Source :- LIVE HINDUSTAN

अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशन (AESL) ने भारत के स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर में बड़ा दांव खेलते हुए IntelliSmart Infrastructure Private Limited का 100% अधिग्रहण करने का ऐलान किया है। यह सौदा करीब 3,050 करोड़ रुपये का है। इसके पूरा होने के बाद अडानी एनर्जी (Adani Energy Solutions) देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग कंपनी बन जाएगी। इस खबर के बाद निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजरें एक बार फिर अडानी ग्रुप के ऊर्जा कारोबार पर टिक गई हैं। आइए जरा विस्तार से इस डील की डिटेल्स जानते हैं।

कंपनी ने बताया कि इस 3,050 करोड़ रुपये के सौदे में IntelliSmart की पूरी इक्विटी हिस्सेदारी खरीदना और नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (National Investment and Infrastructure Fund -NIIF) के पास मौजूद कंपनी के ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) का रिडेम्प्शन भी शामिल है। हालांकि, यह डील अभी नियामकीय मंजूरियों और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के अधीन है। सभी मंजूरियां मिलने के बाद यह अधिग्रहण पूरी तरह लागू हो जाएगा।

IntelliSmart भारत की प्रमुख स्मार्ट मीटरिंग कंपनियों में से एक है। यह कंपनी NIIF (National Investment and Infrastructure Fund) और EESL (Energy Efficiency Services Limited) का संयुक्त उद्यम है। देशभर में बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए IntelliSmart बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही है। अब इसके अडानी एनर्जी सॉल्यूशन (Adani Energy Solutions) के साथ जुड़ने से दोनों कंपनियों की ताकत एक साथ आ जाएगी।

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का कहना है कि इस अधिग्रहण के बाद उसके पास 4.7 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा। इससे कंपनी भारत की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म बन जाएगी। स्मार्ट मीटर बिजली उपभोक्ताओं को रियल टाइम बिजली खपत की जानकारी देने, बिलिंग में पारदर्शिता लाने और बिजली चोरी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र सरकार भी देशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। ऐसे में यह अधिग्रहण भविष्य के लिहाज से काफी रणनीतिक माना जा रहा है।

अडानी एनर्जी (Adani Energy Solutions) के CEO कंदर्प पटेल ने कहा कि IntelliSmart का अधिग्रहण कंपनी की क्षमता और निष्पादन शक्ति को और मजबूत करेगा। इससे भारत के बिजली वितरण क्षेत्र के आधुनिकीकरण में तकनीक आधारित समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही बड़े स्तर पर संचालन होने से लागत में कमी आएगी और बेहतर दक्षता हासिल होगी।

अगर शेयर बाजार में कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो अडानी एनर्जी (Adani Energy Solutions) का शेयर पिछले कुछ महीनों में शानदार रिटर्न दे चुका है। कंपनी का शेयर एक महीने में करीब 16 प्रतिशत चढ़ा है, जबकि पिछले तीन महीनों में इसमें लगभग 60 प्रतिशत की तेजी आई है। एक साल में यह शेयर 74 प्रतिशत और तीन साल में करीब 89 प्रतिशत तक उछल चुका है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पिछले 10 सालों में इस शेयर ने निवेशकों को लगभग 4,595 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। मंगलवार दोपहर कंपनी का शेयर बीएसई पर लगभग 1,571 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बिजली वितरण नेटवर्क के डिजिटलीकरण और स्मार्ट मीटरिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए यह अधिग्रहण अडानी एनर्जी (Adani Energy Solutions) के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। आने वाले सालों में स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर में तेज विकास की उम्मीद है और इस डील के जरिए अडानी ग्रुप ने इस क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

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