॉबी जिंदल थे, जिन्होंने 2008 से 2016 तक लुइजियाना के गवर्नर के रूप में काम किया. वह हिंदू थे और बाद में ईसाई धर्म अपना लिया था.
विज्ञापन पर क्यों हुआ विवाद
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रामास्वामी के चुनावी कैंपेन की ओर से एक वीडियो जारी किया गया, जो ओहायो की राजनीति पर केंद्रित न्यूजलेटर ‘द रूस्टर’ में प्रकाशित हुआ था.
वीडियो में एक्टन की मां डोना आर्थर की रिकॉर्डिंग है, जिसमें वह अपनी बेटी को ‘झूठा’ बताती हैं और ओहायो के लोगों से उन्हें वोट न देने की अपील करती हैं.
डोना आर्थर ने दावा किया, “उसने अपनी पूरी ने पूरी ज़िंदगी झूठ बोला. मेरी बेटी को मदद की ज़रूरत है और अगर उसे ख़ुद मदद की ज़रूरत है, तो वह आपकी मदद नहीं कर सकती.”
हालांकि इसमें उन्होंने ये नहीं बताया कि उनके पति पर एक्टन का बपचन में रेप करने के आरोप लगे थे.
रामास्वामी ने तर्क दिया है कि मतदाताओं को उन लोगों की बात सुननी चाहिए, जो एक्टन को अच्छी तरह जानते हैं. इनमें उनकी मां भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि वह आर्थर से कभी नहीं मिले हैं और विज्ञापन के लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं किया गया था.
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार को इस विज्ञापन का बचाव करते हुए कहा कि ‘इसका संदेश वास्तविकता को सामने लाता है और एमी एक्टन को झूठा बताता है.’
जेडी वेंस ख़ुद ओहायो से सीनेटर रह चुके हैं.
उन्होंने रामास्वामी का बचाव करते हुए टीवी विज्ञापन को सही ठहराने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि अपनी ही पार्टी के सदस्यों की आलोचना से उन्हें “थोड़ी घृणा महसूस हुई.”
इस टीवी विज्ञापन को सोमवार को जारी किया गया था तो उसमें ये नहीं बताया गया था कि किसने इस वीडियो के लिए ख़र्च किया या किसकी ओर से यह जारी किया गया.
लेकिन मंगलवार को रामास्वामी ने ख़ुद स्वीकार किया कि यह उनके चुनावी कैंपेन की ओर से जारी किया गया था और इस पर 40 लाख डॉलर खर्च हुए.
इसके तुरंत बाद रामास्वामी पर दोनों पार्टियों की ओर से तीखी आलोचना शुरू हो गई. साल 2024 में राष्ट्रपति के लिए रिपब्लिकन नॉमिनेशन में रामास्वामी के ख़िलाफ़ चुनाव प्रचार करने वाली निकी हेली ने उन्हें एक बुरा इंसान बताया.
बुधवार को रामास्वामी के विज्ञापन के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, “मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता. मैंने सुना है कि मां अपनी बेटी के ख़िलाफ़ बहुत ज़्यादा बाग़ी हो गई थीं.”
उन्होंने कहा, “यह बहुत असामान्य स्थिति है कि कोई मां अपनी बेटी से इतनी नफ़रत करे. लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसका विवेक से कोई लेना-देना है.”

एमी एक्टन ने क्या कहा
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इस वीडियो के आने के बाद एक्टन के परिवार में हुए विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है.
एमी एक्टन ने एक्स पर लिखा, “विवेक रामास्वामी ने अपने नए विज्ञापन में एक ऐसे व्यक्ति को शामिल किया है, जो यौन अपराधी के तौर पर रजिस्टर्ड है और जिसे नाबालिग़ के साथ यौन संबंध बनाने के मामले में 8 साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी. एपस्टीन के एक सहयोगी से पैसे लेकर और मेरे बचपन को लेकर मुझे शर्मिंदा करके, वह पहले ही दिखा चुके हैं कि उन्हें यौन शोषण से बचे लोगों की कोई परवाह नहीं है.”
उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा, “उनके जैसे व्यक्ति से इसे लेकर बिल्कुल भी हैरानी नहीं होती.”
एमी टीम ने मंगलवार को इस पर एक अलग वीडियो जारी किया. इसमें उनके भाई फिलिप स्टर्न्स बचपन में हुए दुर्व्यवहार के बारे में बताते हैं और कहते हैं, “एमी को हमेशा सबसे ज़्यादा सहना पड़ा.”
30 सेकंड के इस वीडियो में फिलिप कहते हैं, “विवेक को शर्म आनी चाहिए. एमी के लिए उसके मन में तिरस्कार है. ओहायो के लिए उसके मन में तिरस्कार है.”
दस्तावेजों के अनुसार, एक्टन 12 साल की थीं, तब उनके सौतेले पिता पर उनके साथ रेप करने का आरोप लगा था. दस्तावेजों के मुताबिक, ग्रैंड जूरी ने उनके ख़िलाफ़ अभियोग भी तय किया था. उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था और मुक़दमे की सुनवाई से पहले ही राज्य छोड़कर चले गए थे. 2004 में पेंसिल्वेनिया में उनकी मौत हो गई थी.
एक्टन के मुताबिक, उन्होंने अपनी मां को आख़िरी बार तब देखा था, जब वह 12 साल की थीं. उनकी मां ‘अपने पति की मौत तक उनके साथ रहीं.’
एक्टन के भाई फिलिप स्टर्न्स ने भी उनकी बात की पुष्टि की है.
बीबीसी के अनुसार, 1978 में एक्टन और उनके भाई को उनकी माँ की कस्टडी से हटा दिया गया था. ऐसा तब हुआ, जब उनके सौतेले पिता क्लेडिथ आर्थर को गिरफ्तार किया गया और उन पर आरोप लगाए गए.
एक बयान में स्टर्न्स ने रामास्वामी पर बेहद ‘नीचे गिरने’ का आरोप लगाते हुए ‘बाल यौन शोषण को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश को बेहद ‘घृणित’ क़दम बताया.
चौतरफ़ा आलोचना
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अब ओहायो में राज्य के अन्य पदों के लिए चुनाव लड़ रहे नेताओं समेत रिपब्लिकन पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस विज्ञापन की आलोचना की है.
दोबारा चुनाव लड़ने वाले ओहायो के सीनेटर जॉन हस्टेड, ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा, “मैंने यह विज्ञापन नहीं चलाया होता.”
ओहायो के सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट फ्रैंक लारोज ने भी इस विज्ञापन के ख़िलाफ बयान दिया. वह राज्य के ऑडिटर पद का चुनाव लड़ रहे हैं.
कोलंबस शहर में एक टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं बस इतना कहूंगा कि उम्मीदवारों को अपने विज्ञापनों के लिए जवाबदेह होना होगा. मैं शायद इस तरह का विज्ञापन नहीं चलाता, लेकिन हर उम्मीदवार को अपना फ़ैसला लेने का अधिकार है.”
अमेरिकी राजनीति में विरोधियों पर हमले करने वाले विज्ञापन कोई नई बात नहीं हैं. लेकिन अमेरिकन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ पब्लिक अफेयर्स के प्रोफ़ेसर डेविड लुब्लिन ने बीबीसी से कहा कि “ऐसे विज्ञापन अब ज़्यादा तीख़े हो गए हैं और हमले के मुद्दों को लेकर सीमाएं भी बढ़ गई हैं.”
लुब्लिन ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों के ख़िलाफ़ उनके परिवार के सदस्यों का इस्तेमाल करना भी नया नहीं है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के पद पर रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर की नियुक्ति की पुष्टि से पहले उनके परिवार के सदस्यों की ओर से दी गई गवाही का ज़िक्र किया.
हालांकि, उन्होंने कहा, “लेकिन यह उससे बिल्कुल अलग स्तर का मामला है. उनके बीच दूरी नीतियों को लेकर नहीं, बल्कि बलात्कार के एक आरोप को लेकर है.”
लुब्लिन का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाज़ी और उनके चुनाव प्रचार अभियानों ने अमेरिकी राजनीतिक विमर्श में बढ़ती अभद्रता को हवा देने का काम किया है.
इसके उदाहरण के तौर पर उन्होंने उस घटना का जिक्र किया, जब ट्रंप ने ओहायो में एक विकलांग पत्रकार का मज़ाक उड़ाया था.
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