Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- सरकारी रेलवे फाइनेंस कंपनी का जुलाई-सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10% बढ़कर 1,958.48 करोड़ रुपये हो गया
- पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 1,776.98 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था
- कंपनी ने नतीजों के साथ ही अब तक के सबसे बड़े अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है
IRFC Q2 Results: इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। सरकारी रेलवे फाइनेंस कंपनी का जुलाई-सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10% बढ़कर 1,958.48 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 1,776.98 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। कंपनी ने नतीजों के साथ ही अब तक के सबसे बड़े अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है। IRFC की कमाई में भी तिमाही के दौरान बढ़ोतरी देखने को मिली। कंपनी का नेट रेवेन्यू बढ़कर 7,866.41 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, पिछले साल की समान तिमाही में यह 6,371.89 करोड़ रुपये था।
शेयरधारकों को मिलेगा 1.15 रुपये का डिविडेंड
IRFC के बोर्ड ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 1.15 रुपये के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। कंपनी के मुताबिक, यह अब तक घोषित उसका सबसे बड़ा डिविडेंड है। इससे कंपनी के शेयरधारकों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, डिविडेंड पाने के लिए निवेशकों का रिकॉर्ड डेट के नियमों के तहत पात्र होना जरूरी है।
23 अक्टूबर है डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट
IRFC ने अंतरिम डिविडेंड के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इस तारीख तक कंपनी के रिकॉर्ड में जिन निवेशकों के नाम एलिजिबल शेयरधारकों के तौर पर दर्ज होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। कंपनी ने बताया है कि डिविडेंड की घोषणा की तारीख से 30 दिनों के भीतर एलिजिबल शेयरधारकों को भुगतान कर दिया जाएगा।
IRFC के शेयर में गिरावट जारी
IRFC का शेयर गुरुवार, 15 अक्टूबर को 0.94% गिरकर 79 रुपये पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर ने 78.56 रुपये का निचला स्तर और 80.21 रुपये का हाई लेवल छुआ। कंपनी का मार्केट कैप करीब 1.03 लाख करोड़ रुपये रहा। तिमाही नतीजों और डिविडेंड के ऐलान के बावजूद शेयर में खास तेजी देखने को नहीं मिली।
एक साल में करीब 37% टूट चुका है शेयर
IRFC के शेयर पर पिछले कुछ महीनों से दबाव बना हुआ है। पिछले तीन महीनों में इसमें करीब 11% और छह महीनों में लगभग 22% की गिरावट आई है। वहीं, एक साल के दौरान शेयर करीब 36.70% टूट चुका है। ऐसे में कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी और रिकॉर्ड डिविडेंड के बावजूद निवेशकों की नजर अब शेयर की चाल और आने वाले कारोबारी सेशंस पर रहेगी।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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