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शादी समारोह वाले घर में मौतों को ईरान ने बताया ‘युद्ध अपराध’, अमेरिका ने किया इनकार

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Source :- BBC INDIA

शादी समारोह वाले घर पर कथित हमले में चार लोगों की मौत हुई है

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अमेरिकी सेना के मंगलवार को ईरान के ख़िलाफ़ हमले फिर से शुरू करने के बाद, ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, इराक़ और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं.

वहीं ईरानी रेड क्रिसेंट ने बताया है कि सिमिक काउंटी में एक शादी समारोह के दौरान एक घर पर अमेरिकी मिसाइल के टुकड़े गिरने से चार लोगों की मौत हुई है.

अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसे इन रिपोर्टों की जानकारी है, लेकिन उसने कभी भी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया है.

हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने शादी समारोह वाले घर में मौतों को हमला बताते हुए इसे “युद्ध अपराध” कहा है.

ईरानी अधिकारियों ने बताया है कि बाक़ी जगहों पर हमले में 14 लोग मारे गए हैं, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के तीन जवान शामिल हैं.

ईरान के अपने पड़ोसी देशों पर दागे गए अधिकांश ड्रोन और मिसाइलों को कथित तौर पर गिरा दिया गया है. कुवैत ने कहा है कि एक ड्रोन से एक आवासीय परिसर में आग लग गई, लेकिन इससे कोई हताहत नहीं हुआ.

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमान (सेंटकॉम) ने कहा है कि ईरान पर हमले आईआरजीसी के होर्मुज़ स्ट्रेट में अमेरिकी बलों और वाणिज्यिक जहाज़ों पर “हाल ही में किए गए हमलों के प्रयासों” के बाद किए गए हैं. ग़ौरतलब है कि इस जलमार्ग से से होकर वैश्विक तेल और गैस शिपमेंट का लगभग 20% हिस्सा गुज़रता है.

ईरानी सेना के ख़ातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अमेरिकी बलों के ख़िलाफ़ अभियान तब तक जारी रहेंगे जब तक अमेरिका अपने अपराधों पर “पछतावा” नहीं करता.

एक विशाल जल निकाय में कई जहाज़ खड़े हैं, क्षितिज पर कोहरा छाया हुआ है और आगे के हिस्से में चट्टानें दिखाई दे रही हैं.

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‘अमेरिका शैतान है’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान पर हुए हमलों को “बड़ा और शक्तिशाली” बताया था.

सेंटकॉम ने बताया है कि टार्गेटेड इलाक़ों में एयर डिफ़ेंस स्थल, रडार सिस्टम्स और मैरीटाइम एसेट्स शामिल थे.

ईरानी मीडिया ने दक्षिणी प्रांतों होर्मोज़गान, सिस्तान-बलूचिस्तान, केरमान और खुज़ेस्तान में विस्फोटों की सूचना दी है.

ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) ने कहा है कि सिरिक के तटीय शहर कुहेस्ताक में एक घर में चल रहे पारिवारिक विवाह समारोह में मिसाइल के टुकड़ों से कम से कम चार लोग मारे गए, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है, और 67 अन्य घायल हुए हैं.

ईरानी मीडिया ने शुरू में आईआरसीएस के हवाले से बताया कि इस घटना में पांच लोग मारे गए थे.

दुल्हन के पिता और इमारत के मालिक अली मल्लाही ने सरकारी टीवी द्वारा प्रसारित एक वीडियो में कहा, “दुर्भाग्य से, यह एक आवासीय इमारत है. और दुर्भाग्य से, यह घटना मेरी बेटी की शादी के समारोह के दौरान घटी.”

“यह बहुत दुखद घटना है… शुक्र है कि हताहतों की संख्या इससे अधिक नहीं थी.”

ईरान के संसदीय अध्यक्ष और शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा कि यह एक और हमला है जो दर्शाता है कि अमेरिका “शैतान” है.

वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने क्षतिग्रस्त घर के वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर कई पोस्ट किए हैं.

एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इस ग़ैर-क़ानूनी युद्ध की सच्चाई और युद्ध अपराध का असली चेहरा सिरिक में है, जहां अमेरिका की अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश के तहत एक शादी समारोह पर बेरहमी से बमबारी की गई.”

ईरान के सिरिक में एक शादी समारोह वाले घर के आसपास मलबा पड़ा है, यह तस्वीर ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के एक वीडियो की है.

इमेज स्रोत, Iranian Red Crescent via Reuters

अमेरिका ने जानकारी की बात कही

बीबीसी वेरिफ़ाई ने पुष्टि की है कि कुहेस्ताक के पास मंगलवार को ली गई एक वीडियो और दो तस्वीरों में एक टेलीकॉम्युनिकेशन टावर को तबाह होते दिखाया गया है, और मंगलवार और बुधवार के बाक़ी वीडियो में टावर के उत्तर में लगभग 130 मीटर (427 फीट) दूर स्थित बुरी तरह से क्षतिग्रस्त घर दिखाए गए हैं.

एक हथियार विशेषज्ञ ने बीबीसी वेरिफ़ाई को यह भी बताया कि घटनास्थल से कथित तौर पर मिले फुटेज में एजीएम-84 स्टैंडऑफ लैंड अटैक मिसाइल (एसएलएएम_ईआर) के टुकड़े दिखाई दे रहे हैं. यह एक प्रकार की क्रूज़ मिसाइल है जिसका इस्तेमाल अमेरिका करता है.

सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बीबीसी को बताया कि उन्हें सिरिक में हुए हमले के बारे में ईरानी सरकारी मीडिया से मिली रिपोर्टों की जानकारी है.

उन्होंने कहा, “आईआरजीसी के उलट, अमेरिकी सेना कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है.”

ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि खुज़ेस्तान के अहवाज़ और अक़ाजारी के आसपास तीन अलग-अलग अमेरिकी हमलों में सात अन्य लोग मारे गए.

इस बीच, आईआरजीसी ने कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों की देखरेख करने वाली उसकी एयरोस्पेस फोर्स के चार सदस्य करमानशाह में अमेरिकी हमलों में मारे गए, और अर्धसैनिक बासिज प्रतिरोध बल के तीन सदस्य खाड़ी में लावन द्वीप पर मारे गए.

हथियार के टुकड़े

इमेज स्रोत, IRIB

जॉर्डन और इराक़ ने क्या कहा?

बुधवार की सुबह, आईआरजीसी और ईरानी सेना ने घोषणा की कि उन्होंने अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन, इराक़, जॉर्डन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं.

उन्होंने कहा कि हमलों के कारण जॉर्डन के अकाबा की खाड़ी तट पर स्थित कैंप टिटिन में अमेरिकी मरीन बैरक में हताहतों और क्षति हुई.

जॉर्डन के सशस्त्र बलों ने कहा है कि उन्होंने 13 बैलिस्टिक मिसाइलों को निशाना बनाया, जिनमें से 10 को नष्ट कर दिया और तीन दूर के इलाक़ों में बिना आबादी वाले इलाक़ों में गिरीं.

सरकारी मीडिया के मुताबिक़, इराक़ी सेना (आईआरजीसी) और ईरानी सेना ने यह भी कहा कि इराक़ के उत्तरी कुर्दिस्तान क्षेत्र के इरबिल में अमेरिकी सेना के एक रखरखाव केंद्र, गोदामों और उपकरणों को नष्ट कर दिया गया.

इराक़ी अधिकारियों ने हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन स्थानीय मीडिया ने बताया कि ड्रोन हमलों में अमेरिका के एक निगरानी ग़ुब्बारे को निशाना बनाया गया.

कुवैत में, फ़ायर सर्विस ने कहा कि उनके कर्मचारियों ने एक आवासीय परिसर में लगी आग पर काबू पा लिया है, जिस पर ड्रोन से हमला किया गया था और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.

एक अलग घटना में, आईआरजीसी ने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट में अमेरिकी सेना के एक “ग़ैरक़ानूनी रास्ते” से जाने के निर्देश देने के दौरान बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद दो टैंकरों में आग लग गई.

सऊदी अरब की राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी ने कहा कि सोमवार को जब उसका कच्चा तेल टैंकर एसआईडीआर जलमार्ग से गुज़र रहा था, तब उससे जुड़ी एक “सुरक्षा घटना” में फ़िलिपींस के दो नाविक मारे गए.

डोनाल्ड ट्रंप और मैक्रों

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ईरान पर फिर से हमले शुरू

लगभग एक महीने के विराम के बाद अमेरिका ने रविवार को ईरान पर हमले फिर से शुरू कर दिए हैं. उसने घोषणा की है कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट में नौसैनिक खदानें बिछाने के लिए इस्तेमाल होने से रोकने के लिए दो रॉकेट लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है.

ईरान ने जॉर्डन में हवाई अड्डों पर मिसाइलें दागकर और संयुक्त अरब अमीरात पर ड्रोन से हमला करके जवाबी कार्रवाई की.

अमेरिका और इसराइल ने 28 फ़रवरी को ईरान पर संयुक्त हमला किया था, जिसमें देश के सर्वोच्च नेता और अन्य शीर्ष अधिकारी मारे गए थे. यह हमला एक व्यापक हवाई अभियान की शुरुआत थी.

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी में इसराइल, अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया और होर्मुज़ स्ट्रेट को वाणिज्यिक जहाज़ों के लिए लगभग बंद कर दिया.

जून में, अमेरिका और ईरान ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें सभी मोर्चों पर दुश्मनी ख़त्म करने और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने का आह्वान किया गया था.

इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंधों और स्थायी युद्धविराम को शामिल करते हुए अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए दोनों देशों को दो महीने का समय भी दिया गया था.

हालांकि, समझौता ज्ञापन कुछ ही हफ्तों में टूट गया, जिससे हमले फिर से शुरू हो गए.

तब से, अमेरिकी और ईरानी दोनों सेनाओं ने इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाज़ों पर गोलीबारी की है, ईरान उन जहाज़ों को निशाना बना रहा है जिनके बारे में उसका कहना है कि उन्होंने उसकी अनुमति के बिना होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने की कोशिश की है और अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर रहा है.

पिछले हफ्ते, अमेरिका ने संकेत दिया था कि वह ईरान से रियायतें हासिल करने और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने की कोशिश में सैन्य विकल्पों के बजाय आर्थिक प्रतिबंधों का सहारा ले रहा है.

मंगलवार को जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में बोलते हुए, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका के कई सहयोगी “आगे आए और कहा कि वे प्रतिबंधों के संबंध में जो भी आवश्यक होगा वे करेंगे.”

ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने इस अभियान को बड़े पैमाने पर अमेरिका द्वारा उठाए गए पिछले आर्थिक उपायों की निरंतरता बताकर ख़ारिज कर दिया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS