Source :- LIVE HINDUSTAN

आम खाना हर किसी को पसंद होता है लेकिन अगर आपको मालूम पड़े कि जो आम आप खा रहे हैं वह केमिकल से पका है तो? आजकल बाजार में केमिकल से पके आम खूब बिक रहे हैं, ऐसे में जरूरी है कि आपको सही की पहचान करना आता हो। चलिए कुछ तरीके बताते हैं, जिससे सही आम को पहचान सकेंगे।

बाजार में आज ऐसी बहुत कम चीजें बची हैं, जिनमें किसी न किसी रूप में केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता। फलों को जल्दी पकाने और आकर्षक दिखाने के लिए भी कई बार केमिकलों का इस्तेमाल किया जाता है। इस लिस्ट में आम भी शामिल है। ऐसे में अगर आप बाजार से एकदम पीले और पके हुए दिखने वाले आम खरीद रहे हैं, तो यह जरूरी नहीं कि वे पेड़ पर पके हों। कई बार आमों को नकली तरीकों और रसायनों की मदद से पकाया जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। हाल ही में हैदराबाद में अधिकारियों ने करीब 200 किलो संदिग्ध रूप से केमिकल से पकाए गए आम जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि ये आम स्थानीय बाजारों में बेचे जा रहे थे। ऐसे में आम खरीदारों के लिए नैचुरल और केमिकल तरीके से पकाए गए आमों के बीच अंतर समझना जरूरी हो जाता है। यदि आप भी अच्छी गुणवत्ता वाले आम खरीदना चाहते हैं, तो इन आसान तरीकों से सही आम की पहचान कर सकते हैं।

कौन सा केमिकल करते हैं इस्तेमाल

आम को पकाने के लिए कई बार कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक रसायनों या इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे पके आम देखने में ताजे, पीले और अंदर से पके होते हैं लेकिन सेहत के लिए ये केमिकल जहर की तरह होता है। इस केमिकल को लंबे समय तक खाने से सिरदर्द, चक्कर, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी और पेट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।

इन 3 तरीकों से करें सही आम की पहचान

  • रंग पर करें गौर

केमिकल से पके हुए आम का रंग एकदम पीला चटक होगा, जबकि पेड़ से पके आम थोड़े पीले, हरे रंग में होंगे। वैसे तो सफेदा जैसे आम भी बिल्कुल पीले होते हैं लेकिन हर तरह के आम अगर आपको पीले दिख रहे हैं, तो गड़बड़ है।

  • दबाकर चेक करें

केमिकल से पकाया गया आम छूने पर बाहर से सख्त लगेगा लेकिन अंदर से गला हुआ मालूम पड़ेगा। अगर बार-बार केमिकल में रखा जा रहा है, तो आम अंदर से थोड़ा ज्यादा गल जाता है। अगर आप खाकर चेक करते हैं, तो केमिकल वाले आम का स्वाद हल्का फीका भी लग सकता है।

  • इंजेक्शन के निशान

कई आमों पर काले धब्बे या दबे हुए निशान होते हैं, जिन्हें अक्सर हम इग्नोर कर देते हैं। दरअसल, यही निशान होते हैं इंजेक्शन से पकाए गए आमों पर। आप जब भी आम खरीदें तो चेक करें कि चोपी के पास दबा हुआ या काले निशान तो नहीं है। कई आमों में ये निशान नीचे की ओर भी होते हैं।

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