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हम पाकिस्तान में नहीं… POK के कश्मीरियों ने कर दिया ऐलान, अब क्या करेंगे शाहबाज और मुनीर?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Pakistan News Today: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सरकार विरोधी विद्रोह ने मंगलवार को चरम रूप ले लिया। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने रावलकोट के ईदगाह मैदान में खुलेआम पाकिस्तान के खिलाफ बगावत का ऐलान करते हुए कहा कि हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं हैं।

हम पाकिस्तान में नहीं हैं… ये कहना है पीओके में प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों का। दरअसल, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में सरकार विरोधी आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया है। वे पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने खुलकर कहा कि यह क्षेत्र पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और चेतावनी दी कि अगर इस्लामाबाद खाद्य आपूर्ति रोकना जारी रखा तो वे ‘अन्य रास्ते’ अपनाने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि POK के कश्मीरी किसी भी तानाशाह ( शाहबाज शरीफ और आसिम मुनीर ) को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

दरअसल, रावलकोट के ईदगाह मैदान में जारी प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार नागरिकों को सामूहिक सजा दे रही है। जम्मू कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन खान ने कहा कि हमें आपके राशन की जरूरत नहीं है। आपको हमारी जरूरत है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आपूर्ति इसी तरह रही तो स्थानीय लोगों को अपनी जान बचाने के लिए अन्य विकल्प तलाशने पड़ेंगे।

कई दिनों से पीओके में प्रदर्शन

बता दें कि यह आंदोलन पिछले कई दिनों से पीओके के विभिन्न इलाकों में जारी है। जेएएसी के नेतृत्व में लोग सस्ते राशन, बिजली, पानी, बेहतर सड़कें, रोजगार और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा इस महीने की शुरुआत में जेएएसी पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगाने के बावजूद आंदोलन न केवल जारी है, बल्कि तेज भी होता जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की हालिया विवादास्पद टिप्पणी का जवाब मानी जा रही है। आसिफ ने रावलकोट और मीरपुर के लोगों को ‘वास्तविक कश्मीरी नहीं’ बताया था, जिससे पूरे पीओके में भारी आक्रोश फैल गया।

बाजारों में राशन की भारी कमी

वहीं, इस्लामाबाद ने पूरे आंदोलन को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा’ बताकर दबाने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से खाद्यान्न, ईंधन और दवाइयों की आपूर्ति जानबूझकर रोकी जा रही है, ताकि प्रदर्शनकारी थककर हार मान लें। स्थानीय बाजारों में राशन की भारी कमी देखी जा रही है, जिससे आम लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं सरदार अमन खान सहित जेएएसी के कई प्रमुख कार्यकर्ताओं पर पाकिस्तानी एजेंसियों ने आतंकवाद विरोधी प्रावधानों के तहत मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये कार्रवाईयां लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन हैं।

अब तक 22 लोगों की मौत

इसके अलावा, जून के पहले सप्ताह से ही पीओके के कई हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये प्रतिबंध आंदोलन की तस्वीरों, वीडियो और सच्ची खबरों को बाहरी दुनिया तक पहुंचने से रोकने के लिए लगाए गए हैं। लगभग दो सप्ताह से चले आ रहे गतिरोध और सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में अब तक कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। खाद्य पदार्थों की कमी से पीओके के कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN