Home rss business hindi 10 और 20 रुपये के नोटों पर बड़ा अपडेट, RBI ने बनाया...

10 और 20 रुपये के नोटों पर बड़ा अपडेट, RBI ने बनाया मेगा प्लान!

6
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है
  • खास बात यह है कि इन नए नोटों का साइज पहले की तरह ही रखा जाएगा
  • इसका मकसद बैंकों को ATM मशीनों में बदलाव करने के भारी खर्च से बचाना है

RBI Polymer Notes: 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोट पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का मेगा प्लान है। RBI जल्द ही 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है। खास बात यह है कि इन नए नोटों का साइज पहले की तरह ही रखा जाएगा। इसका मकसद बैंकों को ATM मशीनों में बदलाव करने के भारी खर्च से बचाना है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2027 से हो सकती है। फिलहाल RBI इस योजना की तैयारी कर रहा है। आइए जानते हैं डिटेल में…

ATM मशीनों में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी

दरअसल, अगर नए नोटों का साइज पहले से अलग होता, तो बैंकों को ATM मशीनों में कई बदलाव करने पड़ते। इसके लिए कैश रखने वाले बॉक्स (कैसेट), नोट पहचानने वाले सेंसर और मशीनों की सेटिंग बदलनी पड़ती। साथ ही इंजीनियरों को बुलाकर मशीनों को दोबारा ठीक से सेट करना पड़ता। एक सरकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अगर नए पॉलिमर नोटों का साइज पहले जैसा ही रहता है, तो बैंकों को ATM में बदलाव पर शुरुआती खर्च नहीं करना पड़ेगा। इससे बैंकों के करोड़ों रुपये बच सकते हैं।

पहले भी ATM में बदलाव पर खर्च हुए थे 100 करोड़ रुपये

रिपोर्ट के मुताबिक, जब देशभर में नए 100 और 200 रुपये के नोट जारी किए गए थे, तब करीब 2.4 लाख ATM मशीनों में बदलाव करना पड़ा था। इस पूरी प्रक्रिया पर ATM इंडस्ट्री का करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हुआ था। उदाहरण से समझें तो अगर किसी बैंक के पास 8,500 ATM हैं, तो हर मशीन को दोबारा सेट करने पर करीब 2.5 लाख रुपये का खर्च आ सकता है। इस हिसाब से बैंक का कुल खर्च करीब 21.25 करोड़ रुपये होगा। ऐसे में नोटों का साइज पहले जैसा रखने से बैंकों को इस खर्च से राहत मिल सकती है।

पॉलिमर नोटों के लिए मिलीं 6 कंपनियों की बोलियां

पॉलिमर नोट बनाने की तैयारी भारतीय रिजर्व बैंक की पूरी तरह से स्वामित्व वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) कर रही है। इस काम के लिए अब तक 6 कंपनियों ने अपनी बोलियां जमा की हैं। इनमें भारत की पॉलिमर साइंस कंपनी यूफ्लेक्स (Uflex) भी शामिल है, जिसने अमेरिका की स्पेक्ट्रा सिस्टम्स (Spectra Systems) के साथ मिलकर बोली लगाई है।

मटेरियल पर खास तरह की कोटिंग

टेंडर के मुताबिक, 68,000 रीम BOPP (बायएक्सियली ओरिएंटेड पॉलीप्रोपाइलीन) मटेरियल की जरूरत होगी। इसमें 34,000 रीम 10 रुपये के नोट और 34,000 रीम 20 रुपये के नोटों के लिए रखी गई हैं। इस मटेरियल पर खास तरह की कोटिंग होगी, जिससे नोटों की छपाई अच्छी तरह हो सके और स्याही ठीक से चिपकी रहे। इसके अलावा इसमें एंटी-स्टैटिक कोटिंग भी जरूरी होगी।

पॉलिमर नोटों में जानवरों से मिलने वाला पदार्थ नहीं होगा

टेंडर में एक और खास शर्त रखी गई है। इसके मुताबिक, नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले मटेरियल में जानवरों की चर्बी (एनिमल टैलो) या उससे मिलने वाला DNA नहीं होना चाहिए। कंपनियों को इस शर्त का पालन करना होगा।

कागज के नोटों से ज्यादा चल सकते हैं पॉलिमर नोट

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अगस्त में बताया था कि पॉलिमर नोट सामान्य कागज के नोटों के मुकाबले 2 से 4 गुना ज्यादा समय तक चल सकते हैं। हालांकि, भारत में इन्हें बड़े स्तर पर जारी करने से पहले अलग-अलग मौसम और रोजमर्रा के इस्तेमाल में इनकी मजबूती की जांच की जाएगी। सरकार ने 10 रुपये और 20 रुपये के एक-एक अरब पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दी है। इस ट्रायल के जरिए देखा जाएगा कि भारतीय मौसम और इस्तेमाल की परिस्थितियों में ये नोट कितने टिकाऊ साबित होते हैं।

कई देशों में पहले से इस्तेमाल हो रहे हैं पॉलिमर नोट

पॉलिमर नोट दुनिया के कई देशों में पहले से चल रहे हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश था, जिसने 1988 में पॉलिमर करेंसी की शुरुआत की थी। फिलहाल भारत में भी इन नोटों को लेकर तैयारी चल रही है। अगर ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में पॉलिमर नोटों को बड़े स्तर पर जारी करने पर फैसला लिया जा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN