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स्वतंत्रता दिवस: खड़गे-सोनिया के निर्देशों के बावजूद कांग्रेस मुख्यालय में पूरा वंदे मातरम् गाया गया

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नई दिल्ली में Congress पार्टी के मुख्यालय में Independence Day पर एक विवादास्पद घटनाक्रम सामने आया, जहां *Vande Mataram* के सभी छह अंतरों वाला पूर्ण संस्करण गाया गया—हालांकि पार्टी नेताओं Mallikarjun Kharge और Sonia Gandhi ने कथित तौर पर इसके विपरीत निर्देश दिए थे। इस घटना ने मीडिया का काफी ध्यान आकर्षित किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब Lok Sabha Opposition Party (LOP) ने Red Fort के आधिकारिक समारोह में शामिल होने से परहेज किया।

## छह अंतरे गाए गए, निर्देशों की अनदेखी

Congress मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत *Vande Mataram* को सभी छह अंतरों के साथ पूरा गाया गया, जैसा कि 2026 की शुरुआत में सरकार द्वारा जारी नए निर्देशों में कहा गया है। Kharge और Sonia Gandhi ने कथित तौर पर इसके छोटे संस्करण का निर्देश दिया था—संभवतः केवल पहले दो अंतरों तक सीमित संस्करण का—लेकिन समारोह में इसका पूर्ण संस्करण प्रस्तुत किया गया।

28 जनवरी को Union Home Ministry द्वारा जारी इन निर्देशों के अनुसार, जब आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों बजाए जाएं, तो पहले *Vande Mataram* के सभी छह अंतरे गाए जाने चाहिए। इसकी अवधि लगभग **3 मिनट और 10 सेकंड** है। इसके अतिरिक्त, इस प्रस्तुति के दौरान उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना अनिवार्य है।

## पार्टी की आंतरिक गतिशीलता और नेतृत्व के फैसले

नेतृत्व के निर्देशों को कथित तौर पर दरकिनार किए जाने और पूर्ण प्रस्तुति के इस असामान्य मेल से इस आदेश को लेकर पार्टी के भीतर मौजूद तनाव का संकेत मिलता है। Congress का नेतृत्व करने वाले और Leader of the Opposition के रूप में कार्यरत Kharge पहले भी इस मुद्दे के अति-राजनीतिकरण को लेकर असहजता व्यक्त कर चुके हैं। वहीं, पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व Congress अध्यक्ष Sonia Gandhi ने कथित तौर पर गीत को सीमित अंतरों में प्रस्तुत करने के निर्देश का समर्थन किया है। कम अंतरे गाने का उनका निर्देश संभवतः 1937 के पार्टी अधिवेशन में पारित ऐतिहासिक प्रस्ताव के अनुरूप था।

Congress की आंतरिक ऐतिहासिक समझ के अनुसार, 1937 में Working Committee के एक निर्णय—जिसे Rabindranath Tagore, Mahatma Gandhi और Subhas Chandra Bose सहित नेताओं का समर्थन प्राप्त था—में यह सहमति बनी थी कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों में *Vande Mataram* के केवल पहले दो अंतरे गाए जाएंगे। यह निर्णय आंशिक रूप से इस चिंता के कारण लिया गया था कि शेष अंतरों में मौजूद धार्मिक प्रतीकात्मकता अन्य धर्मों के सदस्यों को आहत कर सकती है।

## Red Fort समारोह: LOP की अनुपस्थिति

Lok Sabha Opposition Party ने Red Fort में आयोजित Independence Day समारोह से अपनी अनुपस्थिति के जरिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश दिया। आमतौर पर Congress का शीर्ष नेतृत्व इस समारोह में शामिल होता है और Prime Minister के संबोधन के दौरान मुख्य मैदान में बैठता है। हालांकि, इस वर्ष LOP का बहिष्कार विरोध या रणनीतिक संदेश के रूप में देखा गया है। अब तक Congress नेतृत्व की ओर से कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह अनुपस्थिति *Vande Mataram* से संबंधित प्रोटोकॉल पर मतभेदों से जुड़ी है या नहीं।

## कानूनी और नीतिगत ढांचा

2026 की शुरुआत में जारी Home Ministry के दिशानिर्देशों में कई शर्तें निर्धारित की गई हैं:

– राष्ट्रीय गान के साथ गाए जाने पर *Vande Mataram* के सभी छह अंतरे अनिवार्य हैं।
– ऐसे अवसरों पर गीत को *Jana Gana Mana* से पहले गाया जाना चाहिए।
– प्रस्तुति के दौरान उपस्थित लोगों को खड़ा रहना अनिवार्य है।

ये नियम President या Governors की मौजूदगी वाले औपचारिक राजकीय समारोहों, ध्वजारोहण कार्यक्रमों, Governors के भाषणों और इसी तरह के अन्य आधिकारिक आयोजनों पर लागू होते हैं। सरकार के अनुसार, इनका उद्देश्य गीत को उसके पूर्ण ऐतिहासिक रूप में पुनर्स्थापित करना और आधिकारिक अवसरों पर आचरण में एकरूपता सुनिश्चित करना है।

## प्रतिक्रियाएं और निहितार्थ

### Congress की प्रतिक्रिया

हालांकि Kharge और Sonia Gandhi का निर्देश कथित तौर पर छोटे संस्करण को अपनाने का था, लेकिन Congress मुख्यालय में पूर्ण प्रस्तुति यह संकेत देती है कि या तो पार्टी के भीतर असहमति थी या संवाद में चूक हुई। Congress के शीर्ष नेता पहले 1937 के प्रस्ताव का बचाव कर चुके हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में धार्मिक प्रतीकात्मकता को लेकर संवेदनशीलता बरतने की मांग कर चुके हैं।

### सार्वजनिक और राजनीतिक बहस

आलोचकों का तर्क है कि पूरी गीत-रचना को संदर्भगत संवेदनशीलता के बिना गाना पूरी तरह बहुलतावादी माहौल वाले स्थानों में तनाव बढ़ा सकता है। हालांकि, समर्थक इसे ऐतिहासिक और कानूनी मानदंडों की उचित पूर्ति के रूप में देखते हैं।

यह घटना उस जारी बहस में एक और परत जोड़ती है, जो Parliament में लगातार जारी है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता देशभक्ति के प्रदर्शन, ऐतिहासिक व्याख्या और धर्मनिरपेक्ष प्रतीकवाद की परिभाषा को लेकर एक-दूसरे से भिड़ते रहे हैं।

## मुख्य तथ्य एक नजर में

– **निर्देश की तारीख**: 28 जनवरी, 2026
– **पूर्ण गीत की अवधि**: लगभग 3 मिनट 10 सेकंड
– **अनिवार्यता**: सभी छह अंतरे, दर्शकों का खड़ा रहना, और दोनों को साथ गाए जाने पर गीत का राष्ट्रगान से पहले प्रस्तुत होना
– **1937 का प्रस्ताव**: केवल पहले दो अंतरे, विविध धार्मिक मान्यताओं के सम्मान के लिए अपनाया गया
– **घटना का स्थान**: Congress मुख्यालय, New Delhi
– **Red Fort में अनुपस्थित**: Congress का विपक्षी नेतृत्व

जैसे-जैसे यह स्थिति आगे बढ़ रही है, यह समकालीन India में कानून, परंपरा और राजनीति के जटिल मेल को उजागर करती है। Kharge और Sonia के नेतृत्व संबंधी निर्देश कानूनी दायित्व और आंतरिक सहमति के बीच संतुलन बनाने के लगातार प्रयास का संकेत देते हैं। हालांकि, Congress मुख्यालय में *Vande Mataram* की पूर्ण प्रस्तुति या तो राष्ट्रवादी प्रतीकवाद को सीमित करने से इनकार को दर्शा सकती है या पार्टी संरचना के भीतर केंद्रीकृत नियंत्रण की सीमाओं को उजागर कर सकती है।

ऐसे प्रतीकों को लेकर सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक दांव-पेच व्यापक बहस को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं—राष्ट्रवाद का केंद्र कहां है, नेतृत्व की जिम्मेदारी क्या है, और सांस्कृतिक प्रतीक India के लोकतंत्र में धार्मिक संवेदनशीलताओं से किस तरह जुड़े हैं।

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