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शेख हसीना को भारत से वापस लाएंगे और मौत की सजा देंगे, बांग्लादेश सरकार की दो टूक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

जाहेद उर रहमान ने कहा कि बांग्लादेश सरकार शेख हसीना की वापसी के मामले में पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उन्हें केवल भारत से वापस लाना नहीं, बल्कि अदालत के फैसले को लागू करना है।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर ढाका सरकार ने एक बार फिर बेहद कड़ा रुख दिखाया है। प्रधानमंत्री के सूचना और प्रसारण सलाहकार डॉ. जाहेद उर रहमान ने मंगलवार को कहा कि सरकार शेख हसीना को भारत से वापस बांग्लादेश लाना चाहती है और उनके लौटने पर उन्हें मौत की सजा का सामना करना पड़ेगा। जाहेद ने कहा कि सरकार का भारत से प्रत्यर्पण की मांग करने के पीछे केवल नई दिल्ली पर दबाव बनाने की कोई रणनीति नहीं है। उनका कहना था कि सरकार का रुख सीधा है- हसीना या तो खुद बांग्लादेश लौटें या प्रत्यर्पण प्रक्रिया के जरिए वापस लाई जाएं।

जाहेद उर रहमान का यह बयान अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक मोहम्मद अमीनुल इस्लाम के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि शेख हसीना के पास मौत की सजा के खिलाफ अपील करने का कोई कानूनी मौका नहीं बचा है। बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल कानून के तहत फैसले के 30 दिनों के भीतर अपील दायर करना जरूरी है। हसीना ने इस दौरान अपील दाखिल नहीं की, इसलिए समयसीमा समाप्त होने के बाद अब सामान्य प्रक्रिया के तहत अपील का रास्ता बंद हो गया है।

2024 में सत्ता से हटने के बाद भारत आईं शेख हसीना

शेख हसीना को 17 नवंबर 2025 को बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने 2024 के जुलाई-अगस्त छात्र आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। अभियोजन पक्ष ने उन पर आंदोलन के दौरान हुई हिंसक कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय की थी। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, उस दौरान करीब 1400 लोगों की मौत हुई थी। हसीना अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद भारत आ गई थीं और तब से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश ने फैसले के बाद भारत से उनका प्रत्यर्पण करने की मांग भी की थी।

अब जाहेद उर रहमान ने कहा है कि बांग्लादेश सरकार हसीना की वापसी के मामले में पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उन्हें केवल भारत से वापस लाना नहीं, बल्कि अदालत के फैसले को लागू करना है। हालांकि, हसीना को भारत से बांग्लादेश भेजे जाने का फैसला अभी भारत के रुख और दोनों देशों के बीच चल रही कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। भारत पहले कह चुका है कि उसे बांग्लादेश की ओर से हसीना के प्रत्यर्पण की अपील मिली है और वह उसका परीक्षण कर रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN