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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/06/09/1200x900/Sn_1780989155348_1780989168513_421c1867-9989-440a-8e6d-43e0ccc666c9.jpgजब लता मंगेशकर ने मोहम्मद रफी के साथ गाने से इनकार कर दिया, तो एक ऐसी सिंगर सामने आई, जिसकी आवाज काफी हद तक लता मंगेशकर जैसी ही थी। ज्यादातर लोगों को यही लगता कि ये गाना लता जी ने गाया है।
कल्पना कीजिए एक ऐसी गायिका की, जिसने इंडस्ट्री को 850 से ज्यादा गाने दिए; हालांकि ज्यादातर का क्रेडिट लता मंगेशकर को दे दिया गया। बावजूद इसके कि इस सिंगर ने इस गानों पर बहुत मेहनत की थी, क्रेडिट में म्यूजिक कंपनियां उनका नाम नहीं देना चाहती थीं। हम बात कर रहे हैं सिंगर सुमन कल्यानपुर की। सुमन का सिक्का उस वक्त चमका जब रॉयल्टी इश्यूज के चलते लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने साथ गाने से इनकार कर दिया। इंडस्ट्री को एक ऐसी सिंगर चाहिए थी, जिसकी आवाज काफी हद तक लता मंगेशकर की आवाज जैसा फील देती हो।
रफी साहब के साथ गाए 140 से ज्यादा गाने
कम लोग जानते हैं कि रफी साहब के साथ मिलकर सुमन कल्यानपुर ने 140 से ज्यादा गाने मोहम्मद रफी के साथ ड्यूएट में रिकॉर्ड किए थे। लगभग ये सभी गाने सुपरहिट रहे और ज्यादातर को आपने कभी न कभी जरूर सुना होगा। ये गाने इतने पसंद किए गए कि इनमें से ज्यादातर आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में जगह बनाए हुए हैं। फिल्म ब्रह्मचारी का ‘आज कल तेरे प्यार के चर्चे हर बाजार में’ और ‘राजकुमार’ मूवी का ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ जैसे तमाम गाने थे जिनमें असल में सुमन जी की आवाज थी।
जान बूझकर क्रेडिट खा जाती थीं कंपनियां
हालांकि जब ये गाने रिलीज होते थे तो ज्यादातर लोग सुमन जी और लता मंगेशकर की आवाज में कनफ्यूज हो जाया करते थे। जिन्हें जानकारी नहीं थी उनकी बात तो एक तरफ, लेकिन तब के मशहूर रेडियो स्टेशन्स जैसे रेडियो सिलॉन और म्यूजिक कंपनियां जान बूझकर क्रेडिट में सुमन जी का नाम हटाकर वहां पर सुमन जी का नाम डाल दिया करती थीं। वजह यह थी कि लता मंगेशकर तब एक बहुत बड़ा नाम थीं और उनके नाम से म्यूजिक कैसेट धड़ाधड़ बिक जाया करते थे, लेकिन सुमन जी को उतने लोग नहीं जानते थे।
साल 2023 में मिला था पद्मभूषण सम्मान
सुमन कल्यानपुर के साथ होने वाले अन्याय का सिलसिला यहीं पर खत्म नहीं हुआ। सुमन जी को न तो आज तक कोई नेशनल अवॉर्ड मिला और न ही कोई फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। लेकिन जब उनकी उम्र हो गई तब साल 2023 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। मालूम हो कि भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में सिंगर्स के साथ होने वाले अन्याय के बारे में कई बार बड़े सिंगर्स भी आवाज उठा चुके हैं। अरिजीत सिंह ने भी अपने प्लेबैक सिंगिंग छोड़कर इंडिविजुअल म्यूजिक बनाने के पीछे यही वजह बताई थी कि वह अपनी तरह से काम करना चाहते हैं।
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