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सैलरी आते ही हो जाती है खत्म! हर महीने पैसे बचाने के लिए अपनाएं जापान की काकेबो ट्रिक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सैलरी आते ही खत्म हो जाती है, तो जापान के काकेबो मेथड से बचत करने की कोशिश करें। आइये जानते हैं ये तरीका क्या है और कैसे बजट बनाकर, खर्चों का हिसाब रखकर हर महीने बचत की जा सकती है।

बढ़ते खर्चों के बीच सैलरी में से बचत कर पाना लगभग हर किसी के काफी मुश्किल होता है। सैलरी आते ही 15-20 दिनों में अकाउंट खाली हो जाता है और फिर खर्चों के लिए अगले महीने की सैलरी का इंतजार करना पड़ता है। कई लोग सैलरी खत्म होने के बाद दूसरों से उधार लेने लगते हैं। ऐसे में फिर सैलरी आती है, तो खर्चों के साथ उधार भी चुकाना पड़ता है और फिर वही हाल महीने के आखिर तक हो जाता है। इस तंगहाली से बचने के लिए जापानी लोग काकेबो नाम की एक ट्रिक अपनाते हैं, जिसके जरिए हर महीने थोड़े पैसे बच जाते हैं। हर महीने वह इसे रूल की तरह फॉलो करते हैं और ऐसे उनकी सैलरी से पैसे बचे रहते हैं। आइये जानते हैं क्या है जापान का काकेबो (Kakeibo) मेथड और इससे कैसे पैसे बचा सकते हैं।

क्या है जापान का काकेबो ट्रिक?

काकेबो एक जापानी बजटिंग ट्रिक है, जिसकी शुरुआत 1904 में पत्रकार हानी मोटोको ने की थी। इस तरीके में अपनी कमाई, खर्च और बचत का हिसाब लिखकर रखा जाता है। इसका मकसद सिर्फ खर्च कम करना नहीं, बल्कि यह समझना है कि पैसा कहां और किस जरूरत के लिए खर्च हो रहा है। इसमें आपको किसी खास ऐप की जरूरत नहीं होती। आप एक डायरी और पेन की मदद से भी अपना बजट बना सकते हैं या फिर फोन के नोट पैड में भी लिख सकते हैं।

काकेबो मेथड से कैसे होगी हर महीने की बचत?

काकेबो मेथड काफी आसान है और इससे आप हर दिने पैसे आसानी से बचा सकते हैं। मंथली सेविंग्स से आप सालभर में करीब लाख रुपये की बचत भी कर सकते हैं। चलिए इस मेथड का पूरा तरीका जानते हैं।

1. सबसे पहले अपनी कमाई का हिसाब लगाएं

महीने की शुरुआत में अपनी कुल सैलरी लिखें। इसके बाद किराया, ईएमआई, राशन, बिजली का बिल, दवाई और दूसरे जरूरी खर्चों का हिसाब लगाएं। इससे आपको पता चलेगा कि सभी जरूरी खर्चों के बाद आपके पास कितने पैसे बचते हैं।

2. बचत का लक्ष्य तय करें

सैलरी मिलते ही तय करें कि आपको उस महीने कितनी रकम बचानी है। मान लीजिए अगर आपकी सैलरी 30,000 रुपये है, तो आप अपनी जरूरतों और खर्चों के हिसाब से 3,000 से 5,000 रुपये बचाने का लक्ष्य रख सकते हैं। इस रकम को अलग खाते में रखना ज्यादा बेहतर होगा।

3. रोजाना होने वाले खर्च लिखें

काकेबो मेथड में छोटे से छोटे खर्च का हिसाब रखना भी जरूरी है। चाय-कॉफी, ऑनलाइन फूड ऑर्डर, कैब, शॉपिंग, मूवी या बाहर घूमने पर खर्च किए गए पैसे भी लिखने पड़ेंगे। महीने के आखिर में यही छोटे खर्च आपकी बचत पर कितना असर डालते हैं, यह समझने में मदद करेंगे। ऐसे आप ये भी समझ सकेंगे कि फिजूलखर्ची कहां पर हो रही है।

4. खर्चों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटें

अपने खर्चों को चार कैटेगरी में बांट सकते हैं- जरूरी खर्च, इच्छाओं से जुड़े खर्च, मनोरंजन और अचानक होने वाले खर्च। इससे आपको समझ आएगा कि कहां खर्च करना जरूरी है और कहां कटौती की जा सकती है।

5. महीने के आखिर में बजट का रिव्यू करें

सिर्फ खर्च लिखना काफी नहीं है। हफ्ते या महीने के आखिर में देखें कि आपका कितना पैसा खर्च हुआ और क्या आप अपने बचत लक्ष्य के मुताबिक पैसे बचाए हैं। अगर ऑनलाइन शॉपिंग या बाहर खाने पर ज्यादा खर्च हो रहा है, तो अगले महीने से उसमें कमी करने की कोशिश करें। ऐसे में अगर आप हर महीने 5000 रुपये बचाते हैं, साल के 60 हजार रुपये बचेंगे और हर महीने 10 हजार रुपये बचाते हैं, तो साल के आखिर में 1 लाख रुपये की बचत हो सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN