Source :- LIVE HINDUSTAN
Asus दुनिया के टॉप लैपटॉप ब्रांड्स में से एक है। अगर आप भी इस कंपनी का डिवाइस चला रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। खबर है कि आसुस हैक गया है और इसका डेटा लीक हो सकता है, जिससे दुनियाभर में मौजूद इसके लाखों ग्राहकों पर असर पड़ सकता है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान की इस कंपनी ने ग्राहकों को बताया है कि कॉन्टैक्ट डिटेल्स और ऑर्डर रिकॉर्ड समेत कुछ डेटा खतरे में हो सकता है। क्या है पूरा मामला, चलिए डिटेल में जानते हैं…
कंपनी ने eShop कस्टमर्स को मेल भेजकर किया अलर्ट
इंडियाटूडे ने किटगुरु की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि आसुस ने अपने रजिस्टर्ड Asus eShop कस्टमर्स को एक ईमेल भेजा है। Asus eShop कंपनी का ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। ईमेल में लिखा है, “आसुस ने Asus eShop एनवायरनमेंट के एक हिस्से में अनऑथराइज्ड एक्सेस का पता लगाया है।” “हमारी जांच से पता चलता है कि कुछ कस्टमर्स की ऑर्डर से जुड़ी जानकारी, जिसमें कॉन्टैक्ट डिटेल्स और ऑर्डर रिकॉर्ड शामिल हैं, तक अनऑथराइज्ड एक्सेस हो सकता है।” आसुस ईशॉप एक बड़ा प्लेटफॉर्म है जहां यूजर्स कंपनी के प्रोडक्ट्स खरीद सकते हैं। मार्केट रिसर्च प्लेटफॉर्म ‘ग्रिप्स इंटेलिजेंस’ के अनुसार, पिछले साल eShop का सालाना रेवेन्यू 1.3 बिलियन डॉलर था।
आसुस का कहना है कि पेमेंट से जुड़ी कोई भी जानकारी खतरे में नहीं है
आसुस ने ईमेल में साफ किया है कि इस डेटा ब्रीच में बैंक अकाउंट की जानकारी जैसी कोई भी पेमेंट से जुड़ी जानकारी शामिल नहीं है। कंपनी का यह भी कहना है कि उसे “अभी तक इस जानकारी के किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल या प्रभावित लोगों को हुए किसी नुकसान की जानकारी नहीं है।”
आसुस ने कहा- सेंधमारी को रोकने के लिए सुरक्षा कदम उठाए
आसुस ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि समस्या का पता चलने के बाद उसने सेंधमारी को “रोकने” के लिए कदम उठाए हैं। हालांकि कंपनी ने प्रभावित सिस्टम को सुरक्षित कर लिया है, लेकिन उसे अभी तक हैक की वजह का पता नहीं चला है। ईमेल में कहा गया है, “हमारी जांच जारी है और हमें अनऑथराइज्ड एक्सेस (बिना इजाजत एक्सेस) का कोई सबूत नहीं मिला है।”
यूजर्स के साथ ऐसे हो सकता है फ्रॉड
कंपनी ने यूजर्स को चेतावनी दी कि इस हैक में मिली कस्टमर की जानकारी का इस्तेमाल “थर्ड पार्टी” यूजर्स के साथ धोखाधड़ी करने के लिए कर सकती हैं। कंपनी का कहना है कि ऐसा “भरोसा दिलाने वाले ईमेल, टेक्स्ट मैसेज या फोन कॉल” के जरिए किया जा सकता है, जो आसुस के प्रोडक्ट्स, सर्विसेज या ऑर्डर से जुड़े हुए लग सकते हैं।
पिछले साल दिसंबर में, आसुस ने एक अलग घटना के बारे में जानकारी दी थी। उस समय, कंपनी ने बताया था कि उसके एक सप्लायर को हैक कर लिया गया था, क्योंकि एवरेस्ट रैंसमवेयर ग्रुप ने दावा किया था कि उसने कंपनी से 1TB से ज्यादा डेटा चुरा लिया है। आसुस ने बताया कि इस घटना से आसुस फोन के कुछ कैमरा सोर्स कोड पर असर पड़ा, लेकिन इससे कंपनी के प्रोडक्ट्स या यूजर की प्राइवेसी पर कोई असर नहीं पड़ा।
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