Home rss world hindi सऊदी अरब पर हमले से खुली ‘मक्का पैक्ट’ की पोल, पाकिस्तान बोला-यह...

सऊदी अरब पर हमले से खुली ‘मक्का पैक्ट’ की पोल, पाकिस्तान बोला-यह डिफेंसिव…

6
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच पाकिस्तान घिरता हुआ नजर आ रहा है। मक्का डिफेंस पैक्ट करने वाले पाकिस्तान ने इस समझौते को एक सुरक्षात्मक समझौता करार दिया है। हालांकि, जब सऊदी अरब को उसकी जरूरत है पाकिस्तान कड़ी निंदा से काम चला रहा है।

पश्चिम एशिया में घटनाक्रम तेजी के साथ बदल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान ही सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष तेज हो गया है। सऊदी अरब की तरफ से दावा किया गया है कि हूती विद्रोहियों ने ‘मक्का’ को निशाना बनााया है। इस पूरे घटनाक्रम में किरकिरी पाकिस्तान की हो रही है, जो कुछ महीने पहले इस्लामिक नाटो की परिकल्पना को साकार होने का सपना देख रहा था। अब जबकि सऊदी सरकार को सच में पाकिस्तान की जरूरत पड़ी है, तो पीएम शहबाज शरीफ केवल कड़ी निंदा करके बच निकलते हुए नजर आ रहे हैं। दूसरी तरफ इस्लामाबाद की तरफ से कहा गया है कि मक्का डिफेंस पैक्ट केवल सुरक्षात्मक समझौता है।

पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी की टिप्पणी सामने आई है। अल अरबिया से बात करते हुए पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि पाक-तुर्किए और सऊदी अरब के बीच हुआ समझौता पूरी तरह से सामूहिक प्रतिरोध पर आधारित है।

सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले जारी

बता दें, पाकिस्तान की तरफ से ‘मक्का डिफेंस पैक्ट’ को लेकर यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब सऊदी अरब पूरी तरह से घिरा हुआ नजर है। सऊदी अरब की तरफ से दावा किया गया है कि इस्लामिक दुनिया के पवित्र शहर मक्का पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की गई है। हालांकि, हूती विद्रोहियों की तरफ से ऐसे किसी भी हमले से इनकार किया गया है और इसे सऊदी अरब का प्रोपोगैंडा बताया।

पाकिस्तान बोला- यह समझौता दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों का नतीजा

सऊदी अरब पर हुए हमले के बीच भले ही मक्का डिफेंस पैक्ट की पोल खुलती हुई नजर आ रही है। लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तान इसको बढ़ाकर दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ रहा है। पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता से जब इसके बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे लंबे समय के संबंधों का परिणाम बताया।

चौधरी ने कहा, “हमने जो सैन्य गठबंधन किया है, वह अचानक नहीं बना। यह गठबंधन इन देशों के बीच दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों पर आधारित है। और पाकिस्तान के इन दोनों देशों के साथ संबंध खास हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अरब और तुर्की के साथ पाकिस्तान के संबंध “भावनात्मक जुड़ाव”, “सांस्कृतिक जुड़ाव” है। इसके अलावा लोगों के बीच आपसी संबंधों और “दशकों पुराने सैन्य जुड़ाव” पर आधारित हैं।

बता दें, सऊदी अरब के कई ठिकानों पर हूती विद्रोही लगातार हमला कर रहे हैं। रिपोर्ट्स मुताबिक सऊदी अरब ने इन पर हमला करवाने के लिए सबसे पहले अमेरिका सरकार से गुहार लगाई थी। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने इनकी बात को अनसुना कर दिया। ऐसे में सऊदी अरब पूरी तरह से अपने रक्षात्मक हथियारों पर केंद्रित हो गया है। हूती विद्रोहियों के हमलों की स्थिति को ऐसे समय सकते हैं कि अभी तक सऊदी अरब में इन हमलों की वजह से 70 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लाल सागर पर हूतियों के कंट्रोल की वजह से सऊदी अरब को अपनी पाइपलाइन भी बंद करनी पड़ी है। इसके अलावा हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने एक सऊदी फाइटर जेट भी मार गिराया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN