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शेख हसीना के करीबी को 10 साल की जेल, पूर्व मंत्री और स्वतंत्रता सेनानी भी रह चुके हैं हसनुल हक इनु

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने पूर्व सूचना मंत्री और स्वतंत्रता सेनानी हसनुल हक इनु को 10 साल की सजा सुनाई है। शेख हसीना के सहयोगी हक को यह सजा अगस्त 2024 के सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस को उकसाने के आरोप में दी गई है।

बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने पूर्व सूचना मंत्री और स्वतंत्रता सेनानी हसनुल हक इनु को 10 साल की सजा सुनाई है। शेख हसीना के सहयोगी हक को यह सजा अगस्त 2024 के सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस को उकसाने के आरोप में दी गई है। तीन सदस्यीय इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने वामपंथी दल जेएसडी के अध्यक्ष इनु को आठ में से तीन आरोपों में दोषी पाया। ट्रिब्यूनल ने उन्हें प्रत्येक आरोप के लिए 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई, जो एक साथ चलेंगी यानी उन्हें कुल 10 साल जेल में बिताने होंगे। यह सजा पिछली यूनुस अंतरिम सरकार गठित विशेष न्यायाधिकरणों की ओर से की गई एक और हाई-प्रोफाइल सजा है।

211 पेज का फैसला
न्यायाधिकरण ने अपने 211 पन्नों के फैसले में इनु को जुलाई 2024 के विद्रोह में पश्चिमी जिले कुश्तिया में छह प्रदर्शनकारियों की हत्या से जुड़े अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अभियोजकों ने दलील दी है कि देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के तेज होने पर इनु ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल के उपयोग को बढ़ावा दिया। उन्होंने शेख हसीना प्रशासन के प्रमुख निर्णयों में भी हिस्सा लिया था। न्यायाधिकरण ने उन आरोपों को सही माना कि इनु ने 19 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री आवास पर सत्ताधारी 14-दलीय गठबंधन की बैठक में भाग लिया था, जहां सेना की तैनाती और सुरक्षा बलों को गोली चलाने की मंजूरी दी गई थी।

इसके अलावा, न्यायाधिकरण ने अभियोजन पक्ष के इन दावों को भी स्वीकार किया कि इनु ने कुश्तिया के पुलिस अधीक्षक को तस्वीरों से प्रदर्शनकारियों की पहचान करने, उनकी सूची बनाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उन पर एक टीवी इंटरव्यू के दौरान आंदोलन को बदनाम करने और दमन को सही ठहराने के लिए प्रदर्शनकारियों को बीएनपी, जमात, आतंकवादी और सांप्रदायिक ताकतें बताने का भी आरोप था।

कार्यवाही को बताया नाटक
कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रिब्यूनल में पेश हुए हसनुल हक इनु ने अदालत कक्ष से बाहर निकलते समय इस कार्यवाही को नाटक करार दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहाकि अधिकारियों ने एक फर्जी मुकदमे के जरिए यह सजा सुनाई है और वे इस अग्निपरीक्षा से मुक्त हो गए हैं। उनकी पत्नी अफरोजा हक रीना ने भी इस फैसले को खारिज करते हुए कहाकि परिवार अपील करने का फैसला करने से पहले अधिवक्ताओं और पार्टी नेताओं से सलाह लेगा।

हसीना के संपर्क में होने का आरोप
बांग्लादेश के 1971 के मुक्ति संग्राम के अनुभवी सेनानी हसनुल हक इनु ने 2012 और 2018 के बीच सूचना मंत्री के रूप में काम किया था। अगस्त 2024 में हालांकि शेख हसीना सरकार के हटने से पहले के वर्षों में उनका राजनीतिक प्रभाव कम हो गया था। इसके बावजूद अभियोजकों ने आरोप लगाया कि वे अशांति के दौरान हसीना के संपर्क में थे और उन्होंने उन फैसलों में योगदान दिया, जिस कारण प्रदर्शनकारियों का हिंसक दमन हुआ।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN